
मनेंद्रगढ़/झगड़ाखांड। एमसीबी ग्राम पंचायत नेऊर निवासी बुद्धसेन सिंह (पुत्र स्व. भोला सिंह) ने थाना झगड़ाखांड में एक गंभीर मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि समीर बस हास के मालिक सैफ ने उनके नाबालिग भांजे दिनेश सिंह (14 वर्ष) से अवैध रूप से खलासी का काम कराया।
परिजनों के बार-बार मना करने के बावजूद भी बस मालिक ने नाबालिग से मजदूरी कराना जारी रखा। मई माह में ग्राम कोड़ा में एक शादी समारोह के दौरान सामान उतारते समय दिनेश सिंह हाईटेंशन तार की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना की सूचना परिवार को नहीं दी गई और न ही तत्काल इलाज की व्यवस्था की गई। बस मालिक ने घटना को दबाने और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की।
बुद्धसेन सिंह के अनुसार, जब वे मनेंद्रगढ़ अस्पताल पहुंचे, तो उनका भांजा वहां नहीं मिला। बाद में पता चला कि दिनेश अपने जीजा और बहन के साथ भरतपुर में है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद तीनों रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। करीब 20–25 दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार ने पुलिस और मीडिया से गुहार लगाई।
शिकायत के एक सप्ताह बाद किसी अनजान नंबर से जीजा और बहन का फोन आया कि “हम लोग रायपुर में हैं।” इस सूचना के बाद पत्रकार सुनील शर्मा ने मामले को गंभीरता से उठाया और कोरिया जिले के सीएचएमओ प्रशांत सिंह से संपर्क किया।
सीएचएमओ ने रायपुर से एंबुलेंस भेजकर पीड़ित को झिजकोली (थाना कोटाडोल) पहुंचवाया।
पत्रकार की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
16 अक्टूबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले का स्वयं संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एंबुलेंस भेजकर दिनेश को मनेंद्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।
थाना कोटाडोल प्रभारी ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए और मेडिकल परीक्षण भी कराया।
इस बीच, पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि बस मालिक सैफ लगातार दबाव बनाकर बच्चे को अस्पताल से हटवाने की कोशिश कर रहा है।
परिवार का कहना है कि बच्चे का पिता पोलियो से ग्रसित है और घर में वही एक कमाने वाला सदस्य था, जो अब जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
18 सितंबर को शिकायत दर्ज होने के बावजूद बस मालिक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर कब तक पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाता है।






