
कोरबा। खुद को बड़ा अधिकारी दिखाने की चाल और मीठी बातों के जाल में फंसा कर लाखों की ठगी करने वाला शातिर ठग शहजादा उर्फ राजू उर्फ जावेद खान आखिरकार पुलिस के निशाने पर आ गया है। झूठी शान की चादर ओढ़कर उसने खुद को पूर्व शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम का OSD बताया और विकास कार्यों की झूठी मंजूरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगाई करता रहा।खरड़ी के पूर्व सरपंच को बनाया पहला शिकारइस जालसाज की पहली शिकायत ग्राम पंचायत खरड़ी (थाना पेंड्रा, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) के पूर्व सरपंच चंद्रप्रीतम सिंह ने की। वे वर्ष 2019 से 2024 तक सरपंच पद पर थे। 5 मई 2023 को दोपहर तीन बजे अचानक उनके घर एक “अधिकारी” के ठाठ में पहुंचा शहजादा। उसने खुद को न सिर्फ प्रेमसाय टेकाम, बल्कि पूर्व प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल का OSD बताया। एक चमकदार लेटरपैड दिखाया, जैसे मानो राजधानी से सीधा आदेश लेकर आया हो।उसने कहा कि अगर गांव के विकास कार्य जल्दी मंजूर करवाने हैं, तो एक फीसदी की मामूली “सेवा राशि” देनी होगी — सिर्फ पचास हज़ार रुपये। भरोसे में आए सरपंच जी ने तुरंत रकम थमा दी। पर वादे की चिड़िया उड़ गई और विकास कार्यों की मंजूरी तो दूर, शहजादा खुद ही गायब हो गया।देवरीखुर्द की पूर्व सरपंच भी बनी शिकारइसी तरह ग्राम देवरीखुर्द की पूर्व सरपंच सीताबाई मार्को को भी इस जाल में फंसा लिया। पुलिया, सीमेंट सड़क, रिटर्निंग वॉल जैसे निर्माण कार्यों की मंजूरी दिलाने का सपना दिखाकर उसने 25,000 रुपये ऐंठ लिए।फोन-पे से भी वसूली, फिर गुमशुदगी15 मई 2023 को एक अन्य व्यक्ति दीपक श्रीवास की उपस्थिति में आरोपी ने 35,000 रुपये नगद लिए। इतना ही नहीं, 19 मई को अपनी पत्नी सोनी खान के फोन-पे खाते में 10,000 और फिर 5,000 रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए। कुल मिलाकर 50,000 रुपये की ठगी के बाद वह ऐसे गायब हुआ जैसे गधे के सिर से सींग।अब पुलिस ने उसकी असली पहचान उजागर करते हुए धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस “फर्जी OSD” की स्क्रिप्ट का अंतिम अध्याय लिखा जाएगा।








