कोरबा।बालगोपाल श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव समिति कोरबा द्वारा आगामी 16 अगस्त को पुराना बस स्टैंड कोरबा में पहली बार भव्य मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 15 फीट ऊँचाई पर लटकी मटकी को फोड़ने के लिए टीमें अपनी ताकत और रणनीति दिखाएंगी।
विजेता टीम को ₹11,000, उपविजेता को ₹5,100 और तृतीय स्थान पर आने वाली टीम को ₹3,100 का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे श्री नूतनसिंह ठाकुर (सभापति, नगर पालिका निगम कोरबा) और विशिष्ट अतिथियों में श्री सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल(कार्यसमिति सदस्य, छ ग प्रदेश कांग्रेस कमेटी), श्रीमती सुलोचना भोलू यादव(पार्षद वार्ड नं 12 नपानी कोरबा), श्री टामेश अग्रवाल(पार्षद वार्ड नं 5 नपानी कोरबा) और श्री तेजप्रताप सिंह शामिल होंगे।(पार्षद बाक़ीमोगरा,कोरबा)
आयोजकों ने कोरबा व आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से आग्रह किया है कि वे परिवार सहित पहुँचकर इस धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लें। एवं कार्यक्रम में बढ़चढकर हिस्सा ले
कोरबा पुराना बस स्टैंड में जन्माष्टमी पर मटका फोड़ प्रतियोगिता का होगा आयोजन, विजेता को मिलेगा ₹11,000 का इनाम..
गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं में गिरने से तेंदुए की मौत, वन विभाग जांच में जुटा
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोनहीडबरी में एक तेंदुए की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, गांव से लगे खेत में बने एक खुले कुएं में ग्रामीणों ने तेंदुए को पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ रात के समय शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया होगा और अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या शिकार का पीछा करते हुए खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। गरियाबंद के वन मंडलाधिकारी (DFO) शासिगानंदन स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उनकी निगरानी में ही तेंदुए के शव को सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला गया। वन विभाग ने तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इलाके में शिकारियों द्वारा कोई जाल तो नहीं बिछाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






