कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
कोरबा 31 जुलाई 2025/ नीति आयोग के तत्वावधान में संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन रहें। संपूर्णता अभियान आकांक्षी जिलों एवं ब्लॉकों के लिए एक ऐतिहासिक पहल रही, जिसका उद्देश्य प्रमुख 6 प्रदर्शन संकेतकों में पूर्णता प्राप्त करना था। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं ब्लॉक अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों, फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा विभिन्न विभागीय टीमों के समन्वित प्रयास से कोरबा ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के 6 में से 5 संकेतकों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त की। कोरबा आकांक्षी ब्लॉक 6 में से 5 संकेतकों में शत प्रतिशत उपलब्धि वहीं पोड़ी उपरोड़ा आकांक्षी ब्लॉक 6 में से 4 संकेतकों में शत प्रतिशत उपलब्धि रही। इस सफलता पर कोरबा ब्लॉक को सिल्वर मेडल एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक को कांस्य पदक प्रदान किया गया। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कोरबा जिला, कोरबा एवं पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉकों के प्रयासों से आकांक्षी जिला श्रेणी में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभागीय टीमों के परिश्रम और सामूहिक समर्पण का परिणाम है। हमें सतत प्रयास कर कोरबा को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाकर विकसित जिलों में शामिल करना है। कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का क्षण है। एक समय आकांक्षी जिलों की सूची में कोरबा 73वें स्थान पर था, आज यह रजत पदक प्राप्त कर रहा है। यह सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। विधायक पाली तानाखर श्री तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने समारोह में सम्मानित हुए सभी अधिकारी कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने सभी को आगे भी कोरबा जिले को आकांक्षी जिले की सूची से बाहर लाने के लिए विशेष प्रयास करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। आकांक्षी ब्लॉक कोरबा एवं पोड़ी उपरोड़ा के तात्कालीन सीईओ को क्रमशः सिल्वर एवं कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में महापौर नगर निगम कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधन दिया एवं सम्मानित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी।
वाडला गांव में हुई संचार क्रांति की शुरुआत, मोबाइल टॉवर से गांवों को मिला नेटवर्क का तोहफा
बीजापुर – भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत सुदूर गांव वाडला में अब मोबाइल नेटवर्क की गूंज सुनाई देगी। वर्षों से संचार सुविधा से वंचित रहे ग्रामीणों को आखिरकार बेहतर नेटवर्क की सौगात मिल गई। बुधवार को ग्राम वाडला में जिओ मोबाइल टॉवर का विधिवत संचालन प्रारंभ हुआ, जिससे आसपास के गांव पोलेम, मटटीमरका और गोखुर के हजारों ग्रामीणों को अब मोबाइल और इंटरनेट सुविधा का लाभ मिलेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना और केंद्र सरकार की यूएसओएफ योजना के तहत पूरी की गई है। संचार सुविधा की बहाली से न केवल स्थानीय निवासियों को अपने परिवार व मित्रों से जुड़ने में आसानी होगी, बल्कि छात्रों और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच भी अब सुलभ हो गई है। गांव में नेटवर्क के शुरू होने से सुरक्षा, आपातकालीन सेवा, प्रशासनिक संपर्क और डिजिटल लेनदेन जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें छोटी- छोटी बातों के लिए ब्लॉक मुख्यालय नहीं दौड़ना पड़ेगा। इस कदम को क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक जीवन के लिए डिजिटल क्रांति की नींव माना जा रहा है। डिजिटल समावेशन की यह पहल आदिवासी अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 6 बड़े फैसले, किसान संपदा योजना के लिए 6520 करोड़ मंजूर
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों और रेलवे से जुड़े छह फैसले किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दो फैसले किसानों से जुड़े हैं और चार फैसले रेलवे से जुड़े हैं। इस मीटिंग का आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुआ। बैठक में 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के दौरान चल रही केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजन’ के लिए 1920 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी गई है। अब इस योजना का बजट बढ़कर कुल 6520 करोड़ रुपये पहुंच गया है। किसानों से जुड़े बड़े फैसले प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना की घटक योजना एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन अवसंरचना के अंतर्गत 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों को बनाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना के तहत एनएबीएल मान्यता प्राप्त 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इनकी स्थापना के लिए 1000 करोड़ रुपये और 15वें वित्त आयोग के दौरान पीएमकेएसवाई की विभिन्न घटक योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए 920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जारी होंगे अभिरुचि पत्र आईसीसीवीएआई और एफएसक्यूएआई दोनों ही योजनाएं पीएमकेएसवाई योजना का हिस्सा हैं। ये दोनों योजनाएं मांग के आधार पर चलती हैं। ऐसे में देश भर की पात्र संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए अभिरुचि पत्र जारी किए जाएंगे। आओआई के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों को मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता मानदंडों के अनुसार उचित जांच के बाद अनुमोदित किया जाएगा। 100 एनएबीएल लैब बढ़ाएंगी खाद्य सुरक्षा प्रस्तावित 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों के कार्यान्वयन से इन इकाइयों के अंतर्गत विकिरणित खाद्य उत्पादों के प्रकार के आधार पर प्रति वर्ष 20 से 30 लाख मीट्रिक टन तक की कुल परिक्षण क्षमता सृजित होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित 100 एनएबीएल मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना से खाद्य नमूनों के परीक्षण के लिए उन्नत अवसंरचना का विकास होगा, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन और सुरक्षित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। 3 करोड़ सदस्यों को होगा फायदा सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए एनसीडीसी को अधिक मजबूत बनाने का फैसला किया गया है। इसकी कैपिटल 2000 करोड़ रुपए बढ़ाई गई है। सहकारिता की नई नीति हाल ही में लॉन्च की गई थी। एनसीडीसी जो कर्ज देती है, उसका नेट एनएपी शून्य है। इस योजना के तहत अगले चार साल तक हर साल 500 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। कुल 20 हजार करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। इससे करीब 13 हजार सहकारी सोसायटी और 3 करोड़ सदस्यों को फायदा होगा। इटारसी और न्यू जलपाईगुड़ी में चौथी रेल लाइन इस बैठक में इटारसी से नागपुर के बीच चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। वहीं, अल्याबरी से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। छत्रपति संभाजीनगर से प्रभानी लाइन को भी डबल करने की मंजूरी दी गई है। इससे रेल यातायात बेहतर होगा।
सहायक वन संरक्षक और वनक्षेत्रपालों के ट्रांसफर, आदेश हुए जारी
रायपुर: राज्य सरकार ने सहायक वन संरक्षक संवर्ग (Assistant Forest Conservator) के अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों का ट्रांसफर कर दिया है। इस संबंध में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है आदेश के अनुसार 41 सहायक वन संरक्षक संवर्ग के अधिकारियों का तबादला हुआ है। वहीं 67 वनक्षेत्रपालों को भी इधर से उधर कर दिया गया है। अधिकारियों और वनक्षेत्रपालों को नवीन पदस्थापना भी दे दी गई है।
महिला की संदिग्ध मौत का खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई, पति गिरफ्तार
आरंग : महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाने से मौत की बात समाने आई है. आरंग पुलिस मृतका के पति देवसिंग को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. पूरा मामला ग्राम पारागांव का है. दरअसल 12 जून 2025 को महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरंग पुलिस ने मृतिका के पति को गिरफ्तार किया है. आरंग थाना प्रभारी राजेश सिंह ने लल्लूराम डॉट कॉम को बताया कि 12 जून 2025 को ग्राम पारागांव निवासी कुमारी बाई निषाद (उम्र 27 वर्ष) की मौत हो गई थी. उसके पति देवसिंग निषाद ने पुलिस को बताया था कि सुबह करीब 4 बजे उसकी पत्नी सोते हुए मृत अवस्था में पाई गई. पंचनामा के दौरान मृतिका के बाएं कान से खून निकला था और सीना फूला हुआ था. मृतिका कुमारी बाई निषाद के परिजनों ने मौत पर संदेह जताया था. पति देवसिंग निषाद से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसका बयान भी संदेहास्पद था. चरित्र पर शंका कर मारपीट करता था पति आरंग पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की गला दबाने से मौत की बात सामने आई. इसके बाद आरंग पुलिस ने पति देवसिंग को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि पति देवसिंग निषाद अपनी पत्नी मृतिका कुमारी बाई निषाद के चरित्र पर शंका करता था और उसके साथ आए दिन मारपीट करता था. उसके बाद पति उसको मायके छोड़ देता था. मायके वाले मृतिका को समझाकर वापस ससुराल छोड़ देते थे. मृतिका ने मां को बताया था – पति से जान को है खतरा जांच में ये बात भी सामने आई है कि कुछ समय पहले पति द्वारा चरित्र शंका पर प्रताड़ित करने से हताश होकर मृतिका ने कीटनाशक दवा पीकर जान देने की कोशिश की थी. इस दौरान समाज वालों ने मीटिंग करके आपसी समझौता करवाया था. घटना के 10 – 15 दिन पहले मृतिका कुमारी बाई निषाद अपने दोनों बच्चों के साथ मायके चंपारण आई थी और अपने मां को पति देवसिंग निषाद से जान का खतरा होना बताया था. मायके वालों ने पति देवसिंग निषाद को एक बार फिर समझाया और मृतिका कुमारी बाई निषाद को पुनः उसके ससुराल पारागांव भेज दिया. इसके बाद 12 जून 2025 को मृतिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जांच में आरंग पुलिस को जो सबूत मिले हैं उसके आधार पति देवसिंग निषाद को गिरफ्तार किया गया है और रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया है.
CG NEWS : नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी होगी शामिल, टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बैठक…
रायपुर: नक्सलियों के खिलाफ ज्वाइंट एक्शन में अब ED भी शामिल होगी. टेरर फंडिंग को लेकर रायपुर में हुई बड़ी बैठक में “प्लान ऑफ एक्शन टू नक्सल” पर चर्चा के दौरान इस संबंध में फैसला लिया गया. बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना,आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी, और डीआईजी शामिल थे. इस दौरान ED और NIA के अफसर से हाल में टेरर फंडिंग को लेकर हुए खुलासे पर चर्चा हुई. इसके साथ ED और NIA के ज्वाइंट ऑपरेशन पर जोर दिया गया. पूरी बैठक IB के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने ली. वित्तीय लेन-देने रोकने का काम करेगी ED इस संबंध में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ED का काम अगर ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन है, तो उसे रोकना है. ये IB की भी सूचना हो सकती है कि लेनदेन की जानकारी निकाल लें. विभिन्न एजेंसियां ये काम करती हैं. ये दिखता है कि मामला ईडी को दिए जाने लायक है तो दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे नक्सलियों का अर्बन, लीगल, फाइनांसियल या रूरल बेस हो, सब पर एजेंसियां काम कर रही हैं.
स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्था का आलम, जनप्रतिनिधियो में नाराजगी !
कोरबा कोरबी चोटिया:- जिले के विकास खंड पोड़ी उपरोड़ा के स्थानीय हायर सेकेंडरी स्वामी आत्मानंद स्कूल में पिछले कई वर्षों से स्कूल में अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है. रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर यात्रियों को झटका, 6 से 15 अगस्त तक 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द विद्यालय में अनुशासन नाम की चीज नहीं, मनमानी, भर्रा शाही,चरम सीमा पर है इस पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि उपसरपंच सीता देवी, ने विद्यालय का जब निरीक्षण किया तो अनेक अनियमिताएं एवं साफ सफाई को लेकर घोर नाराजगी व्यक्त की है, रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस पर यात्रियों को झटका, 6 से 15 अगस्त तक 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार विगत दिनों शिकायत पर विद्यालय के निरीक्षण में गये पोड़ी उपरोड़ा के महामंत्री शोभा सिंग राजपूत मंडल पोड़ी उपरोड़ा, विनोद बरेठ, सोनू पांडेय, एवं उप सरपंच सीता देवी, को स्कूल में अनेक खामियां देखने को मिला, जैसे मध्यान भोजन स्थल पर बज बजाता हुआ नाली से दुर्गंध आना, विद्यालय में साफ सफाई नियमित नहीं होना, शौचालय में गंदगी से स्कूली बच्चे परेशान, तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति नहीं होना बताया गया इस अवस्थाओं को देखकर निरीक्षण टीम ने घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र पैकरा, के मनमानी से पालकों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घोर नाराजगी जताई है और बताया गया कि प्राचार्य पैकरा, ने अपने बलबूते से कार्य करते हुए ग्राम पंचायत के शिक्षा समिति को विद्यालय के बैठक एवं अन्य कार्यों के संबंध में अवगत नहीं कराते हैं, सोभा सिंह राजपूत, ने बताया कि प्राचार्य विद्यालय की बैठक एवं अन्य जानकारियां देने मे हिचकते हैं और रजिस्टर की मांग करने पर आनाकानी करते हैं, प्राचार्य रविंद्र पैकरा, के इस मनमानी के खिलाफ निरीक्षण टीम ने अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए शीघ्र उच्च अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की है!
बीजापुर में हथियार छोड़, उम्मीदों की राह पर लौटे पूर्व नक्सली
अखिलेश उप्पल बीजापुर – जहां एक समय लाल आतंक की गूंज सुनाई देती थी, वहीं अब कारीगरी की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। कभी बंदूक थामने वाले हाथ अब ईंट-गारा जोड़ रहे हैं। बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की ज़िंदगी अब तेज़ी से बदल रही है। सरकार की पुनर्वास नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों ने उन्हें एक नई पहचान दी है। एक शिल्पी, चालक, कारीगर और सबसे अहम, एक नागरिक के रूप में। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन युवाओं को न सिर्फ संरक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार भी किया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को अब भवन निर्माण के लिए राजमिस्त्री का प्रशिक्षण, आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। मालेगांव ब्लास्ट केस: 17 साल बाद कोर्ट का फैसला, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को क्लीन चिट, नहीं मिले सबूत पूर्व महिला नक्सली भी अब सिलाई- कढ़ाई सीखकर अपने जीवन को नए सिरे से गढ़ रही हैं। उनके चेहरों पर अब डर नहीं, आत्मविश्वास की चमक है। प्रशिक्षको का मानना है कि शिक्षा के बिना आत्मनिर्भरता अधूरी है, इसीलिए हर दिन कुछ घंटे इन्हें पढ़ाई और सामान्य ज्ञान की कक्षाएं भी दी जाती हैं। कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों को पहले सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में रखा जाता है, फिर उन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाता है, जहां उन्हें आवासीय सुविधा के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। विकास की इस मुहिम को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए संवेदनशील गांवों में सुरक्षा कैंप भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को वहां तेज़ी से शुरू किया गया है। अब वही हाथ जो कभी जंगलों में छिपे रहते थे, आज जेसीबी चला रहे हैं। जिन आँखों में हिंसा पलती थी, अब वो भविष्य के सपनों से रोशन हैं। बस्तर की धरती अब बारूद की नहीं, बदलाव की खुशबू बिखेर रही है।
बीजापुर में हथियार छोड़, उम्मीदों की राह पर लौटे पूर्व नक्सली। 📞अखिलेश उप्पल, बीजापुर
बीजापुर – जहां एक समय लाल आतंक की गूंज सुनाई देती थी, वहीं अब कारीगरी की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। कभी बंदूक थामने वाले हाथ अब ईंट-गारा जोड़ रहे हैं। बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की ज़िंदगी अब तेज़ी से बदल रही है। सरकार की पुनर्वास नीति और कौशल विकास कार्यक्रमों ने उन्हें एक नई पहचान दी है। एक शिल्पी, चालक, कारीगर और सबसे अहम, एक नागरिक के रूप में। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन युवाओं को न सिर्फ संरक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार भी किया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को अब भवन निर्माण के लिए राजमिस्त्री का प्रशिक्षण, आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। पूर्व महिला नक्सली भी अब सिलाई- कढ़ाई सीखकर अपने जीवन को नए सिरे से गढ़ रही हैं। उनके चेहरों पर अब डर नहीं, आत्मविश्वास की चमक है। प्रशिक्षको का मानना है कि शिक्षा के बिना आत्मनिर्भरता अधूरी है, इसीलिए हर दिन कुछ घंटे इन्हें पढ़ाई और सामान्य ज्ञान की कक्षाएं भी दी जाती हैं। कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों को पहले सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में रखा जाता है, फिर उन्हें पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाता है, जहां उन्हें आवासीय सुविधा के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। विकास की इस मुहिम को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए संवेदनशील गांवों में सुरक्षा कैंप भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को वहां तेज़ी से शुरू किया गया है। अब वही हाथ जो कभी जंगलों में छिपे रहते थे, आज जेसीबी चला रहे हैं। जिन आँखों में हिंसा पलती थी, अब वो भविष्य के सपनों से रोशन हैं। बस्तर की धरती अब बारूद की नहीं, बदलाव की खुशबू बिखेर रही है।
सावन में करें ये 7 उपाय, मिलेगी भोलेनाथ की विशेष कृपा
Sawan 2025 lord shiva puja procedure: शिव कृपा बरसाने वाले सावन महीने में अब कुछ दिन बाकी रह गये हैं. ऐसे में यदि आप अभी तक भगवान भोलेनाथ की साधना-आराधना और जप-तप आदि का लाभ नहीं उठा पाए हैं या फिर आपको लगता है कि आपकी पूजा का आपको पूर्ण फल नहीं प्राप्त हो पा रहा है तो आपको शिव पूजा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों पर जरूर अमल करना चाहिए. सनातन परंपरा में शिव पूजा से जुड़े कुछ नियम और उपाय बताए गये हैं, जिसे करते ही न सिर्फ भगवान शिव बल्कि माता पार्वती समेत पूरे शिव परिवार का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए कलयुग से जुड़े कष्टों को दूर करने और जीवन से जुड़ी कामनाओं को पूरा करने वाली शिव साधना के 7 बड़े उपाय के बारे में जानते हैं. गंगाधर कहलाने वाले भगवान शिव की पूजा बगैर गंगाजल के अधूरी मानी जाती है. ऐसे में यदि आप श्रावण मास में उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो उन्हें गंगाजल अवश्य अर्पित करें. भगवान शिव की पूजा करते समय उन्हें सफेद चंदन अथवा भस्म से त्रिपुंड अवश्य लगाएं और प्रसाद स्वरूप स्वयं भी धारण करें. मान्यता है कि शिव का यह प्रसाद रूपी तिलक साधक को सभी प्रकार की बलाओं से बचाता हुआ सुख और सौभाग्य प्रदान करता है. श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा करते समय उनकी पूजा में प्रिय पुष्पों को चढ़ाने के साथ उनके प्रिय पत्र जैसे बेलपत्र, शमीपत्र, भांग का पत्र, आक का पत्र आदि जरूर चढ़ाएं. श्रावण मास में महादेव की पूजा में मंत्र जप का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि भगवान भोलेनाथ आपकी मनोकामना शीघ्र ही पूरी करें और आप पर हमेशा उनका आशीर्वाद बना रहे तो उनकी पूजा करते समय पंचाक्षरी अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करें. यदि आप चाहते हैं कि देवों के देव महादेव आप पर सदा प्रसन्न रहें तो आपको उनके गण नंदी की पूजा अवश्य करनी चाहिए. हिंदू मान्यता है कि जिस प्रकार हनुमान जी की पूजा करने पर भगवान राम का आशीर्वाद शीघ्र ही प्राप्त होता है, उसी प्रकार नंदी की पूजा करने पर महादेव शीघ्र ही आपकी कामना को पूरा करते हैं. यही कारण है कि लोग शिवालय में नंदी के कान में अपनी मनोकामना को कहते हैं. यदि आप चाहते हैं कि आपके परिवार में हमेशा प्रेम और सामंजस्य बना रहे तो आपको श्रावण मास में शिव के साथ उनके पूरे परिवार वाले चित्र को सामने रखकर पूजा करनी चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार जो साधक शिव परिवार – भगवान श्री गणेश, भगवान कार्तिकेय, माता पार्वती और उनके वाहन नंदी की पूजा करता है, उससे भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और उस पर अपनी कृपा बरसाते हैं. यदि आप चाहते हैं कि आपकी शिव साधना शीघ्र ही फलदायी हो तो आप पवित्र मिट्टी से अंगूठे के बराबर पार्थिव शिवलिंग बना कर उसकी पूजा करें. मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग का सावन में विधि-विधान से अभिषेक करने पर शीघ्र ही शिव कृपा प्राप्त होती है.















