
तहसीलदार ने आपत्ति आवेदन खारिज, अब शासन के अधीन होगा मंदिर
एमसीबी/
मनेंद्रगढ़। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय नजूल भूमि पर बने वादग्रस्त साईं मंदिर एवं गणेश-अंबिका-चित्रगुप्त धाम मंदिर को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। स्वामित्व का कोई दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर तहसीलदार श्रुति धुर्वे ने मंदिर को राजसात करने का आदेश पारित किया। आदेश के बाद मंदिर अब शासन के अधीन होगा और प्रशासन वहां ताला लगाएगा।
राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट
मंदिर का निर्माण नजूल खसरा क्रमांक 13/38 की भूमि पर किया गया है।
कुल भूमि क्षेत्रफल : 1,51,819 वर्गफुट
मंदिर पर निर्मित भूमि : 4,004.50 वर्गफुट
वर्ष 2025-26 के नजूल संधारण अभिलेखों में भूमि शासकीय दर्ज।
सुनवाई और आदेश
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने आपत्ति आवेदन देकर कहा था कि मंदिर आस्था का केंद्र है, इसलिए 220 बिस्तरों वाले नए सिविल अस्पताल के विस्तार में मंदिर को क्षति न पहुंचे।
हालांकि, 13 अगस्त 2025 को सुनवाई के दौरान स्वामित्व संबंधी कोई प्रमाण प्रस्तुत न होने पर तहसीलदार ने आवेदन अस्वीकार कर दिया और आदेश में लिखा कि अस्पताल विस्तार जनहित में आवश्यक है।
महासभा करेगी अपील
महासभा के संरक्षक बीरेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वे इस आदेश के विरुद्ध अनुविभागीय दंडाधिकारी न्यायालय में अपील करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय की शरण भी लेंगे।






