
✍️ भागीरथी यादव
चिरमिरी के दादू लाहिड़ी चौक सोनावनी के समीप निर्मित मंगल भवन आज बदहाली की स्थिति में पहुंच गया है। भवन के भीतर गौवंश घूमते नजर आ रहे हैं और फर्श पर फैला गोबर इस बात का संकेत देता है कि इमारत लंबे समय से बंद और उपेक्षित पड़ी है।
जानकारी के अनुसार इस मंगल भवन का निर्माण कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले एसईसीएल से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लेने के कारण कंपनी द्वारा आपत्ति दर्ज की गई और कार्य पर रोक लग गई। इसके बाद भवन अधूरा ही रह गया।
करीब 3 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार द्वारा लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है। भुगतान अटकने के कारण निर्माण आगे नहीं बढ़ सका। वर्तमान में भवन के दरवाजे-खिड़कियां तक उखाड़े जा रहे हैं। न तो कोई सुरक्षा व्यवस्था है और न ही किसी विभाग की नियमित निगरानी। परिणामस्वरूप करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस भवन पर एसईसीएल ने रोक लगाई है, उसके ठीक पीछे राजपूत भवन संचालित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अन्य भवनों का निर्माण संभव है तो आम जनता के उपयोग के लिए बनाए गए मंगल भवन पर ही रोक क्यों कायम है।
वर्तमान में प्रदेश में भाजपा सरकार है और मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कर रहे हैं, इसके बावजूद भवन अब तक जनता के उपयोग में नहीं आ सका है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन एवं संबंधित विभाग इस मामले में स्पष्ट पहल करें, स्टे की स्थिति स्पष्ट करें और भवन को शीघ्र पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जाए।






