
✍️ भागीरथी यादव
बीजापुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनुपम दृश्य देखने को मिला। ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि भोपालपटनम में पारंपरिक दक्षिण भारतीय पद्धति से आयोजित शिव-विवाह समारोह मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
महादेव घाट पर उमड़ा जनसैलाब
जिला मुख्यालय स्थित महादेव घाट और पुराने शिव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई। दिनभर रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष पूजन कार्यक्रमों का क्रम चलता रहा।
भोपालपटनम में दक्षिण भारतीय परंपरा से शिव-विवाह
सीमावर्ती नगर भोपालपटनम में महाशिवरात्रि का पर्व विशिष्ट धार्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। यहाँ भगवान शिव और माता पार्वती का पारंपरिक दक्षिण भारतीय पद्धति से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर इस दिव्य अनुष्ठान में भाग लिया और शिव-पार्वती विवाह के साक्षी बनकर पुण्य अर्जित किया।
पड़ोसी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु
भोपालपटनम की भौगोलिक स्थिति के कारण इस आयोजन में महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मेले में पूजा सामग्री, खिलौने, खान-पान की दुकानों और बच्चों के लिए झूलों ने उत्सव में अतिरिक्त रंग भर दिया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा।
सुरक्षा और व्यवस्था रही चाक-चौबंद
आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किए थे। पुलिस बल की तैनाती और सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते दिनभर और देर रात तक चले कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुए।
महाशिवरात्रि का यह उत्सव जिले में धार्मिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक आस्था का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।





