
✍️ भागीरथी यादव
जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महिला सशक्तीकरण केंद्र हब के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत चल रहा 16 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल बंजी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व जिला समन्वयक श्रीमती तारा कुशवाहा ने किया।
✦ लिंग आधारित एवं डिजिटल हिंसा पर छात्राओं को दी विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को लिंग आधारित हिंसा, डिजिटल हिंसा और लैंगिक भेदभाव के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था।
छात्राओं को बताया गया कि लिंग के आधार पर होने वाली हिंसा न केवल उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बाधित करती है, बल्कि उनके भविष्य और अवसरों को भी सीमित करती है।
ऑनलाइन अपराधों, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा डिजिटल हिंसा से बचाव के उपायों की जानकारी छात्राओं को विस्तार से दी गई।
इसके साथ ही 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन तथा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के महत्व से भी छात्राओं को अवगत कराया गया।
✦ अधिकारों, कानूनों और सरकारी योजनाओं पर विशेष सत्र
कार्यक्रम में छात्राओं को विभिन्न कानूनों और योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं—
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
सुकन्या समृद्धि योजना
सखी वन-स्टॉप सेंटर
घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005
दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006
पॉक्सो एक्ट
बालिकाओं के अधिकार, समान अवसर और सामाजिक चुनौतियों पर सारगर्भित चर्चा की गई। वीरांगनाओं के जीवन से प्रेरणा लेते हुए छात्राओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता को अपनी ताकत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
✦ ब्रोशर वितरण और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के अंत में योजनाओं से संबंधित ब्रोशर वितरित किए गए ताकि छात्राएं इन जानकारियों को अपने परिवार और समाज तक पहुंचा सकें। आयोजन में
मिशन शक्ति हब, सखी केंद्र, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बंजी हाई स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल छात्राओं के लिए जानकारीपूर्ण सिद्ध हुआ, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ।






