
✍️ भागीरथी यादव
कांकेर, 31 जनवरी।
महादेव ऑनलाइन सट्टा गिरोह से कथित संबंधों को लेकर कांकेर पुलिस के प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय पर गाज गिर गई है। कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेजा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय पांडेय वर्तमान में जिले की डीसीबी/डीसीआरबी शाखा में पदस्थ था।
सूत्रों के अनुसार, प्रधान आरक्षक विजय पांडेय बीते कुछ समय से राजनांदगांव जिले में सक्रिय रहकर अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के संपर्क में था। उसकी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के खुफिया तंत्र को मिली, जिसके बाद खुफिया प्रमुख अमित कुमार द्वारा संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने की चर्चा है। इसी इनपुट के बाद कांकेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
दुबई यात्रा और ईडी जांच में आया था नाम
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह खुलासा हो चुका है कि विजय पांडेय बिना विभागीय अनुमति के दुबई गया था। बताया गया कि दुबई में वह महादेव सट्टा एप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर के आतिथ्य में ठहरा था। इस खुलासे के बाद से ही वह लगातार विवादों में घिरा हुआ था।
वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी के भी आरोप
सूत्र यह भी बताते हैं कि विजय पांडेय की प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों से नजदीकी मानी जाती है। जानकारी के मुताबिक, वह पिछले एक सप्ताह से राजनांदगांव में अवैध कारोबारियों से मुलाकात कर रहा था और बैठकों में अवैध गतिविधियों से जुड़े संभावित प्लान पर चर्चा की जा रही थी। इन सभी गतिविधियों की रिपोर्ट खुफिया विभाग द्वारा उच्च स्तर पर भेजी गई थी।
एसपी के निलंबन आदेश में क्या कहा गया
पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि प्रधान आरक्षक विजय कुमार पांडेय को कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, कांकेर रहेगा तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने के पात्र होंगे।
इसके साथ ही एसपी ने मामले की प्राथमिक जांच के आदेश देते हुए 7 दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।






