
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर, अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह फैसला प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव है। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को नई दिशा देगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम भी बनेगी।” उन्होंने इस निर्णय को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया।
ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी होगी पूरी
राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। नए शिक्षकों की नियुक्ति से विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की निरंतरता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा — शिक्षा में निवेश, भविष्य में निवेश
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है।”
शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की निरंतर पहल
पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार ने शिक्षा सुधार को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं — विद्यालय भवनों का निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री का प्रसार और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सशक्त बनाना शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर विद्यालय में योग्य शिक्षक हों और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले। वित्त विभाग की सहमति इस दिशा में एक बड़ा कदम है जो प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाएं प्रदान करेगा।”
‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में कदम
यह पहल प्रदेश सरकार की उस दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार बनाया गया है। शिक्षकों की यह नई भर्ती न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूती देगी, बल्कि ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।






