खोंगापानी वन कार्य घोटाला: मजदूरों का हक छीना, जेसीबी से उजाड़ा गया नाला — क्या डीएफओ मनीष कश्यप की जानकारी में हुआ पूरा खेल?

  एमसीबी / मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत खोंगापानी क्षेत्र में कराए गए वन कार्यों को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जिन कार्यों को मानव श्रम से कराकर ग्रामीणों को रोजगार देना था, उन्हें खुलेआम जेसीबी मशीनों से कराया गया, जिससे न केवल मजदूरों का हक छीना गया बल्कि पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ किया गया। रोजगार की जगह मशीनें, पर्यावरण पर भी संकट ग्रामीणों के अनुसार बरसाती नाले में मशीनों के प्रयोग से प्राकृतिक जल प्रवाह से छेड़छाड़ की गई है। इससे आने वाले समय में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने और क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन की आशंका बढ़ गई है। सवाल यह है कि क्या यह सब बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के संभव था? अधिकारियों के संरक्षण में काम होने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा कार्य वन मंडलाधिकारी (डीएफओ), अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) और संबंधित रेंजर की जानकारी एवं संरक्षण में कराया गया। जब इस संबंध में रेंजर कुर्रे से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। पहले भी उजागर हो चुके हैं ऐसे ही मामले ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले बहरासी क्षेत्र में भी बरसाती नाले पर जेसीबी और ट्रैक्टर से तालाब निर्माण कराया गया था। उस मामले में न तो कोई जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई या राशि की रिकवरी। लगातार ऐसे मामलों से वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएफओ मनीष कश्यप का पक्ष अब तक गायब मामले में वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप का पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल ब्लॉक मिला। एक जिम्मेदार अधिकारी का मीडिया और आम जनता से इस तरह दूरी बनाए रखना विभागीय मंशा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। फर्जी मस्टर रोल और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सूत्रों के अनुसार पूरे मामले में फर्जी मस्टर रोल भरकर मजदूरी राशि के आहरण और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो भुगतान प्रक्रिया, मशीनों के उपयोग और मस्टर रोल में भारी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीणों ने खोंगापानी और बहरासी—दोनों मामलों में निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही मशीनों से कराए गए कार्यों की लागत, भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण जैसे कार्य स्थानीय मजदूरों से कराए जाएं, ताकि विकास के साथ रोजगार भी सुनिश्चित हो। चुप्पी या कार्रवाई? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग के शीर्ष अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर चुप्पी तोड़ेंगे, या यह मामला भी पहले की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा? गौरतलब है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में 9 दिसंबर 2025 को कांग्रेस कमेटी द्वारा उग्र प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या खोंगापानी वन कार्य घोटाले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर आरोपों की यह फेहरिस्त भी सिस्टम की भेंट चढ़ जाएगी।

सोशल मीडिया वीडियो से हड़कंप: अचानकमार टाइगर रिजर्व में हथियार लहराने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   कोर जोन से सटे क्षेत्र में फायरिंग, वन विभाग की सख्त कार्रवाई मुंगेली –  अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। प्रतिबंधित कोर जोन से लगे क्षेत्र में अवैध प्रवेश कर हथियार लहराने और फायरिंग करने के मामले में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वायरल वीडियो में खुलेआम हथियार लहराते और गोली चलाते युवक दिखाई दे रहे थे, जिससे न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई।  गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है— अजीत वैष्णव (26 वर्ष) अनिकेत (27 वर्ष) विक्रांत वैष्णव (36 वर्ष) आरोपियों के कब्जे से 2 एयर राइफल और एक टाटा सफारी स्टॉर्म वाहन जब्त किया गया है। कड़ी धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।  विभागीय स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की है— संबंधित बैरियर गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया परिक्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी पूरे प्रकरण की जांच के लिए सहायक संचालक (कोर) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया  वन विभाग का सख्त संदेश वन विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि— “टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध प्रवेश, हथियारों का प्रदर्शन और वन्यजीवों को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”  आम नागरिकों से अपील वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें संरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राजधानी की सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों का हंगामा — व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

    रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सुनील महानद के रूप में हुई है, जो जेल की बड़ी गोल नंबर–5 बैरक में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए जेल प्रशासन पर प्रताड़ना और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सुनील को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी को आत्महत्या का मौका कैसे मिला? क्या जेल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही ढंग से कर रहा था? घटना के बाद गंज थाना क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में गाड़ा समाज के लोग सेंट्रल जेल के बाहर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उच्च स्तरीय जांच और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कैदी की मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण या साजिश छिपी है। फिलहाल, सेंट्रल जेल में हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है और जांच के नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।  

वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी उजागर

  कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक अनुपस्थित, जनपद सदस्य ने जताई नाराजगी सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी/चोटिया) — जिले के सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत धवलपुर के ग्राम कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक की अनुपस्थिति पाए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के भ्रमण पर निकले युवा जनपद सदस्य एवं अधिवक्ता संतोष मरावी जब कुकरी बहरा पहुंचे, तो एकल शिक्षकिय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक रेशम लाल रात्रे सुबह लगभग 10:30 बजे तक विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जनपद सदस्य संतोष मरावी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है और ऐसे संवेदनशील समय में शिक्षक की गैरमौजूदगी बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। मामले को लेकर जब सेंन्हा संकुल के प्रभारी जन शिक्षक घनश्याम चक्रधारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में मूल रूप से पदस्थ शिक्षिका विमला यादव अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर व्यवस्था के तहत रेशम लाल जांगड़े को पदस्थ किया गया है, जो बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने सीएससी सेंन्हा आए थे। इस जवाब के बाद संकुल प्रभारी ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वनांचल क्षेत्रों में पदस्थ कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं रहते। वहीं विभागीय अधिकारी एवं जन शिक्षक समय-समय पर विद्यालयों की मॉनिटरिंग नहीं करते, जिससे ऐसी लापरवाहियां लगातार सामने आ रही हैं। इस संबंध में जनपद सदस्य संतोष मरावी ने कहा कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ वे पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत की आगामी मासिक बैठक में मामला उठाएंगे, ताकि वनांचल क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

दुर्ग में अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

✍️ भागीरथी यादव   दुर्ग। दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने संगठित तरीके से अवैध शराब की बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना होलोग्राम लगी बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब, स्कूटी और मोबाइल फोन सहित कुल 78 हजार 200 रुपये की सामग्री जब्त की है। इस मामले में गिरोह के तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 4 जनवरी को पद्मनाभपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक स्कूटी से अवैध शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से बोरसीभाठा रेलवे फाटक की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल इलाके में घेराबंदी कर स्कूटी सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान ग्राम धनोरा निवासी संतोष गिरी (47 वर्ष) और सेक्टर-5 भिलाई नगर निवासी राज नायक (19 वर्ष) के रूप में कराई। तलाशी के दौरान आरोपी राज नायक के पास से स्कूटी में रखी प्लास्टिक बोरी से 10 बोतल रॉयल स्टैग सुपीरियर व्हिस्की (7.50 बल्क लीटर, अनुमानित कीमत 8,400 रुपये), एक सिल्वर रंग की एक्टिवा स्कूटी (कीमत लगभग 40,000 रुपये) और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन (कीमत करीब 15,000 रुपये) बरामद किया गया। वहीं, आरोपी संतोष गिरी के कब्जे से खाकी रंग के कार्टन में भरे 48 पौवा रॉयल ब्लू माल्ट व्हिस्की (8.64 बल्क लीटर, कीमत 4,800 रुपये) और सैमसंग कंपनी का एक मोबाइल फोन (कीमत करीब 10,000 रुपये) जब्त किया गया। बरामद शराब पर किसी प्रकार का वैध होलोग्राम नहीं पाया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों से अवैध रूप से शराब लाकर दुर्ग–भिलाई शहर में संगठित ढंग से बिक्री करते थे। मामले में पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(1) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।  

बिलासपुर में वर्दी की दबंगई का आरोप, महिला ने SP से लगाई न्याय की गुहार

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पुलिस की छवि को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंधी में एक महिला ने पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों पर मारपीट, धमकी और जबरन कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता बबली शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना उस समय हुई, जब वह अपने घर पर मौजूद थीं। आरोप है कि तारबहार थाने में पदस्थ ASI संजय शर्मा, उनके साथ राजीव शर्मा और आंचल शर्मा उनके कोठार के चारों ओर लगाए गए घेरा तार को काट रहे थे। विरोध करने पर भी तीनों नहीं रुके और जबरन तार काटते रहे। बबली शर्मा के अनुसार, उनके ससुर रमेश शर्मा ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि ASI संजय शर्मा ने पुलिस की वर्दी का रौब दिखाते हुए लोहे की वस्तु और डंडे से रमेश शर्मा के साथ मारपीट की। घटना यहीं नहीं रुकी। बीच-बचाव करने पहुंची बबली शर्मा और उनके पति हितेश शर्मा के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। बबली शर्मा का आरोप है कि संजय शर्मा ने लोहे की वस्तु से उनके माथे पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। वहीं राजीव शर्मा पर हितेश शर्मा को लोहे की वस्तु से मारने और आंचल शर्मा पर हाथ-मुक्के व डंडे से पिटाई करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद डरा-सहमा पीड़ित परिवार न्याय की तलाश में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया नेशनल हाईवे जाम

  बिलासपुर। जिले के रतनपुर–पाली सीमा क्षेत्र में नेशनल हाईवे 130 पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 6 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नीलमदास मानिकपुरी, निवासी करतली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नीलमदास सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। चक्का जाम के चलते दोपहिया वाहन चालकों समेत बसों और अन्य यात्री वाहनों में सवार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पुलिस प्रशासन एवं तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान किए जाने के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल किया गया। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अर्चना झा ने बताया कि पैदल चल रहे व्यक्ति को ट्रेलर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उत्पन्न चक्का जाम की स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित ट्रेलर चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

दर्री में दिल दहला देने वाला हादसा: तेज रफ्तार हाइवा ने मां-बेटी को कुचला, मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम

  कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। बाजार से खरीदारी कर स्कूटी से घर लौट रही एक महिला और उसकी मासूम बेटी को तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइवा चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। अचानक हुई टक्कर में स्कूटी सड़क पर घिसटती चली गई और मां-बेटी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया। घटना की सूचना फैलते ही इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क पर उतरकर यातायात बाधित कर दिया। लोगों ने हाइवा चालक को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन भीड़ को समझाइश देकर शांत कराने और यातायात को बहाल करने में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कितनी सख्ती दिखाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

गेवरा खदान में बवाल: दो निजी कंपनियों के कर्मचारियों में भिड़ंत, सुरक्षा कर्मी भी बने शिकार, वीडियो वायरल

  कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। यह विवाद केसीपीएल और केके इंटरप्राइजेज कंपनियों के कर्मचारियों के बीच हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना उग्र हो गया कि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा, लेकिन हालात बेकाबू होने के कारण वे खुद भी हाथापाई की चपेट में आ गए। कुछ देर तक खदान परिसर रणक्षेत्र बना रहा, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि गेवरा खदान में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि खदान में बढ़ती दबंगई और आपसी टकराव के बावजूद प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। पहले खदान परिसर में सख्त निगरानी व्यवस्था थी—सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी और मारपीट या अनुशासनहीनता पर संबंधित कंपनी के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि ब्लैकलिस्टिंग भी की जाती थी। लेकिन अब वह व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जिससे कर्मचारियों में कार्रवाई का भय खत्म होता जा रहा है। कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो खदान परिसर में कभी भी कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जानकारी एसईसीएल प्रबंधन को दे दी गई है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। इधर, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गेवरा जैसी देश की प्रमुख कोयला खदान में अनुशासन बहाल करने के लिए प्रबंधन सख्त कदम उठाएगा, या फिर ऐसी घटनाएं यूं ही बढ़ती रहेंगी?

संपत्ति विवाद में खूनखराबे की नौबत: बड़े भाई ने छोटे भाई को तलवार लेकर दौड़ाया, आरोपी जेल भेजा गया

  सुशील जायसवाल   कोरबी/चोटिया (पसान)। पसान थाना अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलके (तेंदूटिकरा) में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भैंस की लेन-देन और बंटवारे को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की जान लेने की नीयत से उस पर धारदार तलवार लेकर दौड़ा दिया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार 3 जनवरी 2026 की है। प्रार्थी बाबूलाल यादव (27 वर्ष), पिता प्रभु यादव, निवासी ग्राम पंचायत जलके ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई बनवारी लाल यादव लंबे समय से संपत्ति और भैंस की लेन-देन को लेकर उससे झगड़ा करता आ रहा था। शनिवार को इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि भैंस बेचने को लेकर हुए विवाद में बनवारी लाल यादव तैश में आ गया और भारी-भरकम लोहे की धारदार तलवार लेकर अपने छोटे भाई बाबूलाल को मारने की नीयत से दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए बाबूलाल किसी तरह मौके से भागा और गांव के कोटवार के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बनवारी लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में जमानत नहीं मिलने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

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