
बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लालच ने इंसानियत और खून के रिश्तों को कुचल दिया। यहां एक सगे मामा ने अपने ही तीन नाबालिग भांजे-भांजियों की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के लिए अपने जीवित जीजा को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित करा दिया।
मामला सकरी थाना क्षेत्र का है, जहां रायगढ़ निवासी मनीष कुमार शुक्ला के तीन नाबालिग बच्चों — शौर्य, परिनिधि और प्रतिभा — के नाम खसरा नंबर 258 की बहुमूल्य जमीन दर्ज थी। इसी जमीन पर नजर गड़ाए बैठा था बच्चों का सगा मामा अखिलेश पांडेय, जो जांजगीर-चांपा का निवासी है।
फर्जी मौत का खेल, सिस्टम पर भी सवाल
आरोपी अखिलेश पांडेय ने अपने सहयोगी अनुराग और अभिषेक पांडेय के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। मनीष शुक्ला को मृत बताकर फर्जी शपथ पत्र तैयार किए गए और 9 अक्टूबर 2023 को धोखाधड़ी से जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई।
चौंकाने वाली बात यह रही कि रजिस्ट्री और राजस्व विभाग ने बिना किसी ठोस सत्यापन के एक जीवित व्यक्ति को मृत मान लिया।
न्याय के लिए पिता की जंग
पीड़ित मनीष शुक्ला पिछले एक महीने से थानों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। आखिरकार उनकी शिकायत पर सकरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की आंच अब राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।
जनता के लिए बड़ा संदेश
यह मामला सिर्फ एक जमीन घोटाले का नहीं, बल्कि सिस्टम में मौजूद खामियों और रिश्तों में घुल चुके लालच की भयावह तस्वीर है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत दी है, बल्कि आम जनता में कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत किया है।





