
✍️ भागीरथी यादव
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ जिला न्यायाधीशों और सिविल जजों के तबादलों को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। यह कदम न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
हायर ज्यूडिशियल सर्विस में बदलाव
हाई कोर्ट के आदेश के तहत हायर ज्यूडिशियल सर्विस में कई महत्वपूर्ण तबादले किए गए हैं। डॉ. ममता भोजवानी को कोरबा में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरिता दास को मनेंद्रगढ़ में द्वितीय जिला न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं रश्मि नेताम का दुर्ग से धमतरी और श्रुति दुबे का मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर स्थानांतरण किया गया है।
इसके अलावा अमित राठौर को सारंगढ़ तथा यशोदा नाग को कोंडागांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है।
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के तबादले
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) संवर्ग में भी प्रशासनिक आधार पर व्यापक फेरबदल हुआ है। खुशबू जैन का महासमुंद से गरियाबंद, प्रणव वैद्य का धमतरी से बिलासपुर और लव कुमार लहरे का कोरबा से रामानुजगंज तबादला किया गया है। वहीं सुनिति नेताम को कांकेर से सारंगढ़ पदस्थ किया गया है।
नई पदस्थापना और नियुक्तियां
हाई कोर्ट के आदेशानुसार सागर चंद्राकर को कटघोरा में पदस्थ किया गया है, जबकि गीतांजलि कश्यप का महासमुंद से बिलासपुर तबादला किया गया है। राजधानी रायपुर में प्रज्ञा सिंह, सुहासिनी ठाकुर, चंद्रप्रताप सिंह और प्रीति पालीवाल को नई न्यायिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
हाई कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था में गति लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।






