
✍️ भागीरथी यादव
गोरखपुर।
जिले में 23 नवंबर को सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने सभी को हैरान कर दिया। जंगल रसूलपुर गांव में अपनी चचेरी बहन की शादी में आई शादीशुदा युवती शिवानी का शव उसके मायके के बाथरूम में मिला था। गले पर गहरे कटाव और संघर्ष के निशान साफ़ बता रहे थे कि मौत बेहद दर्दनाक रही होगी।
अब पुलिस ने इस क्रूरतम हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी विनय निशाद उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया सच बेहद चौंकाने वाला है—विनय ने स्वीकार किया कि शिवानी उसके साथ रहने की जिद कर रही थी, इसी डर और दबाव में उसने उसकी हत्या कर दी।
—
कैसे परत-दर-परत खुला मर्डर का राज
1. शादी के वीडियो में पहला सुराग
तफ्तीश के दौरान पुलिस ने शादी की रिकॉर्डिंग दोबारा देखी। रात लगभग 10 बजे जयमाला के समय फुटेज में विनय, शिवानी के पास दिखाई देता है। इसके बाद दोनों अचानक शादी की भीड़ से गायब हो जाते हैं। यहीं से पुलिस को पहला शक हुआ।
2. कॉल डिटेल ने खोली चैटिंग की रात
कॉल रिकॉर्ड चेक किए गए तो पता चला कि विनय और शिवानी देर रात तक लगातार बात कर रहे थे। यह बात पुलिस की आशंका को और मजबूत कर गई।
3. डॉग स्क्वॉड सीधे आरोपी के घर तक पहुंचा
डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस घटनास्थल से निकला सुराग पकड़ते हुए सीधे विनय के घर तक पहुंच गई। इससे जांच टीम का शक लगभग पुख्ता हो गया।
4. हत्या का हथियार—हंसिया बरामद
कड़ाई से पूछताछ पर विनय टूट गया और कबूल किया कि उसने शिवानी का गला हंसिया से काटा। बाद में पुलिस ने वह हंसिया भी आरोपी के बताए स्थान से बरामद कर लिया।
—
आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा
पहले विनय ने भावनात्मक कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की—
“मैं शिवानी से बेइंतहा प्यार करता हूँ, उसे नुकसान पहुंचाने का सवाल ही नहीं उठता।”
लेकिन जब जांच टीम ने सबूतों के साथ उसे घेरा तो वह ढह गया।
उसने बताया—
“वह शादी के बाद भी मेरे साथ रहने की जिद कर रही थी… इसी दबाव में मैंने उसे मार डाला।”
रात करीब 2 बजे, लगातार बातचीत के बाद, उसने बाथरूम में शिवानी का गला रेतकर हत्या कर दी।
—
जांच जारी, और सुरागों की तलाश
पुलिस अब शादी स्थल, फोन लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्डिंग और घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि चार्जशीट में कई और तकनीकी साक्ष्य शामिल किए जाएंगे।
—
गोरखपुर का यह मामला न सिर्फ प्रेम संबंधों में टूटन और आपसी तनाव का भयावह रूप दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अपराध कितना भी चालाकी से किया जाए—सच आख़िरकार सामने आ ही जाता है।








