
✍️ भागीरथी यादव
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित की जा रही नेशनल लोक अदालत का अंतिम सत्र आगामी 13 दिसंबर 2025 को पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित होगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में तालुका न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में एक साथ लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
लोक अदालत में ऐसे सभी राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति एवं सुलह-सम्मति के आधार पर किया जाएगा। अधिकतम मामलों के निपटारे के उद्देश्य से इस स्थापना अंतर्गत विभिन्न थानों में पदस्थ पैरा लीगल वॉलंटियर्स अपने-अपने क्षेत्रों में गांवों, कस्बों, नगरों तथा दूरस्थ अंचलों तक जाकर नेशनल लोक अदालत के लाभों की जानकारी दे रहे हैं।
इसके साथ ही लीगल एड मोबाइल वाहन तथा विभिन्न विभागों के भ्रमणशील वाहनों के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
इन प्रकार के मामलों का होगा निराकरण
नेशनल लोक अदालत में निम्न प्रकार के प्रकरणों को राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु नियत किया गया है—
दाण्डिक राजीनामा योग्य प्रकरण
चेक बाउन्स (धारा 138) के मामले
बैंक रिकवरी एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरण
मोटरयान अधिनियम से संबंधित मामले
भरण-पोषण (धारा 125) के प्रकरण
परिवार न्यायालय संबंधित विवाद
श्रमिक प्रकरण
भूमि विवाद
विद्युत संबंधी प्रकरण
जलकर, संपत्ति कर व टेलीफोन संबंधी विवाद
राजस्व प्रकरण
इन सभी मामलों में लोक अदालत के माध्यम से वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) अपनाते हुए पक्षकारों के बीच आपसी सहमति की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। इसके लिए न्यायालयों द्वारा अधिक से अधिक प्रकरणों का चिन्हांकन कर उन्हें लोक अदालत में रखा जा रहा है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
नेशनल लोक अदालत से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक नागरिक 07741-299950 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।






