डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामला निर्णायक मोड़ पर, जाँच रिपोर्ट जल्द आईजी रायपुर रेंज को
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में सामने आया यह मामला अब 2026 की शुरुआत में निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जाँच लगभग पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट रायपुर रेंज के आईजी को सौंपे जाने की संभावना है। जाँच से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीएसपी कल्पना वर्मा अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए लगातार बयान दर्ज करा रही हैं, जबकि दूसरी ओर कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी आय-व्यय और लेन-देन से संबंधित विस्तृत वित्तीय दस्तावेज जाँच एजेंसियों को सौंप दिए हैं। इनमें बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, आभूषणों की खरीद-फरोख्त और कारोबारी लिमिट से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि डीएसपी द्वारा लगाए गए 75 लाख रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों को लेकर उनके बयान समय-समय पर बदलते रहे हैं। वहीं, उनके पिता के सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़ी राशि के दावों को लेकर भी जाँच में ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि दंतेवाड़ा पुलिस ने डीएसपी की कार्यप्रणाली की अलग से जाँच शुरू की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। जाँच के दौरान यह भी उजागर हुआ है कि दीपक टंडन ने विभिन्न बैंकों से प्राप्त कारोबारी लिमिट का उपयोग किया था और शहर के कई आभूषण व्यापारियों के खातों में बड़ी राशि का भुगतान दर्ज है। टंडन की ओर से करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये से जुड़े लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आभूषणों का पूरा विवरण पुलिस को सौंपा गया है। इसके अलावा डीएसपी के खाते में एक लाख रुपये से अधिक की डिजिटल ट्रांसफर राशि की जानकारी भी जाँच का हिस्सा है। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का भार लगभग 30 किलो तक पहुंच गया है। निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए आईजी रायपुर रेंज ने कड़े निर्देश जारी किए हैं और दोनों पक्षों के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने पूर्व में पंडरी और खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगे थे। मामला मीडिया में आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जाँच रायपुर पुलिस को सौंपी गई, जो बीते चार महीनों से लगातार जारी है। दीपक टंडन ने बयान में कहा है कि उन्होंने जाँच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं और अब निष्पक्ष निर्णय पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारियों पर निर्भर करता है। वहीं, पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य शिकायतकर्ता भविष्य में सामने आ सकते हैं। डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन का यह मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की बड़ी परीक्षा बन गया है। जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह प्रकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
छेरछेरा पर्व पर मारवाड़ी युवा मंच का सेवाभावी आयोजन, प्रतीक अग्रवाल की सक्रिय भूमिका रही सराहनीय
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक पर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच दर्री–जामनीपाली–जेलगांव द्वारा शुक्रवार, 3 जनवरी 2026 को प्रातःकाल कोरबा शनि देव मंदिर परिसर में एक सराहनीय सेवाभावी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य पर्व की मूल भावना के अनुरूप सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को समाज में सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को गर्म चाय एवं बिस्किट वितरित किए गए। साथ ही क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को नए एवं पुराने वस्त्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड में राहत मिल सके। बच्चों के लिए चिप्स एवं कुरकुरे वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। सेवा कार्य से श्रद्धालु, जरूरतमंद एवं बच्चे अत्यंत प्रसन्न और भावविभोर दिखे। इस सेवाभावी आयोजन को सफल बनाने में मारवाड़ी युवा मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रतीक अग्रवाल की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने पूरे आयोजन में समर्पण भाव से सहभागिता निभाते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेवा के प्रति उनकी तत्परता और सामाजिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की उपस्थित जनों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम में मंच के पूर्व अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक श्री दिनेश अग्रवाल, प्रांतीय संयोजक श्री विकास अग्रवाल, श्री अरुण केड़िया, पूर्व कोषाध्यक्ष श्री विनय केड़िया, श्री अभिषेक शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई और आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि छेरछेरा पर्व दान, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और मारवाड़ी युवा मंच सदैव समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहयोग पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। भविष्य में भी मंच द्वारा इसी प्रकार के सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
संपत्ति विवाद ने लिया हिंसक रूप
बड़े भाई ने तलवार लेकर छोटे भाई को दौड़ाया, आरोपी जेल भेजा गया सुशील जायसवाल कोरबी/चोटिया (पसान): पसान थाना अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलके (तेंदूटिकरा) में संपत्ति विवाद उस वक्त हिंसक रूप ले बैठा, जब बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की नीयत से धारदार लोहे की तलवार लेकर उसे दौड़ा लिया। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी बाबूलाल यादव (27 वर्ष) पिता प्रभु यादव, निवासी ग्राम जलके, का अपने बड़े भाई बनवारी लाल यादव से लंबे समय से भैंसों की लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आए दिन हो रहे झगड़े ने शनिवार 3 जनवरी 2026 को खतरनाक मोड़ ले लिया। बताया गया कि भाई-बंटवारे में शामिल दो नग भैंस को बेचने की बात को लेकर बनवारी लाल यादव आपा खो बैठा और गुस्से में आकर धारदार तलवार लेकर बाबूलाल पर हमला करने दौड़ पड़ा। जान बचाने के लिए बाबूलाल किसी तरह मौके से भागा और गांव के कोटवार के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बनवारी लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 296, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां जमानत नहीं मिलने पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।
दूरस्थ वनांचल पसान में कलेक्टर कुणाल दुदावत का सघन दौरा
जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश सुशील जायसवाल कोरबी (पसान)। कोरबा जिले के नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र एवं पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पसान का सघन एकदिवसीय दौरा किया। इस दौरान क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता और जनसंपर्क की नई झलक देखने को मिली। कलेक्टर दुदावत का आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह पसान में अल्प विश्राम एवं भोजन पश्चात कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधी भेंट-मुलाकात कर छेरछेरा पर्व एवं नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर मांग पत्र सौंपा गया, जिसे कलेक्टर ने गंभीरता से स्वीकार करते हुए शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। दौरे के दौरान कलेक्टर दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शासकीय हाई स्कूल पसान का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाई गई कमियों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस सघन दौरे में कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ नाग, पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज बंजारे, पसान नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं जनप्रतिनिधियों में जनपद उपाध्यक्ष पोड़ी उपरोड़ा प्रकाश चंद्र जाखड़, जुनैद खान, आरिफ खान, हरप्रसाद शास्त्री, सरपंच सुरेंद्र तिग्गा, उपसरपंच, पंचगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पत्रकार प्रताप चंद साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कलेक्टर कुणाल दुदावत के इस दौरे से क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उम्मीदें मजबूत हुई हैं, वहीं वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर सकारात्मक संदेश भी गया है।
युवाओं की रचनात्मक पहल से तिमेड पुल बना आकर्षण का केंद्र
✍️ भागीरथी यादव LED रोशनी ने बदली पहचान, रात में पेश करता है मनमोहक दृश्य बीजापुर। बीजापुर–भोपालपटनम मार्ग पर स्थित तिमेड पुल अब केवल आवागमन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं की सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रहा है। क्षेत्र के जागरूक युवाओं ने अपनी पहल पर आपस में धनराशि एकत्र कर पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों में LED स्ट्रिप लाइट लगवाने का कार्य प्रारंभ किया है। LED रोशनी से सजे खंभों ने पुल के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले यह पुल एक साधारण संरचना के रूप में देखा जाता था, वहीं अब रात्रि के समय यह एक आकर्षक और मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। चमकती रोशनियों से सजा पुल राहगीरों को स्वतः ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और क्षेत्र को एक नई पहचान दे रहा है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यह कार्य बिना किसी सरकारी या औपचारिक व्यवस्था के, केवल युवाओं के आपसी सहयोग, संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से संभव हुआ है। युवाओं की यह पहल यह दर्शाती है कि जब सोच सकारात्मक हो और दृष्टिकोण रचनात्मक, तो छोटे प्रयास भी बड़े और स्थायी बदलाव ला सकते हैं। तिमेड पुल पर हो रहा यह सौंदर्यीकरण न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि आज का युवा वर्ग अपने आसपास की सार्वजनिक संपत्तियों को संवारने और समाज के लिए कुछ करने को तत्पर है। यह पहल अन्य क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती जा रही है।
कोरबा में पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति का भव्य नववर्ष मिलन समारोह संपन्न
✍️ भागीरथी यादव सदस्यता विस्तार, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समरसता पर हुआ मंथन कोरबा। पूर्वांचल सर्व समाज विकास समिति, कोरबा द्वारा नववर्ष 2026 के शुभ अवसर पर नववर्ष मिलन समारोह का भव्य आयोजन आज दिनांक 03 जनवरी 2026 को राजेंद्र प्रसाद भवन, रिकॉन्डो रोड में किया गया। यह आयोजन समिति की 30 दिसंबर 2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों का अभिनंदन करते हुए नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समिति के संविधान के अनुरूप सदस्यता शुल्क के साथ जिले भर में सदस्यता विस्तार किया जाना आवश्यक है, ताकि समाज के हर वर्ग को संगठन से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह ने अपने उद्बोधन में समिति के भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य संगठन की कार्यकारिणी के साथ-साथ महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ का गठन शीघ्र किया जाएगा, जिससे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों द्वारा कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। वहीं सर्वसम्मति से समिति द्वारा वार्षिक संधारण सदस्यता शुल्क ₹100 (एक सौ रुपए) निर्धारित किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। नववर्ष मिलन समारोह में समिति के संरक्षक श्री राजकिशोर प्रसाद, अध्यक्ष श्री अवधेश सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विकास सिंह, सचिव अरविंद शर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री प्राणनाथ मिश्रा, श्री उदय सिंह, श्री प्रभात सिंह, श्री शंभू सिंह, श्री बच्चू सिंह, श्री सावरे लाल पांडे, श्री विजय सिंह, श्री संजय सिंह, आरिफ खान, तौफीक खान, बृजेश यादव, हेमंत ठाकुर, अनिल यादव, चंद्रप्रकाश यादव, विजय यादव, दीपक सिंह, विजेंद्र यादव, महेंद्र सिंह, आरपी तिवारी, नवीन कुकरेजा, नवीन सिंह, सुशील सिंह, सोनू सिंह, अमित सिंह, बृजभूषण प्रसाद, सुनील सिंह (सोनू), नितेश यादव, वसीम अकरम, पंकज ठाकुर, कामेश्वर सिंह, मनोज कुमार, अभिषेक ठाकुर, अरशद लारी, शाकिर अंसारी, नेहाल खान, सिकंदर रजा, रिजवान खान, सिकंदर प्रसाद, संतोष दुबे, निशांत सिंह सहित भारी संख्या में समिति के सदस्यगण मौजूद रहे। कार्यक्रम सौहार्द, एकता और सामाजिक समर्पण के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दो मामलों में मिली जमानत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज दोनों मामलों में जमानत दे दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है। कितने मामलों में मिली जमानत? हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी है— ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार का मामला इन दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को राहत मिलने के बाद उनकी करीब पांच महीने की न्यायिक हिरासत समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है। 18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। इसके बाद सितंबर 2025 में ACB/EOW ने भी उन्हें जेल में रहते हुए गिरफ्तार किया था। भूपेश बघेल का बयान: ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’ जमानत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा— “मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि हमें ईडी, ईओडब्ल्यू और सीबीआई के जरिए लगातार परेशान किया जा रहा है। आज फिर साबित हुआ कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।” उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व का समर्थन के लिए आभार भी जताया। कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा— “हमें पूरा विश्वास था कि देर जरूर होगी, लेकिन न्याय मिलेगा। यह बड़ी कानूनी जीत है।” कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस में जश्न, भाजपा पर हमला फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा— “जो भी भाजपा और पूंजीवाद के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। लेकिन सच आखिरकार सामने आता है।” ईडी का दावा: 3200 करोड़ का शराब घोटाला प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में करीब 3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ। ईडी के अनुसार— शराब सिंडिकेट के जरिए अवैध कमाई राज्य के खजाने को भारी नुकसान कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और कारोबारी आरोपी ईडी ने आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल को करीब 20 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली। 29,800 पन्नों की चार्जशीट ईडी ने 26 दिसंबर 2025 को शराब घोटाले से जुड़ी 29,800 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। एजेंसी का दावा है कि चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत शामिल हैं। सौम्या चौरसिया पर भी शिकंजा ईडी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया को घोटाले की अहम कड़ी बताया है। उन्हें शराब घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका में आरोपी बनाया गया है। 17 दिसंबर 2025 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया और वे फिलहाल जेल में हैं।
रायगढ़ में कानून पर हमला: जिंदल कोयला खदान विरोध प्रदर्शन में महिला आरक्षक से बर्बरता, दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की कोयला खदान के विरोध के दौरान कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली गंभीर घटना सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान एक महिला आरक्षक के साथ बर्बरता, कपड़े फाड़ने और सामूहिक हिंसा के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “इस घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।” कैसे भड़की हिंसा? यह पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। जिंदल के प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह लिबरा चौक पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। प्रशासन के समझाने के बाद भी स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। दोपहर तक भीड़ करीब 1000 लोगों तक पहुंच गई। घरघोड़ा के एसडीएम, एसडीओपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार माइक से शांति की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार उग्र होती गई। ढाई बजे बिगड़े हालात, पुलिस पर हमला करीब दोपहर 2:30 बजे स्थिति अचानक हिंसक हो गई। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर, डंडों व लाठियों से हमला शुरू कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट कई महिला व पुरुष पुलिसकर्मी घायल पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस को आग के हवाले किया अन्य सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला आरक्षक से अमानवीय हरकत, वीडियो वायरल घटना के चार दिन बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। वीडियो में कुछ लोग महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते और उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिंदल प्लांट पर हमला, करोड़ों की संपत्ति को नुकसान हिंसक भीड़ यहीं नहीं रुकी। इसके बाद उपद्रवी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़े— कन्वेयर बेल्ट को आग लगाई दो ट्रैक्टर व अन्य वाहनों को जलाया प्लांट कार्यालय में तोड़फोड़ इस हिंसा से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। हिंसा के बाद बड़ा फैसला घटना के बाद जिंदल प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया है। सख्त संदेश: कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय जिला प्रशासन और पुलिस ने साफ कर दिया है कि विरोध के नाम पर हिंसा, महिला पुलिसकर्मियों से बर्बरता और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कानून के तहत कठोर सजा दी जाएगी। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि कानून और व्यवस्था पर सीधा हमला था — और इसका जवाब भी उसी सख्ती से दिया जाएगा।
जीपीएम जिले को मिला नया पुलिस अधीक्षक
✍️ भागीरथी यादव 2014 बैच के IPS मनोज कुमार खिलारी बने SP कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की बड़ी जिम्मेदारी गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, राज्य सरकार ने गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (GPM) जिले के पुलिस नेतृत्व में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी मनोज कुमार खिलारी को जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश देर रात जारी किया गया। नव नियुक्त एसपी मनोज कुमार खिलारी इससे पूर्व दूसरी वाहिनी, बिलासपुर में कमांडेंट के पद पर पदस्थ थे, जहां उन्होंने अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया। उनके अनुभव को देखते हुए शासन ने उन्हें जीपीएम जैसे संवेदनशील और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले की कमान सौंपी है। उल्लेखनीय है कि 31 दिसंबर को जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त चल रहा था। अब नए एसपी की नियुक्ति से जिले में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी आदेश जारी होते ही पुलिस विभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नव नियुक्त एसपी शीघ्र ही जिले में पदभार ग्रहण करेंगे, जिसके बाद जिले की पुलिसिंग रणनीति और प्राथमिकताओं को लेकर नई कार्ययोजना सामने आ सकती है। जिलेवासियों को उम्मीद है कि नए एसपी के नेतृत्व में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जन-संवाद और विश्वास आधारित पुलिसिंग को भी मजबूती मिलेगी।
गुरसिया पुल बना मौत का जाल
✍️ भागीरथी यादव नेशनल हाईवे 130 की लापरवाही ने ली एक और जान कोरबा निवासी प्रकाश श्रीवास की दर्दनाक मौत, एक गंभीर कोरबा/बांगो, नेशनल हाईवे 130 पर स्थित गुरसिया तान नदी पुल एक बार फिर मौत का कारण बन गया। जर्जर पुल और गहरे गड्ढों की अनदेखी ने कोरबा के एक युवक की जान ले ली, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा गुरुवार रात करीब 10 बजे उस वक्त हुआ, जब स्कूटी सवार तीन युवक कोरबा से परला की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल पर बने खतरनाक गड्ढे में स्कूटी पड़ते ही वाहन अनियंत्रित हो गया और रेलिंग से जा टकराया। हादसा इतना भयावह था कि कोरबा पुरानी बस्ती देवांगन मोहल्ला निवासी प्रकाश श्रीवास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरि गोस्वामी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीसरे युवक अनमोल गोस्वामी को हल्की चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरसिया पुल लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सतह और कमजोर रेलिंग इस पुल को हर गुजरने वाले के लिए खतरा बना चुके हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से न तो समय पर मरम्मत की गई और न ही कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग बनाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पुल पर भारी वाहनों के प्रतिबंध का बोर्ड तो लगाया गया है, लेकिन डायवर्जन मार्ग की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जबकि इस पुल की मरम्मत के लिए राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन और बांगो थाना द्वारा बार-बार गड्ढों की मरम्मत की मांग की जाती रही, लेकिन हर बार नेशनल हाईवे प्रबंधन ने “बरसात के बाद मरम्मत” का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। बांगो थाना प्रभारी ने इस हादसे को घोर लापरवाही करार दिया है। वहीं मृतक के परिजनों और क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे अधिकारियों को आम नागरिकों की जान की कोई परवाह नहीं है। वीआईपी मार्गों पर जहां तत्काल मरम्मत कर दी जाती है, वहीं आम जनता के इस्तेमाल वाले रास्तों को नजरअंदाज किया जाता है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत है। यदि समय रहते पुल की मरम्मत, गड्ढों को भरा गया होता और सुरक्षित डायवर्जन बनाया गया होता, तो आज एक परिवार का चिराग बुझता नहीं। परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जिम्मेदार नेशनल हाईवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और तत्काल गुरसिया पुल की मरम्मत कर सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे किसी और की जान न जाए।
















