
✍️ भागीरथी यादव
कोलकाता/बोनगांव।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को बोनगांव में आयोजित विशाल रैली से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सबसे बड़ा राजनीतिक वार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं, बल्कि ‘BJP कमीशन’ बन चुका है।
SIR प्रक्रिया को बताया ‘आपदा’
ममता बनर्जी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के बहाने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गलत तरीके से बदलाव किए जा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“अगर बंगाल में मुझे कमजोर करने की कोशिश की गई, अगर मुझे चोट पहुंचाई गई, तो मैं पूरे भारत में BJP की नींव हिला दूंगी।”
मुख्यमंत्री ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर हाल ही में जारी दो चुनाव निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि आयोग के फैसले एक राजनीतिक दल के हित में उठाए जा रहे हैं।
“SIR लागू होते ही समझ आएगा, यह BJP-निर्मित आपदा है”
ममता ने दावा किया कि मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर लाखों लोगों को नागरिकता के आधार पर गलत तरीके से ‘इनवैलिड’ घोषित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा—
“नरेंद्र मोदी जिस 2024 की मतदाता सूची पर चुने गए, अगर आज वह अमान्य है, तो उनका चुनाव भी इनवैलिड होना चाहिए।”
उन्होंने जनता से अपील की—
“डरने की जरूरत नहीं। जब तक मैं हूं, कोई तुम्हें हटाने की हिम्मत नहीं करेगा।”
“BJP पैसा खर्च कर ले, लोग पैसे लेंगे लेकिन वोट नहीं देंगे”
ममता ने कहा कि भाजपा उनका राजनीतिक मुकाबला नहीं कर सकती, इसलिए एजेंसियों और प्रशासनिक हस्तक्षेप का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा—
“मेरे रास्ते रोकोगे तो मैं अपना रास्ता खुद बना लूंगी। मैंने सिंगूर के किसानों के लिए 26 दिन अनशन किया था, मैं पीछे हटने वालों में से नहीं हूं।”
बिहार का उदाहरण देकर BJP पर तंज
ममता ने दावा किया कि बिहार में चुनाव परिणाम SIR प्रक्रिया से प्रभावित थे और विपक्ष वहां भाजपा की चाल समझ नहीं पाया। वह बोलीं—
“अगर SIR दो-तीन साल में किया जाए तो सरकार सहयोग देगी, लेकिन चुनाव से ठीक पहले इसका उद्देश्य साफ है।”
BJP का पलटवार
राज्य BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता के आरोपों को राजनीतिक शोर बताते हुए कहा—
“SIR राष्ट्रीय प्रक्रिया है, यह 12 राज्यों में चल रहा है। पूरा भारत इसका पालन कर रहा है, पर ममता बनर्जी क्यों परेशान हैं?”
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में एक महिला का नाम 8 अलग-अलग जगहों पर वोटर लिस्ट में पाया गया, इसलिए सुधार आवश्यक है।








