
Loksadan। कोरबा/कटघोरा :- गणेशोत्सव के पावन अवसर पर कटघोरा नगर एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा का गढ़ बन गया है। जयदेवा गणेशोत्सव समिति द्वारा आयोजित “कटघोरा का राजा” का भव्य आयोजन इस वर्ष भी अपनी अनूठी भव्यता और धार्मिक आस्था के कारण देशभर में सुर्खियों में है। रविवार को गणपति बप्पा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
इस बार पंडाल का स्वरूप केरल स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। 111 फीट ऊँचे इस पंडाल में 21 फीट ऊँची श्री गणेश प्रतिमा विराजमान है,जिसका अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहा है। प्रतिमा के साथ ही जीवंत हनुमान जी की प्रतिमा,विविध धार्मिक झांकियां और आकर्षक साज-सज्जा भक्तों को अपनी ओर खींच रही हैं।

कारीगरों की महीनों की मेहनत भव्य पंडाल कोलकाता से आए कुशल कारीगरों ने एक माह से भी अधिक समय तक दिन-रात परिश्रम कर तैयार किया है। प्रतिमा और झांकियों का निर्माण राजनांदगांव जिले के थनौद ग्राम स्थित राधे आर्ट गैलरी में हुआ है। समिति हर वर्ष नई थीम पर भव्य पंडाल सजाने की परंपरा निभाती आ रही है। यही कारण है कि “कटघोरा का राजा” अब केवल कोरबा ही नहीं,बल्कि प्रदेश और देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है।

श्रद्धालुओं का सैलाब भक्तों का उत्साह इस बार देखने लायक है। कोरबा जिले के अलावा जांजगीर-चांपा,बिलासपुर,अंबिकापुर, रायगढ़,शक्ति और कोरिया जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भीड़ में महिलाएं,बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल होकर गणपति बप्पा के दर्शन का लाभ ले रहे हैं। विशेष रूप से युवा और बच्चे पंडाल में आकर्षक झांकियों और प्रतिमाओं के साथ फोटो और सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं।
गंगा आरती ने बांधा समा आरती के समय प्रस्तुत की जा रही गंगा आरती की थीम श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो रही है। संगीतमय आरती के दौरान सैकड़ों भक्त एक स्वर में बप्पा की जय-जयकार करते हैं और भक्ति रस में डूब जाते हैं। डमरू,मंजीरा,ढोल-नगाड़े और शंखनाद से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है। कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी स्वयं पंडाल स्थल और मेले की व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। नगर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही “सजग कोरबा” के फ्लेक्स और म्यूजिकल संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भीड़ में सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा भव्य आयोजन से कटघोरा नगर की रौनक भी देखते ही बन रही है। मेले में सजाई गई दुकानों पर खिलौनों,मिठाइयों और सजावटी सामानों की खरीददारी से बाजार गुलजार हैं। स्थानीय छोटे व्यापारी और अस्थायी दुकानदारों के लिए यह आयोजन अतिरिक्त आय का साधन बन गया है।
आयोजन का महत्व और परंपरा 27 अगस्त से प्रारंभ हुआ यह गणेशोत्सव अब चरम पर है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं और रात देर तक भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है,बल्कि सामाजिक एकता,सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी है कटघोरा का राजा अब श्रद्धा,उत्साह और भक्ति का ऐसा केंद्र बन चुका है,जहां पहुंचकर हर कोई भक्तिभाव में सराबोर हो जाता है।






