बीजापुर में नक्सली आतंक: पामेड़ के एर्रापल्ली में युवक की बेरहमी से हत्या, गांव में दहशत

✍️ भागीरथी यादव 

 

बीजापुर।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा एक बार फिर सामने आई है। पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम एर्रापल्ली में बीती रात नक्सलियों ने एक 22 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी। मृतक की पहचान पूनेम बुधरा, पिता जोगा, के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों को उस पर पुलिस मुखबिरी का शक था, इसी संदेह के चलते उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

घटना 26 दिसंबर की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावर युवक के घर में घुसे, उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस खौफनाक घटना से घर के अन्य सदस्य और ग्रामीण दहशत में आ गए।

बताया जा रहा है कि पूनेम बुधरा पहले नक्सली गतिविधियों से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता अपनाया था और कुछ समय से अपने गांव में ही रह रहा था। इसी वजह से नक्सलियों को उस पर पुलिस मुखबिरी का संदेह था। हालांकि, इस संबंध में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

हत्या की सूचना मिलते ही पामेड़ थाना पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत गांव के लिए रवाना हुए। घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इलाके में नक्सलियों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीण सहमे हुए हैं और नक्सली हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी।

लगातार बढ़ रही हैं नक्सली वारदातें

गौरतलब है कि पामेड़ क्षेत्र में हाल के दिनों में नक्सली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते 7 दिसंबर को सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार इम्तियाज अली और उनके एक सहयोगी को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। जंगल की ओर ले जाते समय ठेकेदार का साथी किसी तरह भागकर नजदीकी सुरक्षा कैंप पहुंचा और घटना की सूचना दी थी।

इसके बाद बीजापुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अगले दिन सुबह जंगल से ठेकेदार इम्तियाज अली का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर पामेड़ एरिया कमेटी की ओर से जारी एक पर्चा भी मिला था, जिसमें सड़क निर्माण कार्य का विरोध दर्ज किया गया था।

लगातार हो रही इन घटनाओं से पामेड़ और आसपास के इलाकों में नक्सली दहशत एक बार फिर गहराती नजर आ रही है।

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