
✍️ भागीरथी यादव
गाजियाबाद (हिंडन एयरबेस)।
भारतीय वायुसेना के 93वें स्थापना दिवस समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि आज भारतीय वायुसेना तकनीक, कौशल और क्षमता—तीनों में अग्रणी है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “हम न केवल आसमान के रक्षक हैं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान के संरक्षक भी हैं।”
सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना की निर्णायक कार्रवाई ने देश की रणनीतिक स्थिति को और सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि हर वायु योद्धा का योगदान अमूल्य है और निरंतर प्रशिक्षण ही वायुसेना की असली ताकत है।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वायुसेना देश की पहली प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति रही है — चाहे सीमाओं की सुरक्षा हो या आपदा राहत। हालिया वर्षों में वायुसेना ने भारत ही नहीं, बल्कि म्यांमार, वियतनाम और केन्या जैसे देशों में भी राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, “भारतीय वायुसेना केवल सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि मानवता की रक्षक भी है।”
कार्यक्रम के अंत में सिंह ने सभी पूर्व वायुसेना कर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और कहा कि भारतीय वायुसेना अपनी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर रहेगी।








