बालगीख़ार रोड की जर्जर हालत पर फूटा आक्रोश — युवा कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, नगर निगम और भाजपा सरकार पर लापरवाही के गंभीर आरोप
✍️ भागीरथी यादव नगर निगम क्षेत्र के बालगीख़ार मुख्य मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को लेकर आज युवा कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों, भारी जलभराव और लगातार होती दुर्घटनाओं से नाराज स्थानीय लोगों ने युवा कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा कि कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार प्रदेशभर में सड़क सुधार आंदोलन जारी है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा— “सरकार अमेरिका जैसी सड़क होने का दावा करती है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। बालगीख़ार रोड की बदहाली प्रशासन की नाकामी का आईना है। बिना सड़क विकास की कल्पना भी संभव नहीं, और इसी लड़ाई को हम निरंतर जारी रखेंगे।” वार्ड पार्षद अयोध्या मस्तूल कंवर ने आम जनता की समस्याओं को मुखरता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण स्कूली बच्चों, मजदूरों और मरीजों को रोजाना जाम और दुःखद परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। “मैंने कई बार जिला प्रशासन को शिकायत की, लेकिन हर बार झूठा आश्वासन देकर गुमराह किया गया। मजबूरन आज हमें धरना देना पड़ रहा है।” — उन्होंने कहा। वहीं नेता प्रतिपक्ष कृपा राम साहू ने नगर निगम और सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा— “पूरा नगर निगम क्षेत्र गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं—कहीं किसी का चिराग़ बुझ रहा है, कहीं किसी का सुहाग उजड़ रहा है। भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार के दो साल पूरे हो गए, फिर भी विकास सिर्फ कागजों में है।” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से दर्री कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश पंकज, महासचिव विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग, उपाध्यक्ष सुनील निर्मलकर, दर्री अध्यक्ष विकास यादव, हरीश भारती, मिंकेतन गभेल, विनोद अग्रवाल, सरफुद्दीन आलम, नारायण यादव, अमित सिंह, किताब सिंह, अभिषेक यादव, संदीप शर्मा, विक्की यादव सहित वार्डवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। युवा कांग्रेस ने जल्द सड़क मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है।
NH-130B चौड़ीकरण परियोजना: गैर-प्रभावित जमीनों पर खरीद–बिक्री की रोक समाप्त
✍️ भागीरथी यादव राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी के भैसा से ग्राम कुम्हारी तक 4-लेन चौड़ीकरण कार्य के लिए लगाए गए भूमि क्रय-विक्रय प्रतिबंध में बड़ा बदलाव किया गया है। भू-अर्जन अधिकारी ने आदेश जारी कर बताया कि अब केवल परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित खसरा नंबर तथा उनकी 100 मीटर परिधि में आने वाली भूमि पर ही रोक प्रभावी रहेगी। इसके अलावा सभी खसरों पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। पलारी तहसील में राहत खरतोरा, संडी, कोदवा, गोडा, गिर्रा, कुसमी, घोटिया, कुकदा, पहन्दा, पलारी, रसौटा, बिनौरी, अमेरा और मुडपार गांवों में केवल प्रभावित खसरों व उनके आसपास के क्षेत्र को छोड़कर बाकी जमीन पर अब लेन-देन की अनुमति मिल गई है। बलौदाबाजार तहसील में भी हटाया गया प्रतिबंध सकरी, लिमाही और मगरचबा गांवों में गैर-प्रभावित खसरा नंबरों से रोक पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। लवन तहसील के कई गांव मुक्त पनगांव, बिटकुली, लवनबंद, डोटोपार, लाहोद, गिंदोला, खम्हारडीह, मुण्डा, चिरपोटा, कोवि लवन, कोरदा, डोंगरा, परसपाली और डोंगरीडीह में अधिकांश भूमि पर रोक हटने से भूमिधारकों को बड़ी राहत मिली है। कसडोल तहसील में भी निर्णय लागू चांटीपाली, दर्रा, कसडोल, छरछेद, छांछी, पिसीद, चंडीदीह, सेल और कटगी गांवों में प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर बाकी जमीन की खरीद-बिक्री अब सामान्य रूप से हो सकेगी। इस संशोधन से चौड़ीकरण परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी सहूलियत मिलते हुए भूमि लेन-देन की प्रक्रिया पुनः सुचारू हो गई है।
तान नदी तट संरक्षण के लिए बड़ी पहल: पोंडी-उपरोड़ा क्षेत्र में 4.23 करोड़ की स्वीकृति
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ – शासन ने कोरबा जिले के विकासखंड पोंडी-उपरोड़ा में तान नदी के दाईं तट पर होने वाले कटाव को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग द्वारा लेपरा से पोंडी-उपरोड़ा तक बैंक प्रोटेक्शन कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 35 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्य अभियंता को मिली प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार, योजना के क्रियान्वयन के लिए जल संसाधन विभाग, बिलासपुर के मुख्य अभियंता मिनिमाता (हसदेव) बांगो परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कटाव रोकने से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत इस परियोजना के पूर्ण होने पर तान नदी के लगातार कटाव से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी। बैंक प्रोटेक्शन कार्य से बस्तियों, कृषि भूमि और सड़क मार्गों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। यह मंजूरी क्षेत्र के विकास और नदी तट संरक्षण की दिशा में शासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कोंटा: मरईगुड़ा वन गांव में भीषण आग, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी दुर्घटना
✍️ भागीरथी यादव कोंटा – विकासखंड के मरईगुड़ा वन गांव में गुरुवार सुबह शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने देखते ही देखते तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेजी और घरों में रखे सिलेंडरों के फटने की आशंका से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के कारण स्थिति जल्द ही काबू में आ गई और एक बड़ी जनहानि टल गई। कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत सक्रिय हुआ प्रशासन घटना की सूचना मिलते ही सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। एसडीएम सुभाष शुक्ला के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन टीम ने तुरंत तेलंगाना के भद्राचलम से फायर ब्रिगेड की सहायता बुलाने का निर्णय लिया, जो इस घटना में बेहद निर्णायक साबित हुआ। तहसीलदार ने मौके पर संभाला मोर्चा तहसीलदार कोंटा गिरीश निंबालकर स्वयं घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत व बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। फायर ब्रिगेड के समय पर पहुंचने और स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। मानवीयता के साथ शुरू हुआ राहत कार्य गनीमत रही कि इस भीषण आग में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए प्रभावित तीनों परिवारों को खाद्यान्न और जरूरी सामग्री वितरित की। साथ ही सुरक्षित अस्थायी आवास की व्यवस्था भी कराई गई। तत्काल आर्थिक मदद जिला प्रशासन ने मानवीय आधार पर प्रभावित प्रत्येक परिवार को ₹10,000 की तत्काल सहायता राशि मौके पर ही प्रदान की। आगे की प्रक्रिया शुरू घटना स्थल पर ही पंचनामा तैयार कर लिया गया है, ताकि नियमानुसार सरकारी सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पीड़ित परिवारों को शीघ्र ही स्थायी राहत उपलब्ध कराई जाएगी। मरईगुड़ा में प्रशासन की तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी को टालते हुए राहत और भरोसे का संदेश दिया है।
पटना में बड़ा राजनीतिक बवाल: RJD एमएलसी सुनील सिंह के खिलाफ साइबर थाने में FIR, ‘नेपाल जैसा नज़ारा’ बयान पर हंगामा
✍️ भागीरथी यादव पटना, 13 नवंबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना से जुड़ा एक बयान अब सियासी और कानूनी विवाद का कारण बन गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सुनील सिंह के खिलाफ पटना साइबर थाना में भड़काऊ और अपमानजनक बयान देने के आरोप में गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह शिकायत पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खुशबू कुमारी द्वारा 13 नवंबर को दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, एमएलसी सुनील सिंह ने सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि— > “अगर मतगणना में गड़बड़ी हुई तो बिहार की सड़कों पर नेपाल जैसा नज़ारा दिखेगा।” 🔴 पुलिस का आरोप: “बयान भड़काऊ और विधि-व्यवस्था के लिए खतरा” शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस बयान में सामाजिक वैमनस्य, घृणा फैलाने, और लोक शांति भंग करने की क्षमता है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी जनभावनाओं को भड़काने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा करने वाली है, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ⚖️ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने सुनील सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) की कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें प्रमुख धाराएं हैं: BNS की धारा 174 – लोक सेवक द्वारा विधि का उल्लंघन, धारा 353 – लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, धारा 352 – शांति भंग करने का प्रयास, धारा 123(4) व 125 (RPA) – चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने और समाज में वैमनस्य फैलाने से संबंधित प्रावधान। 🕵️ जांच की जिम्मेदारी DySP मिथलेश कुमार को इस संवेदनशील मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी मिथलेश कुमार को सौंपी गई है। वे बयान की प्रामाणिकता, वीडियो/पोस्ट के स्रोत, और संभावित आपराधिक इरादे की दिशा में जांच कर रहे हैं। 📱 सोशल मीडिया पर बयान की तलाश पुलिस टीम फिलहाल एमएलसी सुनील सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट्स और वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या बयान किसी सार्वजनिक सभा या डिजिटल मंच पर दिया गया था। 🗣️ राजनीतिक हलकों में हलचल राजद खेमे ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “लोकतंत्र के खिलाफ भड़काऊ राजनीति” का उदाहरण कहा है। चुनावी मौसम में यह मामला अब बिहार की राजनीति में नया तूल पकड़ चुका है।
कोरबा में सड़क बदहाली पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल — रविशंकर प्रसाद नगर से दादर मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर एकदिवसीय धरना
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। ✍️ शहर की जर्जर सड़कों और नगर निगम की लापरवाही को लेकर आज जिला युवा कांग्रेस (शहर) ने पीसीसी सचिव विकास सिंह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद नगर से दादर जाने वाली सड़क की दुर्दशा के विरोध में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर मौजूद पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा कि — > “नगर निगम कोरबा में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग कर झूठे प्रचार-प्रसार में लगाया जा रहा है। शहर की वास्तविक समस्याओं — खासकर सड़कों की दुर्दशा — पर निगम और भाजपा सरकार पूरी तरह मौन है।” डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन झूठे आंकड़े और उपलब्धियों का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रहा है। “शहर की सड़कों का हाल बेहाल है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं।” नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा — > “कांग्रेस सरकार के समय में पूर्व राजस्व मंत्री जी द्वारा कोरबा के लिए 64 करोड़ (गौ माता चौक से होटल रिलेक्स इन तक) और 83 करोड़ (सर्वमंगला मंदिर से दर्री मार्ग तक) की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन आज तक उसका टेंडर तक जारी नहीं हुआ। दो वर्ष बीत गए, पर विकास के नाम पर केवल वादे और विज्ञापन हैं।” जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज ने स्पष्ट कहा कि — > “कोरबा विधानसभा की सड़कों की हालत बदतर है। दो वर्षों से भाजपा सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई। जब तक टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं होती, तब तक युवा कांग्रेस की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी।” धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पार्षद, कांग्रेस, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से नारायण कुर्रे, बृजभूषण प्रसाद, पवन विश्वकर्मा, हरि पटेल, दाऊ लाल पटेल, अरुण यादव, रूपेश चंद्रा, पंचराम आदित्य, विजय आनंद, विजय आदिले, साहिल कुरैशी, पिंटू जांगड़े, मनोज चौहान, अरविंद सिंह, शशिराज, सुनील निर्मलकर, अमित सिंह, नारायण यादव, राजेश यादव, अभिषेक ठाकुर, विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग, बाबिल मिरी, नितेश यादव, शशि अग्रवाल, राजमती यादव, सरोज यादव सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एशिया का गौरव गोंडवाना फॉसिल पार्क उपेक्षा की भेंट चढ़ा — वन विभाग की लापरवाही से उजड़ रही करोड़ों वर्ष पुरानी धरोहर
मनेंद्रगढ़। एशिया का सबसे बड़ा गोंडवाना मैरिन फॉसिल्स पार्क, जो कभी भारत की वैज्ञानिक और ऐतिहासिक शान माना जाता था, आज प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय निष्क्रियता की भेंट चढ़ चुका है। वन मंडलाधिकारी मनेंद्रगढ़ की उपेक्षा और वन विभाग की उदासीनता ने इस अनमोल धरोहर को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर धकेल दिया है। करीब 29 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म, जो धरती के प्राचीन समुद्री जीवन के अनमोल प्रमाण हैं, आज धूल में दबे पड़े हैं। संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए बनाई गई करोड़ों की योजनाएं अब केवल कागज़ों और पोस्टरों तक सीमित रह गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभाग ने योजनाओं के नाम पर भारी खर्च दिखाया, लेकिन मौके पर न तो कोई वास्तविक कार्य हुआ, न कोई संरक्षण दिखता है। लोहे की जालियां टूटी पड़ी हैं, सूचना पट्ट गायब हैं और जीवाश्म खुले आसमान के नीचे उजड़ रहे हैं। वन विभाग के दावे—“संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा”—सिर्फ प्रेस विज्ञप्तियों का हिस्सा बनकर रह गए हैं। जमीनी सच्चाई यह है कि यह एशिया का गौरवशाली पार्क अब अव्यवस्था और उपेक्षा का प्रतीक बन चुका है। प्रश्न यह है — क्या वन विभाग केवल प्रचार और योजनाओं के कागज़ी आंकड़े दिखाने के लिए है? करोड़ों रुपये की योजनाओं का हिसाब कौन देगा? और सबसे अहम — वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप जवाबदेही से कब तक बचते रहेंगे? विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह वैज्ञानिक धरोहर सदा के लिए नष्ट हो जाएगी। अब वक्त है कि विभाग झूठे दावों और औपचारिक बैठकों से आगे बढ़कर इस पार्क के संरक्षण को वास्तविक रूप दे। वरना, गोंडवाना मैरिन फॉसिल्स पार्क आने वाली पीढ़ियों के लिए सिर्फ इतिहास की किताबों में “खोया हुआ अवसर” बनकर रह जाएगा।
भारत-बोत्सवाना वन्यजीव मित्रता का नया अध्याय: बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत भारत को सौंपे आठ चीते
✍️ भागीरथी यादव गैबोरोन/नई दिल्ली- भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बोत्सवाना ने ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत औपचारिक रूप से भारत को आठ चीते सौंपे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिदोन बोको ने मिलकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। गैबोरोन स्थित मोकोलोडी नेचर रिजर्व में आयोजित समारोह के दौरान, दोनों राष्ट्रपतियों ने बोत्सवाना के घांजी क्षेत्र से पकड़े गए चीतों को क्वारंटाइन सेंटर में छोड़े जाते देखा। यह कार्यक्रम भारत और बोत्सवाना के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में गहरी होती साझेदारी का प्रतीक बना। राष्ट्रपति मुर्मु की यह बोत्सवाना की पहली राजकीय यात्रा है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा गया — > “भारत-बोत्सवाना वन्यजीव संरक्षण साझेदारी में एक नया अध्याय। यह पहल दोनों देशों के पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगी।” विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह पहल भारत के ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण की एक बड़ी उपलब्धि है, जो विलुप्तप्राय प्रजातियों के पुनर्वास और संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती है। बोत्सवाना में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा — > “मुझे बताया गया है कि बोत्सवाना में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं। आप सभी भारत के गौरवशाली राजदूत हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बोत्सवाना वर्ष 2026 में राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे। दोनों देश हीरा उद्योग (डायमंड सेक्टर) में लंबे समय से साझेदार हैं, और अब रक्षा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की प्रगति पर बोलते हुए कहा — > “भारत आज एक परिवर्तनकारी दौर में है। हमारी युवा शक्ति, मजबूत अर्थव्यवस्था और इनोवेशन की भावना हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे ले जा रही है। ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी पहल भारत के नवोन्मेषी भविष्य की पहचान बन चुकी हैं।” यह दौरा न केवल भारत-बोत्सवाना संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि अफ्रीका में भारत की वन्यजीव संरक्षण साझेदारी को भी नई दिशा देगा।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा बदलाव तय, 41 में से 36 जिलाध्यक्ष होंगे नए
✍️ भागीरथी यादव रायपुर- छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी पूरी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 41 जिलाध्यक्षों में से 36 नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है, जबकि 5 वर्तमान जिलाध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। नई जिलाध्यक्षों की सूची, जो लंबे समय से अटकी हुई थी, अब जल्द जारी की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान ने नामों पर अंतिम मुहर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 14 नवंबर के बाद किसी भी समय सूची जारी हो सकती है। इस बार कांग्रेस ‘परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम’ और ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति को लागू करने जा रही है। इसके साथ ही संगठन में युवाओं, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता देने की भी तैयारी है। पार्टी का उद्देश्य नए चेहरों के माध्यम से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा देना है, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
कथा वाचक पंडित आशुतोष चैतन्य पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज
सतनामी समाज ने किया तखतपुर थाने का घेराव, गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा समाज — धार्मिक कथा के दौरान विवादित टिप्पणी से भड़का समाज बिलासपुर/तखतपुर। तखतपुर में रविवार को आयोजित एक धार्मिक कथा के दौरान कथावाचक पंडित आशुतोष चैतन्य द्वारा कथित रूप से सतनामी समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से विवाद गहरा गया। घटना के बाद सतनामी समाज के सैकड़ों लोग आक्रोशित होकर थाने पहुंच गए और कथावाचक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। — थाने का घेराव, नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन मामला सामने आते ही तखतपुर थाने के बाहर बड़ी संख्या में समाजजन जुट गए। विरोध के दौरान नारेबाजी और थाने का घेराव किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि > “धार्मिक मंच का उपयोग किसी समाज या वर्ग को नीचा दिखाने के लिए नहीं होना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न करे।” — समाज की मांग — आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी हो सतनामी समाज के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल थाना प्रभारी से मिला और एससी-एसटी (एट्रोसिटी) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। — पुलिस की तत्परता — एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज विरोध बढ़ता देख तखतपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कथावाचक पंडित आशुतोष चैतन्य के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। थाना प्रभारी ने बताया कि > “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने एहतियातन थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। — विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल थाने के बाहर हुए विरोध में बिहारी सिंह टोडर, संजीव खांडे, चोवादास खांडेकर, साधेलाल भारद्वाज, संदीप खांडे, जितेंद्र बंजारे, आदर्श बंजारे, होरीलाल माथुर, रामेश्वर रात्रे, विक्की दिनकर, नरेंद्र दिनकर, मंजू खांडे, कृष्णा जांगड़े, कोमल टोडर, राजेश खांडे, जितेंद्र जांगड़े, निलेश भार्गव, प्रदीप लहरे, अनिल और फिरोज दिवाकर सहित सैकड़ों समाजजन मौजूद रहे। — समाज का बयान — “गरिमा पर आघात बर्दाश्त नहीं” सतनामी समाज के नेताओं ने कहा — > “हम किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमारे समाज की गरिमा पर आघात करेगा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। यह सिर्फ हमारा नहीं, सामाजिक सम्मान का सवाल है।” — पुलिस प्रशासन की अपील — शांति बनाए रखें पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि > “कानून से बढ़कर कोई नहीं है। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — स्थिति फिलहाल नियंत्रण में, पर तनाव बरकरार हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ, लेकिन तखतपुर नगर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच एट्रोसिटी एक्ट के प्रावधानों के तहत कर रही है और कहा गया है कि “साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।”
















