
सुशील जायसवाल
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा | छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले खुशियों की दस्तक होने वाली है। राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 28 फरवरी की दोपहर तक किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि (बोनस) का भुगतान कर दिया जाएगा। यह राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
10 हजार करोड़ का होगा भुगतान
इस वर्ष सरकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे किसानों की जेब में डालने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 25 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है।
भुगतान का गणित:
कुल खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़।
निर्धारित दर: ₹3100 प्रति क्विंटल।
अंतर राशि: समर्थन मूल्य और तय दर के बीच के अंतर को बोनस के रूप में दिया जा रहा है।
“इस भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक कुल भुगतान का आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।”
भुगतान पाने के लिए जरूरी शर्तें
किसानों को सलाह दी गई है कि वे राशि प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं की जांच कर लें:
बैंक खाता आधार (Aadhaar) से अनिवार्य रूप से लिंक हो।
धान बिक्री का पंजीकरण विवरण पूरी तरह सही होना चाहिए।
मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि भुगतान का SMS प्राप्त हो सके।
पुलिस की अपील: “सजग कोरबा” अभियान के तहत सतर्कता जरूरी
पसान और कोरबी पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ अभियान के तहत किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने गांव-गांव में प्रचार-प्रसार करते हुए अपील की है कि:
अकेले न जाएं: बैंक से बड़ी राशि निकालते समय साथ में कम से कम दो भरोसेमंद व्यक्तियों को जरूर रखें।
सावधानी बरतें: किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
नशे से दूर रहें: राशि लेकर लौटते समय शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं, यह जानलेवा हो सकता है।





