
छह घंटे तक चला आंदोलन, सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों मजदूर
✍️ सुशील जायसवाल की रिपोर्ट
रानी अटारी (कोरबी चोटिया)।
रानी अटारी विजय वेस्ट कोयला खदान में कार्यरत ठेका मजदूरों के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार उनकी मांगों पर प्रबंधन को झुकना पड़ा। शनिवार, 11 अक्टूबर को मजदूरों ने अपने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर खदान के मुख्य द्वार को बंद कर उत्पादन और परिवहन कार्य पूरी तरह ठप्प कर दिया। यह आंदोलन करीब छह घंटे तक चला, जिसके बाद एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी जेएमएस प्राइवेट लिमिटेड ने मजदूरों की सभी वाजिब मांगों पर लिखित आश्वासन दिया।

आंदोलन का नेतृत्व सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी ने किया, जिनके साथ क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सरपंच, पूर्व जनपद सदस्य और ग्रामीण भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि मजदूरों के हितों को लेकर पिछले कई महीनों से प्रशासन और प्रबंधन को अवगत कराया जा रहा था, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण मजदूरों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ा।

🔹 बैठक के बाद बनी सहमति — प्रमुख बिंदु
आंदोलन के बाद हुई बैठक में प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
वेतन भुगतान: जेएमएस कंपनी के अधीन सभी ठेका मजदूरों को निर्धारित दर से वेतन सीधे बैंक खातों में दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था: खदान में माइन्स एक्ट व रेगुलेशन के तहत सभी सुरक्षा प्रावधानों का पालन अनिवार्य रहेगा।
बीटीसी प्रशिक्षण: बिना बीटीसी प्रशिक्षण के किसी मजदूर से कार्य नहीं कराया जाएगा।
सुरक्षा किट वितरण: सभी मजदूरों को गमबूट, हेलमेट, ग्लव्स व सेफ्टी किट दी जाएगी।
सुविधाएं: मजदूरों को गुड़, साबुन, गमछा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
भू-धसान मुआवजा: पशु हानि के मामलों में 15 दिनों के भीतर सत्यापन कर मुआवजा दिया जाएगा।
पेयजल व्यवस्था: प्रभावित क्षेत्र विशेषकर केंदई ग्राम में एसईसीएल द्वारा पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
कैंटीन व्यवस्था: कैंटीन कर्मियों के वेतन व अन्य मुद्दों पर जेएमएस कंपनी शीघ्र कार्रवाई करेगी।
साइन बोर्ड: वेतन दर संबंधी साइन बोर्ड तत्काल लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधा: खदान परिसर में 24 घंटे एम्बुलेंस सेवा सुनिश्चित की जाएगी।
🔹 आंदोलन के बाद संतोष
आंदोलन के समाप्त होने के बाद जनपद सदस्य संतोष मरावी एवं मजदूरों ने प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन पर संतोष जताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि यदि वादे पूरे नहीं हुए, तो वे पुनः आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी ने कहा —
> “मजदूरों के हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी, चाहे इसके लिए हमें किसी भी स्तर तक जाना पड़े।”
बैठक के अंत में उप क्षेत्रीय प्रबंधक जे.एम. साहू (एसईसीएल) और तहसीलदार वीरेंद्र कुमार श्याम (पसान) की मौजूदगी में मजदूरों की मांगों पर सहमति बनी और लिखित आश्वासन पत्र सरपंच संघ अध्यक्ष प्रताप सिंह मरावी व अन्य जनप्रतिनिधियों को सौंपा गया।
📍 रानी अटारी विजय वेस्ट कोयला खदान परिसर अब सामान्य स्थिति में लौट आया है, लेकिन मजदूरों ने साफ कहा है कि वादे पूरे न होने पर संघर्ष फिर शुरू होगा।






