दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप पर हाथ साफ करने की कोशिश, CCTV में कैद शातिर चोर
बलौदाबाजार जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब भीड़भाड़ वाले बाजार भी सुरक्षित नहीं रहे। पलारी थाना क्षेत्र के रोहंसी रोड स्थित दिलीप ज्वेलर्स में बुधवार शाम एक शातिर चोर ग्राहक बनकर दुकान में घुसा और मौका मिलते ही लाखों के सोने के जेवरात उठाकर भागने लगा। हालांकि दुकान कर्मचारी महेंद्र साहू की सतर्कता से बड़ी चोरी टल गई। पीछा होते देख घबराए आरोपी ने जेवरात वहीं छोड़ दिए और फरार हो गया। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। घटना की सूचना पर पलारी पुलिस मौके पर पहुंची। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान और तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेहरू चौक पर युवतियों से बदसलूकी, नाश्ते के दौरान थप्पड़ मारने की घटना से शहर में आक्रोश
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर के व्यस्त नेहरू चौक पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रतन लस्सी दुकान में सुबह नाश्ता करने पहुंची दो युवतियों के साथ खुलेआम बदसलूकी और मारपीट की गई। जानकारी के मुताबिक, आरोपी अन्ना डोसा संचालक संजय तरण पुष्कर ने जबरन पास बैठने की कोशिश की। विरोध करने पर उसने पहले गाली-गलौच की और फिर दोनों युवतियों को थप्पड़ मार दिए। घटना से अफरा-तफरी मच गई, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित युवतियों की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर से उजागर करती है।
दिल्ली में नकली ब्रांडेड कपड़ों की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 1,919 रेडीमेड परिधान जब्त
दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट जिला जांच इकाई (DIU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए टोडापुर इलाके में चल रही अवैध गारमेंट निर्माण और भंडारण इकाई का पर्दाफाश किया है। छापेमारी में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर तैयार किए गए 1,919 नकली रेडीमेड कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से आरोपी राजीव नागपाल (45) को गिरफ्तार किया है। जब्त माल में जारा, यूएसपीए और लेवाइस जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स की नकली शर्ट शामिल हैं। यह कार्रवाई ब्रांड कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की शिकायत और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद की गई। मामले में थाना इंदरपुरी में ट्रेड मार्क्स एक्ट और कॉपीराइट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस के मुताबिक, नकली ब्रांड कारोबार से जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है।
ज्वाइनिंग से इनकार पड़ा महंगा: सरगुजा में 10 सहायक शिक्षक निलंबित
✍️ भागीरथी यादव सरगुजा। छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत जारी पदस्थापना आदेशों की अनदेखी अब महंगी पड़ने लगी है। सरगुजा जिले में स्थानांतरण के बाद भी नए स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 10 सहायक शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डॉ. दिनेश कुमार झा ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक अनुशासन को लेकर शिक्षा विभाग के सख्त रुख को दर्शाती है। नियमों के उल्लंघन का आरोप डीईओ द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित शिक्षकों का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन है। विभाग का कहना है कि स्थानांतरण आदेश लागू होने के बाद सेवा दायित्वों से बचना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही ज्वाइनिंग नहीं देने वाले पांच शिक्षकों को संयुक्त संचालक (जेडी) स्तर से निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद डीईओ स्तर पर की गई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। निलंबित शिक्षकों की सूची निलंबन की कार्रवाई जिन सहायक शिक्षकों पर की गई है, उनमें— गीता चौधरी (प्राथमिक शाला रिखीमुंडा), अजय कुमार मिश्रा (प्राथमिक शाला बांधपारा), सीमा सोनी (प्राथमिक शाला चठीरमा), अल्पना गुप्ता (प्राथमिक शाला हर्राटिकरा), मधु गुप्ता (प्राथमिक शाला बिसुनपुर), भीष्म सिंह (प्राथमिक शाला मुड़ापारा), अंजुला श्रीवास्तव (प्राथमिक शाला हर्राटिकरा), निर्मला तिर्की (प्राथमिक शाला दरिमा), बिंदु जायसवाल (प्राथमिक शाला चिटकीपारा, संकुल टपरकेला) और गीता देवी (प्राथमिक शाला रजपुरीखुर्द) शामिल हैं। संदेश साफ शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि युक्तियुक्तकरण और स्थानांतरण आदेशों का पालन अनिवार्य है, और आदेशों की अवहेलना करने वालों पर अब सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।
सरकार का सख्त अल्टीमेटम: 13 जनवरी तक जॉइनिंग नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन ने स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त रुख अपना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों के सचिवों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 13 जनवरी 2026 तक हर हाल में नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण किया जाए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी। जीएडी ने अपने पत्र में साफ किया है कि राज्य के कई विभागों में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी नई पोस्टिंग पर जॉइन नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा असर जिलों में चल रही जनहित योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे शासन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। तत्काल कार्यमुक्ति के निर्देश विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी और कर्मचारी अब तक नई जगह जॉइन नहीं कर पाए हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाए और स्पष्ट रूप से चेतावनी दी जाए कि वे 13 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं सरकार ने दो टूक कहा है कि तय समय-सीमा के बाद भी यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आदेशों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने और योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। संकेत साफ है—अब ट्रांसफर आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, समय पर जॉइनिंग अनिवार्य होगी, वरना कार्रवाई तय है।
सड़क सुरक्षा माह 2026: छत्तीसगढ़ में दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए सरकार का समन्वित अभियान
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत प्रतिदिन व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति को मजबूत करना है। शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा जन-जागरूकता हेतु तैयार पोस्टर और फ्लैक्स का विमोचन किया गया। वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों से पंचायत स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस पहल करने की अपील जारी की। हेलमेट रैली से अभियान का शुभारंभ 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष—माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी, की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। उच्चस्तरीय बैठकें, ठोस कार्ययोजना 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय बैठक—जिसमें संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग—जहाँ दुर्घटनाएँ अधिक हैं—के लिए अलग से केंद्रित रणनीति बनाकर 2026 में दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए गए। सख्ती + जागरूकता = परिणाम प्रदेश में 2025 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। यातायात नियम उल्लंघन पर लगभग 45% अधिक कार्रवाई (करीब 9 लाख प्रकरण) लगभग 39 करोड़ रुपये का परिशमन शुल्क संकलन जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप लगभग 3% मृत्यु दर में कमी 20 जिलों में मृत्यु दर घटी; रायपुर सहित 13 अन्य जिलों में लक्षित सुधार कार्य जारी 2026 के लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में न्यूनतम 10% मृत्यु दर में कमी दुर्घटना-जन्य ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक उपाय आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना मैदान में रोज़ाना कार्रवाई सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग पर समझाइश नियमों का पालन करने वाले नागरिकों का सम्मान संदेश स्पष्ट है: नियमों का पालन ही सुरक्षा की कुंजी है। सरकार, प्रशासन और नागरिक—तीनों की साझा जिम्मेदारी से ही सुरक्षित सड़कों का लक्ष्य हासिल होगा।
बिलासपुर में जनजातीय प्रतिभा का महासंगम खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स चयन ट्रायल में उमड़ा उत्साह
बिलासपुर। जिले के बहतराई स्थित बी.आर. यादव स्टेडियम में खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए आयोजित चयन ट्रायल जनजातीय खिलाड़ियों के जोश, जुनून और प्रतिभा का जीवंत मंच बन गया। छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा कराए जा रहे इस ट्रायल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे जनजातीय खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। ऑनलाइन-ऑफलाइन पंजीयन की सुगम व्यवस्था सुबह से ही स्टेडियम में खिलाड़ियों की चहल-पहल रही। ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की पंजीयन व्यवस्था की गई थी। क्यूआर कोड और रजिस्ट्रेशन लिंक से जहां डिजिटल पंजीयन कराया गया, वहीं ट्रायल स्थल पर ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध रही। सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की मूल प्रति प्रस्तुत की। बिलासपुर में पहली बार ट्राइबल गेम्स ट्रायल यह बिलासपुर में पहली बार है जब खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का चयन ट्रायल आयोजित किया गया। राज्य स्तर पर टीम चयन के लिए 6 से 8 जनवरी तक रायपुर और बिलासपुर में ट्रायल चल रहे हैं, जिनमें कुल सात खेलों को शामिल किया गया है। खेलवार चयन इस प्रकार है— रायपुर: वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, फुटबॉल, हॉकी बिलासपुर: तीरंदाजी, एथलेटिक्स, तैराकी बिलासपुर में तीरंदाजी, एथलेटिक्स और तैराकी के ट्रायल सुबह से ही शुरू हो गए। खास बात यह रही कि महिला और पुरुष दोनों वर्गों के लिए कोई आयु सीमा तय नहीं की गई, जिससे अधिक से अधिक प्रतिभाओं को अवसर मिल सका। “यह खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का पहला संस्करण है। छत्तीसगढ़ के जनजातीय खिलाड़ियों को स्टेट और नेशनल स्तर पर खेलने का शानदार मौका मिल रहा है।” खिलाड़ियों में दिखा जबरदस्त उत्साह अलग-अलग संभागों से आए खिलाड़ियों में ट्रायल को लेकर खासा उत्साह नजर आया। सभी ने इसे अपने खेल करियर की दिशा बदलने वाला अवसर बताया और पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स चयन ट्रायल न केवल जनजातीय खिलाड़ियों की छिपी प्रतिभा को सामने ला रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रहा है।
दुर्ग में इंसानियत शर्मसार: सड़क सुरक्षा की सलाह बनी मौत की वजह, बुजुर्ग को पीट-पीटकर उतारा गया मौत के घाट
दुर्ग। स्टील सिटी दुर्ग-भिलाई में बुधवार को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाने की मामूली सलाह एक बुजुर्ग के लिए मौत का फरमान बन गई। लिंक रोड कैंप-2 इलाके में युवकों की बेरहमी ने 66 वर्षीय विक्रम राय की जान ले ली। समझाइश पर भड़की हिंसा जानकारी के मुताबिक विक्रम राय अपने साथी सुनील राय के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर पावर हाउस मार्केट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहे एक युवक को विक्रम राय ने सड़क सुरक्षा को लेकर संभलकर चलने की सलाह दी। यह बात युवक को इतनी नागवार गुज़री कि उसने रास्ता रोककर पहले गाली-गलौज की और फिर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। दोस्तों को बुलाकर किया जानलेवा हमला बीच-बचाव करने आए सुनील राय को भी आरोपी ने नहीं छोड़ा, उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर विक्रम राय को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर चोटों के चलते विक्रम राय सड़क पर ही बेहोश हो गए, बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हाल ही में कैंसर सर्जरी से उबरे थे विक्रम राय घटना को और भी दर्दनाक बनाने वाला तथ्य यह है कि विक्रम राय का कुछ दिन पहले कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे थे। परिवार इस बात से टूट गया है कि एक सामान्य समझाइश इतनी क्रूर हिंसा में बदल गई। मृतक के परिजन अरविंद राय ने कहा, “यह सोचा भी नहीं था कि सड़क पर समझाइश करना किसी की जान ले लेगा। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही छावनी पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुकांत उर्फ चिरागन सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी प्रशांत कुमार ने बताया, “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” समाज के लिए डरावना संदेश दुर्ग की इस घटना ने समाज में बढ़ती असहिष्णुता, गुस्से और हिंसक मानसिकता को उजागर कर दिया है। सड़क पर मामूली टोका-टाकी भी अब जानलेवा बनती जा रही है। इस घटना के बाद दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं लोग सवाल उठा रहे हैं— क्या अब समझदारी और जिम्मेदारी की बात करना भी अपराध हो गया है?
कांग्रेस का चुनावी शंखनाद: चार राज्यों के लिए AICC सीनियर ऑब्ज़र्वर नियुक्त
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने असम, केरल, तमिलनाडु–पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के लिए सीनियर ऑब्ज़र्वरों की नियुक्ति कर दी है। यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। AICC के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष ने अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपते हुए चुनावी रणनीति को धार देने का निर्णय लिया है। असम के लिए सीनियर ऑब्ज़र्वर श्री भूपेश बघेल श्री डी.के. शिवकुमार श्री बंधु तिर्की केरल के लिए सीनियर ऑब्ज़र्वर श्री सचिन पायलट श्री के.जे. जॉर्ज श्री इमरान प्रतापगढ़ी श्री कन्हैया कुमार तमिलनाडु एवं पुडुचेरी के लिए श्री मुकुल वासनिक श्री उत्तम कुमार रेड्डी श्री क़ाज़ी मोहम्मद निज़ामुद्दीन पश्चिम बंगाल के लिए श्री सुदीप रॉय बर्मन श्री शकील अहमद ख़ान श्री प्रकाश जोशी कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इन वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और जमीनी पकड़ से राज्यों में संगठन को मजबूती मिलेगी और चुनावी तैयारियों को नई दिशा मिलेगी। यह नियुक्तियां साफ संकेत देती हैं कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है।
महासमुंद पुलिस की बड़ी कामयाबी: 5 क्विंटल से अधिक गांजा जब्त, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के वनांचल जिले महासमुंद में पुलिस ने नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट करते हुए 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से महाराष्ट्र गांजे की खेप पहुंचाने की फिराक में थे। जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। ट्रैवल एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा के खरियार रोड से एक ट्रैवल एंबुलेंस में गांजे की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही महासमुंद पुलिस हरकत में आई और कोमाखान थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान संदिग्ध वाहन को रोका गया। तलाशी में एंबुलेंस के भीतर छिपाकर रखी गई 14 प्लास्टिक की बोरियों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गोलमोल जवाब, फिर गिरफ्तारी पूछताछ के दौरान आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे यह खेप ओडिशा के भवानीपटना से महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। एसपी के निर्देश पर सख्त अभियान जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए एसपी के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसी के तहत चेक पोस्टों पर लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसका यह बड़ा परिणाम सामने आया है। एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की अहम भूमिका यह पूरी कार्रवाई थाना कोमाखान पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की सतर्कता से अंजाम दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। नशे के सौदागरों के लिए कड़ा संदेश महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के कारोबार के लिए अब कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
















