पाली ब्लॉक कांग्रेस की कमान सत्यनारायण पैकरा के हाथ, कार्यकर्ताओं में उत्साह

ज्ञान शंकर तिवारी     पाली। कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सत्यनारायण पैकरा को सौंपी है। संगठन द्वारा जारी सूची में उनके नाम की घोषणा होते ही पाली क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सत्यनारायण पैकरा लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए हैं और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़, संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के बीच भरोसे को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है। उनकी नियुक्ति को संगठन विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद सत्यनारायण पैकरा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी, साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूती प्रदान की जाएगी। पाली ब्लॉक के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सत्यनारायण पैकरा के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी और क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति पहले से अधिक मजबूत होगी।

राउत नाचा कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नत्थू लाल यादव पगड़ी-साल व स्मृति चिन्ह से सम्मानित

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। जिला कोरबा के ग्राम मुढ़ाली में आयोजित पारंपरिक मड़ाई मेला एवं राउत नाचा कार्यक्रम सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का सजीव उदाहरण बना। इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय जिला अध्यक्ष श्री नत्थू लाल यादव को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. विनोद कुमार यादव, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति के कर-कमलों से समिति के सदस्यों की उपस्थिति में श्री नत्थू लाल यादव को स्मृति चिन्ह, पगड़ी और साल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर समाजसेवी योगदान और संगठनात्मक सक्रियता के लिए दिया गया। समाज सेवा को मिली नई पहचान मुख्य अतिथि विनोद कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री नत्थू लाल यादव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय रहकर समाज को एकजुट करने का कार्य किया है। बधाइयों का लगा तांता सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समिति सदस्यों और ग्रामीणजनों ने श्री यादव को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और पारंपरिक लोकसंस्कृति के रंग में रंगा रहा। लोकसंस्कृति और सम्मान का संगम राउत नाचा की मनमोहक प्रस्तुति और मड़ाई मेले की परंपराओं के बीच हुआ यह सम्मान समारोह आयोजन की गरिमा को और ऊंचाई देता नजर आया।  

दर्री में गूंजेगा क्रिकेट का रोमांच

    स्व. गौरव सरकार मेमोरियल ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट–2026 का भव्य आगाज 24 जनवरी से आयोजन कर्ता – विकास यादव ( सेरे गोलू) , पंकज वर्मा    दर्री। क्रिकेट प्रेमियों के लिए दर्री क्षेत्र से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। युवा खिलाड़ियों को मंच देने और स्वर्गीय गौरव सरकार की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से “स्व. गौरव सरकार मेमोरियल ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट–2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता टेनिस बॉल क्रिकेट प्रारूप में खेली जाएगी, जिसमें क्षेत्र की चुनिंदा टीमें दमखम दिखाएंगी। दर्जी तहसील कार्यालय के पीछे होगा आयोजन टूर्नामेंट का आयोजन दर्री तहसील कार्यालय के पीछे स्थित मैदान में किया जाएगा। प्रतियोगिता का शुभारंभ 24 जनवरी 2026 से होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 1 फरवरी 2026 को खेला जाएगा। सीमित टीमों के बीच होगा महामुकाबला इस रोमांचक प्रतियोगिता में केवल 16 टीमों को ही प्रवेश दिया जाएगा। एंट्री पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर होगी। लीग मैच: 8 ओवर सेमीफाइनल व फाइनल: 10 ओवर मैच ICC नियमों (LBW को छोड़कर) और सिक्सिट बॉल से खेले जाएंगे। साथ ही एक खिलाड़ी–एक टीम का नियम सख्ती से लागू रहेगा। आकर्षक पुरस्कार खिलाड़ियों का बढ़ाएंगे उत्साह टूर्नामेंट को और भी खास बनाने के लिए आयोजकों द्वारा आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है— 🏆 विजेता टीम: ₹11,000 🥈 उपविजेता टीम: ₹7,000 ⭐ मैन ऑफ द टूर्नामेंट: ₹1,100 एंट्री शुल्क और पंजीयन प्रत्येक टीम के लिए प्रवेश शुल्क ₹1100 निर्धारित किया गया है। सीमित स्लॉट होने के कारण आयोजकों ने टीमों से जल्द पंजीयन कराने की अपील की है। पंजीयन व जानकारी के लिए संपर्क करें 📞 7806003756 | 9827870348 📞 7898708878 | 9907828820 खेल भावना और यादों का संगम यह टूर्नामेंट न सिर्फ प्रतिस्पर्धा का मंच होगा, बल्कि स्व. गौरव सरकार को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी एक सार्थक प्रयास है। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी क्रिकेट प्रेमियों से इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

यात्री सुरक्षा सर्वोपरि, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

✍️ भागीरथी यादव   सड़क सुरक्षा माह में एमसीबी जिले में बसों की रात्रिकालीन सघन जांच एमसीबी। सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत यात्रियों की जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने जिले में सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में विभिन्न मार्गों पर रात्रिकालीन सघन जांच अभियान चलाकर बसों की फिटनेस, परमिट और बीमा सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई। दस्तावेजों की कमी और तकनीकी खामियां उजागर अभियान के दौरान कई बसों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए गए, वहीं कुछ वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और तकनीकी खामियां भी सामने आईं। ऐसे मामलों में परिवहन विभाग ने नियमानुसार चालानी कार्रवाई करते हुए वाहन संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों की मौजूदगी में चला विशेष अभियान इस विशेष जांच अभियान का नेतृत्व प्रभारी परिवहन निरीक्षक मनोज भारती ने किया। उनके साथ परिवहन उप निरीक्षक डानेश्वर इनसेना, प्रधान आरक्षक विजय ठाकुर सहित परिवहन विभाग का पूरा अमला मौके पर मौजूद रहा और जांच प्रक्रिया को गंभीरता से अंजाम दिया। सिर्फ चालान नहीं, जागरूकता भी उद्देश्य इस अवसर पर प्रभारी परिवहन निरीक्षक मनोज भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों, विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह सीधे जीवन से जुड़ा विषय है। नियमों का पालन करने की अपील परिवहन विभाग ने वाहन चालकों, स्कूल प्रबंधन और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सभी यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और अपने वाहनों को तकनीकी रूप से सुरक्षित व नियमसम्मत रखें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

शिक्षा के मंदिर में श्रम का शोषण

ज्ञान शंकर तिवारी      पाली ब्लॉक के शासकीय स्कूल में बच्चों से कराया जा रहा काम, शिक्षकों की लापरवाही कैमरे में कैद पाली। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन जब स्कूल—जो बच्चों के भविष्य की नींव होते हैं—वहीं उनके अधिकारों का हनन होने लगे, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला पाली विकासखंड के ग्राम सफलवा के आश्रित मोहल्ला राहा में संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला से सामने आया है, जहाँ शिक्षा के नाम पर बच्चों से श्रमिक कार्य कराए जाने का आरोप सामने आया है। पढ़ाई छोड़, बाल्टी और झाड़ू थामते बच्चे मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षिका रोज़ की तरह दोपहर लगभग 3 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय छोड़कर चली गईं। वहीं स्कूल में मौजूद दूसरे शिक्षक द्वारा बच्चों से बाल्टी में पानी भरवाना, कक्षा की साफ-सफाई कराना जैसे कार्य कराए जा रहे थे। यह पूरा दृश्य पाली के मीडिया प्रतिनिधि द्वारा मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया गया, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो गई। सवालों से बचते शिक्षक, मीडिया से अभद्र व्यवहार जब इस पूरे मामले पर संबंधित शिक्षक से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय मीडिया से अभद्र भाषा में बातचीत की। “स्कूल में कैसे आ गए”, “किसने अनुमति दी” जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए न केवल जवाबदेही से बचने की कोशिश की गई, बल्कि पत्रकारिता की मर्यादा को भी ठेस पहुंचाई गई। बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन यह घटना केवल एक विद्यालय की नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। जिन बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, वे स्कूल में श्रम करने को मजबूर हैं। यह स्थिति बाल अधिकारों और शिक्षा के अधिकार अधिनियम—दोनों का सीधा उल्लंघन है। निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है? क्या इस तरह की गतिविधियां पहले भी होती रही हैं? और क्या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी थी? अब विभागीय कार्रवाई की कसौटी अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी शिक्षकों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की जाती है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो “शिक्षा का मंदिर” कहलाने वाले विद्यालयों की गरिमा लगातार धूमिल होती चली जाएगी।  

कागज़ों में तीन शिक्षक, ज़मीनी हकीकत में चपरासी संभाल रहा स्कूल

✍️ भागीरथी यादव   जनकपुर ब्लॉक के सरकारी विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली एमसीबी। देश की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्था होने का दावा करने वाली सरकारी प्रणाली की जमीनी सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कमर्जी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में हालात इतने बदतर हैं कि कागज़ों में तैनात शिक्षक स्कूल से नदारद हैं और बच्चों की पढ़ाई एक चपरासी के भरोसे छोड़ दी गई है। विद्यालय में कुल 68 छात्र अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक यहां एक प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षक पदस्थ हैं। लेकिन जब दोपहर लगभग 2 बजे विद्यालय का जायजा लिया गया, तो सच्चाई चौंकाने वाली थी। खुला स्कूल, भटकते बच्चे, खाली कक्षाएं विद्यालय भवन खुला मिला, बच्चे परिसर में इधर-उधर घूमते नजर आए, लेकिन कक्षाओं में पढ़ाने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि तीनों शिक्षक बिना किसी सूचना और अनुमति के अनुपस्थित हैं। न समय तय है, न जवाबदेही—बस स्कूल चल रहा है कागज़ों में। 68 बच्चों का भविष्य एक चपरासी के हवाले सबसे गंभीर और चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी एक चपरासी के भरोसे छोड़ दी गई है। यह व्यक्ति पढ़ाने के लिए नियुक्त नहीं है, फिर भी वही बच्चों की निगरानी और विद्यालय संचालन संभाल रहा है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है। शिक्षा का अधिकार या मज़ाक? यह मामला केवल शिक्षकों की गैरहाजिरी का नहीं, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के खुले उल्लंघन का है। जब शिक्षक स्कूल से गायब रहते हैं, तो सिर्फ कक्षाएं ही खाली नहीं होतीं—बच्चों का भरोसा, उनका उत्साह और उनके सपने भी धीरे-धीरे टूटने लगते हैं। दावों और ज़मीनी सच्चाई में गहरी खाई सरकार एक ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्कूलों के उन्नयन के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे विद्यालय इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कई सरकारी स्कूल महज़ कागज़ी औपचारिकता बनकर रह गए हैं। अब सवालों के घेरे में शिक्षा विभाग सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करेगा? क्या बिना सूचना अनुपस्थित शिक्षकों पर निलंबन की गाज गिरेगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा? यह प्रकरण केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, जो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की शिक्षा के साथ रोज़ाना समझौता कर रही है।

नवापारा-राजिम लूटकांड के बाद सर्राफा बाजार अलर्ट मोड पर

    प्रदेशभर की ज्वेलरी दुकानों में चेहरा ढककर प्रवेश पर रोक, एसोसिएशन ने तय की सख्त सुरक्षा नीति रायपुर। नवापारा-राजिम क्षेत्र में हुई सनसनीखेज सर्राफा लूट की घटना के बाद पूरे प्रदेश के स्वर्ण व्यवसायियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और व्यापारियों में बढ़ती असुरक्षा को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाए हैं। संगठन द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। ऑनलाइन बैठक में बनी प्रदेशव्यापी रणनीति प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी की अध्यक्षता में आयोजित इस आपात बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि जुड़े। बैठक में हालिया लूटकांड, दुकानों में सुरक्षा की कमजोर कड़ियां और अपराधों पर नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों पर गंभीर मंथन किया गया। हेलमेट-बुर्का पहनकर दुकान में प्रवेश पर सख्त रोक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश की किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट, बुर्का, स्कार्फ या किसी भी तरह से चेहरा ढककर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का मानना है कि इस नियम से संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी और अपराधियों की पहचान करना आसान होगा। सीसीटीवी व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत सभी सर्राफा व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को अपडेट रखें। खासतौर पर प्रवेश और निकास द्वार पर ऐसे कैमरे लगाए जाएं, जिससे हर व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो सके। जरूरत पड़ने पर फुटेज तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराई जा सके। जिलावार अनुभव साझा, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बैठक के दौरान विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुई घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों को साझा किया। सभी ने एकमत से व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए आपसी समन्वय और सतर्कता बढ़ाने पर सहमति जताई। सरकार और पुलिस से विशेष सुरक्षा की मांग सर्राफा एसोसिएशन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ज्वेलरी बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। साथ ही नवापारा-राजिम सर्राफा लूटकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि व्यापारियों में भरोसा बहाल हो सके।  

बिलासपुर में अवैध हथियार तस्करी का भंडाफोड़

  तारबाहर पुलिस व आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई, पश्चिम बंगाल का युवक देशी कट्टा व कारतूस सहित गिरफ्तार बिलासपुर। शहर में अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तारबाहर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने सटीक मुखबिर सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल निवासी एक युवक को अवैध हथियार के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि कंस्ट्रक्शन कॉलोनी स्थित उर्दू स्कूल ग्राउंड के पास एक संदिग्ध युवक थैला लेकर किसी बड़ी वारदात या अवैध सौदे की फिराक में खड़ा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर पुलिस और आरपीएफ बिलासपुर की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही संदिग्ध युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से सतर्क टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के थैले से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और तीन रेल टिकट बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी की पहचान सद्दाम हसन शेख, निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी अवैध हथियारों की सप्लाई के उद्देश्य से शहर पहुंचा था। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि उसके संपर्क किन-किन आपराधिक गिरोहों से हैं और हथियार किसे सौंपे जाने थे। फिलहाल आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय हथियार तस्करों और अपराधियों में खलबली मची है तथा आगे भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।  

हरदीबाजार ब्लॉक कांग्रेस की कमान कौशल श्रीवास के हाथ, संगठन में नई ऊर्जा का संचार

ज्ञान शंकर तिवारी   हरदीबाजार। कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक निर्णय लेते हुए पार्टी नेतृत्व ने हरदीबाजार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी कौशल श्रीवास को सौंपी है। कांग्रेस द्वारा जारी आधिकारिक सूची में जैसे ही उनके नाम की घोषणा हुई, पूरे क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े कौशल श्रीवास सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संगठनात्मक अनुभव, कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत समन्वय और जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। उनकी नियुक्ति को आगामी चुनावों की रणनीति और संगठन के विस्तार के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। नियुक्ति के बाद कौशल श्रीवास ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा, “कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और जनता के मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाया जाएगा।” कौशल श्रीवास की नियुक्ति से हरदीबाजार क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नई ऊर्जा के साथ काम करेगी और क्षेत्र में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

कांकेर जिले के चारामा में पंचायत व्यवस्था ठप, सरपंच संघ का प्रशासन पर गंभीर आरोप

✍️ भागीरथी यादव     एक साल से विकास कार्य बंद, डीएमएफ व मनरेगा राशि रोके जाने का दावा कांकेर/चारामा। कांकेर जिले के चारामा विकासखंड में पंचायत स्तर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विकास कार्यों के ठप होने से ग्रामीण अंचलों में जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सिमटकर रह गई हैं। यह गंभीर आरोप चारामा विकासखंड सरपंच संघ एवं पंचों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए। सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से ग्राम पंचायतों में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हो पा रहा, जिससे आम ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि पंचायतों में केवल जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का काम ही हो रहा है, जबकि विकास से जुड़ी अधिकांश योजनाएं पूरी तरह बंद पड़ी हैं। 64 पंचायतों की डीएमएफ राशि रोके जाने का आरोप सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि चारामा विकासखंड की 64 ग्राम पंचायतों को मिलने वाली डीएमएफ (जिला खनिज निधि) की राशि रोकी गई है, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, भवन सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मनरेगा ठप, ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ी संघ का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत रोजगारमूलक कार्य शुरू नहीं हो पा रहे, जिससे ग्रामीण मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। वहीं 15वें वित्त आयोग की राशि समय पर जारी नहीं होने से पंचायतों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। कलेक्टर की अनुपस्थिति और कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी प्रेस वार्ता के दौरान सरपंच संघ ने जिला प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी जाहिर की। संघ का आरोप है कि जब भी सरपंच अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर से मिलने जाते हैं, तो या तो उन्हें अनुपस्थित बताया जाता है या फिर कथित रूप से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है, जिससे जनप्रतिनिधियों का अपमान हो रहा है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन सरपंच संघ ने जिला प्रशासन से जल्द सभी लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी दिनों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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