
✍️ भागीरथी यादव
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दूसरे दिन सिडनी में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के प्रमुख अड्डे एचएमएएस कुट्टाबुल का दौरा किया। उन्होंने एडमिरल हडसन जहाज पर सवार होकर सिडनी हार्बर की आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया और नौसेना की परिचालन क्षमताओं का जायजा लिया।
इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के सहायक रक्षा मंत्री पीटर खलील ने उनका स्वागत किया और फ्लीट बेस ईस्ट के जल दौरे में साथ रहे। राजनाथ सिंह को रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और संचालन से जुड़ी जानकारी दी गई।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा —
> “सिडनी में ऐतिहासिक और रणनीतिक नेवल बेस एचएमएएस कुट्टाबुल का दौरा किया। एडमिरल हडसन जहाज पर सिडनी हार्बर की शानदार सुविधाओं से परिचित हुआ। भारत-ऑस्ट्रेलिया नौसैनिक सहयोग को गहरा करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वित समुद्री क्षेत्र जागरूकता से दोनों देशों को लाभ होगा।”
एचएमएएस कुट्टाबुल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के प्रशासन, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स और आवास केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फ्लीट बेस ईस्ट का मुख्य संचालन केंद्र है, जो ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर नौसैनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
राजनाथ सिंह की यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें की थीं।
इन बैठकों में दोनों पक्षों ने सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग सहयोग, और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।








