
सुशील जायसवाल
कोरबा (कोरबी–मोरगा)।
जिले के सुदूर वनांचल एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के केंदई स्थित स्वामी भजनानंद वनवासी सेवा आश्रम में सोमवार को 51 जनजातीय जोड़ों का सामूहिक विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। सेवा और सामाजिक सहयोग की भावना से आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और विभिन्न राज्यों से आए धर्मपालकों ने सहभागिता की।
आर्थिक सहयोग और सम्मानजनक शुरुआत
आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व में सहयोग प्रदान करना रहा। सामूहिक विवाह के माध्यम से नवदंपतियों को सम्मानजनक जीवन की शुरुआत का अवसर मिला, वहीं सामाजिक एकता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी प्रसारित हुआ।
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से धर्मपालक शामिल हुए। अमेरिका और लंदन से आए श्रद्धालुओं ने भी कन्यादान कर आयोजन में सहभागिता निभाई, जिससे समारोह का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तृत हुआ।
सेवा गतिविधियों का निरंतर विस्तार
आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर भजनानंद सरस्वती का केंदई क्षेत्र से विशेष जुड़ाव रहा है। वर्तमान में महामंडलेश्वर हरिहरानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में आश्रम द्वारा धार्मिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
शिक्षा और खेल को प्रोत्साहन
आश्रम परिसर में युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु मल्लखंभ प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है तथा तीरंदाजी प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।
केंदई में विगत 45 वर्षों से आयोजित विष्णु महायज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में संपन्न यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता, सेवा भावना और एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।






