
✍️ भागीरथी यादव
जिले में शासकीय कामकाज को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सामान्य प्रशासन विभाग से आए प्रोजेक्ट इंजीनियर हिमांशु तम्बोली, जावेद अख्तर तथा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत जायसवाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ई-ऑफिस प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
कलेक्टर ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि ई-फाइल सिस्टम लागू होने से शासकीय कार्यों में गति, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। ई-फाइल की ट्रैकिंग सुविधा से फाइलों की स्थिति तुरंत ज्ञात हो सकेगी, जबकि डिजिटल प्रक्रिया से समय व कागज दोनों की बचत सुनिश्चित होगी।
उन्होंने बताया कि ई-फाइल निर्माण के लिए विंडोज 10 और स्कैनर अनिवार्य होंगे तथा फाइलें केवल यूनिकोड फॉन्ट में टाइप की जाएंगी। कृति देव फॉन्ट का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। फेयर ई-फाइल हरे रंग में रहेगी और इसे डिलीट नहीं किया जा सकेगा। साथ ही आवश्यक दस्तावेजों को ई-फाइल में संलग्न कर ई-साइन या डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा।
कार्यशाला में ट्रांसफॉर्मेशनल जर्नी, फाइल मैनेजमेंट सिस्टम, नॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम और आउटकम आधारित प्रशासन जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर ओंकार यादव, एनआईसी अधिकारी हेमंत जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल परिवर्तन और सुशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।






