
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है। युथ मुस्लिम कमेटी कोरबा ने आरोप लगाया है कि जिले में कुछ असामाजिक तत्व ‘स्लीपर सेल’ की तरह सक्रिय होकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। कमेटी ने इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
फर्जी हस्ताक्षर और फॉर्म का खेल
युथ मुस्लिम कमेटी को विभिन्न मदरसा, मस्जिद कमेटियों और समाज के लोगों से शिकायत मिली है कि कुछ मौकापरस्त लोग इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोप है कि छलपूर्वक और अवैध तरीके से विभागों में फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म भरे जा रहे हैं, ताकि मुस्लिम समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से विलोपित (हटाए) किए जा सकें।
धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश
कमेटी के सदस्यों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि:
“असामाजिक तत्वों ने निर्वाचन प्रक्रिया जैसी पारदर्शी व्यवस्था में भी नफरत के बीज बोने का प्रयास किया है। कोरबा के शांत और भाईचारे वाले माहौल को खराब करने के लिए एक विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है।”
कमेटी ने ऐसे तत्वों को समाज और भविष्य के लिए खतरा बताते हुए उनके विरुद्ध आतंकी धाराओं के समान सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें:
मंशा की जांच: फर्जी तरीके से नाम कटवाने का आवेदन देने वाले व्यक्तियों की वैधता और उनकी मंशा की गहन जांच हो।
तत्काल FIR: अवैध प्रक्रियाओं का सहारा लेने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
नामों की वापसी: एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन मुस्लिम मतदाताओं के नाम कट गए हैं, उनकी पुन: जांच कर नाम जोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें मक़बूल ख़ान, मुस्लिम ठेकेदार, अमीन शेखानी, यूनुस मेमन, शमशुद्दीन, आवेश क़ुरैशी, मिर्ज़ा आशिफ़ बेग (निशू), वसीम, हाजी मोहशीन मेमन, सरिक, ज़िशान, अदनान, इस्तेखार, इज़हार, शाहनवाज़, रेहान, नूर आलम, साहिल हैदर, साहिल मेमन, समीर, फ़िरोज़, अशफ़ाक़ सहित अन्य सदस्य शामिल थे।






