
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर,
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई में जुट गई है। मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 से 16 नवंबर 2025 तक राज्य में कुल 19,320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट, टास्कफोर्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगरानी लगातार बढ़ाई गई है।
सबसे ज्यादा जब्ती महासमुंद में
मार्कफेड के अनुसार सीमावर्ती जिलों में सर्वाधिक धान महासमुंद जिले में 4,266 क्विंटल जब्त किया गया। इसके बाद—
बलरामपुर – 4,139 क्विंटल
सूरजपुर – 1,750 क्विंटल
रायगढ़ – 1,201 क्विंटल
जशपुर – 1,157 क्विंटल
जीपीएम – 967 क्विंटल
कोंडागांव – 869 क्विंटल
इसके अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों में धान जब्ती की कार्रवाई की गई है।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से त्वरित कार्रवाई
मार्कफेड के कंट्रोल सिस्टम से मिले अलर्ट पर कोंडागांव जिले में 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान जब्त किया गया। त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम और सीमावर्ती इलाकों में कड़ी निगरानी के चलते अवैध आमद पर प्रभावी रोक लगाई जा रही है।
त्रिशूली में मिली 222 कट्टा अवैध धान—88.8 क्विंटल की जब्ती
रात्रि गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली (थाना सनवाल) में अशोक सिंह के घर के बाहर बने शेड से 222 कट्टा, यानी 88.8 क्विंटल धान बरामद किया गया। विवाद की आशंका को देखते हुए दिन में तहसीलदार, थाना प्रभारी, महिला पुलिस और मंडी कर्मचारियों की उपस्थिति में विधिवत जब्ती की कार्रवाई की गई।
शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस, जिला प्रशासन और मार्कफेड मिलकर अवैध परिवहन पर सतत निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि रियल-टाइम मॉनिटरिंग से धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा रहा है।






