143 एकड़ जमीन घोटाले में 37 लोग के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कराने हेतु परिवाद पेश

न्यायालय ने थाने से मंगाई जाच रिपोर्ट अंबिकापुर।मामला कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर ग्राम भनौरा तहसील बलरामपुर में स्थित 143 एकड़ भूमि का विक्रय पत्र टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग क्रेता विक्रेता के द्वारा निष्पादित करने के संबंध में डॉक्टर डी. के. सोनी अधिवक्ता एवं आईटीआई कार्यकर्ता द्वारा दिनांक 5/2/2025 को धारा 175 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत मय दस्तावेजों के साथ बलरामपुर न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में श्रीमती किरण सोनवानी, श्री मनोज कुमार गुप्ता, श्री कृष्ण कुमार सिंह (पटवारी), श्री करण कुमार, श्री आलोक कुमार गुप्ता, संजय कुमार राठौर (उप पंजीयक), बाबूलाल, रामलाल, सुखमनिया, दीप कुमार, मनीष कुमार सिंह (पटवारी), उदय कुमार गुप्ता, विनोद, बालेश्वर राम (उप पंजीयक), रमेश कुमार यादव, जगत यादव, श्रीमती रीमा गुप्ता, श्री नीरज पाल, श्री उदय कुमार गुप्ता, श्री सिद्धार्थ शंकर मिश्रा (उप पंजीयक), कुंजन गुप्ता, चंदन गुप्ता, आशीष कुमार गुप्ता, शांति देवी गुप्ता, श्रीमती पूजा सोनी, श्री राजू पोया (राजस्व निरीक्षक), श्री नागेंद्र प्रसाद सोनी, श्री गौतम गुप्ता, श्री अनुराग वैश्य (उप पंजीयक), श्रीमती राधिका गुप्ता, श्रीमती बिनु गुप्ता, पटवारी, श्री शनू विश्वकर्मा, श्री पंकज गुप्ता के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया गया है।मामला बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत भनौरा की गोचर भूमि का है उक्त भूमिजिसका पुराना खसरा नंबर 93 रकबा 143.3 एकड़ भूमि है जो साजन आ. बंशी जाति अगरिया, दीपक राम आ, बंशी जाति अगरिया, बाबूलाल आ. राम देनी जाति भुईया, रामलाल आ. राम देनी जाति भुईया, पचाठ आ. लालदेव जाति भुईया, जक्लू आ. लालदेव जाति भुईया, पवन आ. तेजन जाति भुईया एवं रामविलास रामजतन जाति भुईया सभी निवासी ग्राम भनौरा तहसील बलरामपुर जिला बलरामपुर के पूर्वजों के नाम पर था जिसे रामविलास आ. रामजतन के नाम पर वर्ष 1990-91 में वन विस्थापन के संबंध में वन विभाग के द्वारा अलग से खसरा नंबर क्रमशः 520, 521, 522, 523, 525, 526 आबंटित कर पट्टा प्रदान किया गया।इसके अलावा भूमि खसरा नंबर 520, 521, 522, 523, 525, 526 का बंदोबस्त वर्ष 1996-97 में नया खसरा नंबर 218, 222, 239, 240, 241, 220 बनाया गया उक्त भूमि का पट्टा साजन, दीपकराम दोनों पिता बंशी जाति अगरिया के दादा लालसाय आ. भदवा तथा बाबूलाल, रामलाल दोनों पिता रामदेनी जाति भुईया के भाई जगपत आ. लालदेव तथा पर पचाठ, जक्लू दोनों पिता लालदेव के पिता रामदेनी आ. दिकवा तथा पवन के दादा बंधन आ. रामजीत एवं रामविलास के नाम पर प्रदान किया गया उपरोक्त वन व्यवस्थापन के तहत प्राप्त पट्टे की भूमि को जो साजन आ. बंशी जाति अगरिया, दीपक राम आ. बंशी जाति अगरिया, बाबूलाल आ. रामदेनी जाति भुईया, रामलाल आ. रामदेनी जाति भुईया, पचाठ आ. लालदेव जाति भुईया, जक्लू आ. लालदेव जाति भुईया, पवन आ. तेजन जाति भुईया एवं रामविलास आ. रामजतन जाति भुईया भूमि को बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति प्रदान किये दूसरे जाति के व्यक्तियों को फर्जी सेटलमेंट लगाकर उपरोक्त भूमि कई व्यक्तियों को अलग-अलग भूमि विक्रय किया गया।ग्राम भन्नौरा स्थित गौचर भूमि जिसका रकबा 143 एकड़ की जांच कमिश्नर सरगुजा के आदेश के अनुसार कलेक्टर बलरामपुर के द्वारा टीम गठित कर कराया गया जिसमें शिकायत प्रमाणित पाई गई थी तथा कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर विक्रय पत्र का निष्पादन करने की बात जांच रिपोर्ट में आ गई जो की एक अपराधिक कृत्य है जिसके आधार पर डी.के. सोनी के द्वारा माननीय न्यायिक दंडाधिकारी बलरामपुर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किए जाने का निवेदन किया गया जिस पर न्यायालय द्वारा अलग-अलग परिवाद में संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी बलरामपुर को आदेश करते हुए दिनांक 24/ 2/ 2025 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।धारा 175में न्यायालय को अधिकार है कि वह पुलिस से एवं स्वयं जांच कर अपराध पंजीबद्ध करा सकता हैउक्त मामले में अभी अन्य लोगों के विरुद्ध भी परिवाद पेश किया जाएगा।

महात्मा गांधी दर्शन सर्वधर्म प्रार्थना का आगाज,सुबह सबेरे पांच बजे पंहुचने का आह्वान

कोरबा/ महात्मा गांधी दर्शन मानिकपुर संस्था के संयोजक सुरेशचंद्र रोहरा में बताया कि महात्मा गांधी की जन्म जयंती की अवसर पर 2 अक्टूबर, बुधवार को प्रातः काल 5 बजे अपना सभा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने समस्त गांधीवादियों गांधी प्रेमियों से विनम्र निवेदन किया है कि महात्मा गांधी की जन्म दिवस के अवसर पर राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जी के सिद्धांतों को आत्मसात करें और प्रार्थना सभा में भागीदारी करें। अगर सुबह किसी कारण वश् आप कार्यक्रम प्रार्थना सभा में शिरकत नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर पर ही महात्मा गांधी को नमन करते हुए प्रार्थना करें। इस अवसर पर डॉक्टर गुलाब राय पंजवानी, अधिवक्ता बीके शुक्ला, सनंद दास दीवान, कमल सर विद्या, कन्हैया सोनी ने सभी से आग्रह किया है कि महात्मा गांधी की जयंती सादगी के साथ उनके विचारों पर चलने का संकल्प लेने की भावना के साथ मनाई जानी चाहिए। गांधी जयंती पर प्रार्थना सभा का यह अभिनव आयोजन कोतवाली थाना के सामने स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर रखा गया है।

महात्मा गांधी दर्शन सर्वधर्म प्रार्थना का आगाज,सुबह सबेरे पांच बजे पंहुचने का आह्वान

कोरबा/ महात्मा गांधी दर्शन मानिकपुर संस्था के संयोजक सुरेशचंद्र रोहरा में बताया कि महात्मा गांधी की जन्म जयंती की अवसर पर 2 अक्टूबर, बुधवार को प्रातः काल 5 बजे अपना सभा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने समस्त गांधीवादियों गांधी प्रेमियों से विनम्र निवेदन किया है कि महात्मा गांधी की जन्म दिवस के अवसर पर राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जी के सिद्धांतों को आत्मसात करें और प्रार्थना सभा में भागीदारी करें। अगर सुबह किसी कारण वश् आप कार्यक्रम प्रार्थना सभा में शिरकत नहीं कर पा रहे हैं तो अपने घर पर ही महात्मा गांधी को नमन करते हुए प्रार्थना करें। इस अवसर पर डॉक्टर गुलाब राय पंजवानी, अधिवक्ता बीके शुक्ला, सनंद दास दीवान, कमल सर विद्या, कन्हैया सोनी ने सभी से आग्रह किया है कि महात्मा गांधी की जयंती सादगी के साथ उनके विचारों पर चलने का संकल्प लेने की भावना के साथ मनाई जानी चाहिए। गांधी जयंती पर प्रार्थना सभा का यह अभिनव आयोजन कोतवाली थाना के सामने स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर रखा गया है।

देश-प्रेम और साहित्य -सेवा की भावना ने मुंशी प्रेमचन्द को “कलम का सिपाही” बना दिया

●जन्म जयंती पर विशेष● कौन जानता था,एक गरीब किसान, मध्यम वर्गीय किसान का पुत्र कथा -साहित्य सम्राट बनेगा,आखिर समय की मार ने उसे संघर्ष करने को विवश कर दिया ,पढ़ने को और वे पढ़ -पढ़ कर लिखने को मजबूर हो गए,यह कोई और नहीं!मुंशी प्रेमचन्द की दास्तां है। आम जन से मिलने का भाव।जब प्रेमचंद साहित्य में आए तो उनके सामने दुर्गा प्रसाद खत्री,सरस्वती चंद्र,प्रताप मुदलियार प्रकाश में आ चुके थे,प्रेमचंद के पहले साहित्य के पात्र अभिजात्य वर्ग से आते थे,किंतु प्रेमचंद ने उसमें परिवर्तन किया,वे पहले कथाकार हैं जिन्होंने ,सामान्य वर्ग,जनसामान्य को,स्थान दिया,उनके पात्र पूर्व के साहित्यकारों की निर्धारित अहर्ता को पूरी नहीं करते।”गोदान”वर्ग संघर्ष को रेखांकित करने वाला उपन्यास है, सच मायने में प्रेमचंद सामान्य और शोषित जनमानस के शोषण,संत्रास,दुख दर्द और संघर्ष के कथाकार हैं,।मेरे गुरुदेव डॉ पालेश्वर प्रसाद शर्मा,छतीसगढ़ी के मूर्धन्य साहित्यकार कक्षा में जब “गोदान”पढ़ाते थे तब वो प्रेमचंद की अनुभवशीलता को सामने रखकर अभिव्यक्त ऐसा करते थे”मिर्ची खा लेने के बाद आदमी जब सी ..सी की आवाज करने लग जाता है,ठीक उसी तरह प्रेमचंद ने सत्य का संघर्ष,दुख को झेला था,उनके उपन्यास में भारतीय किसान की व्यथा कथा “उपन्यास के नायक “होरी”के और “धनिया ” नायिका के द्वारा अभिव्यक्त होकर कृषक जीवन का महाकाव्य बन गया,गोदान”,गुरुदेव के उच्चारण की अभिव्यक्ति उपन्यास का अंत”और धनिया पछाड़ खाकर गिर पड़ी के साथ “होता था।”मनोवैज्ञानिक,आदर्श और यथार्थ के धरातल पर गोदान सफल उपन्यास हैगोदान का मूल भाष्य मानवीय त्रासदी है।होती हारे को हरिनाम है।उसके लिए संस्कार और आदर्श से बढ़कर कुछ भी नहीं है।धनिया और होरी की संवाद का एक उदाहरण देखिए ,उपन्यासकार परिस्थितियों का दिग्दर्शन ऐसे करा रहे हैं, होरी के गहरे,सांवले, पिचके हुवे,चेहरे पर मुस्कुराहट की मृदुता झलक पड़ी।”धनिया परास्त होकर होरी की लाठी, मिर्जाई जूते,पगड़ी और तंबाखू का बटुआ लाकर सामने पटक दिए।”तब होरी ने धनिया की ओर आंखे तरेर कर कहा..”क्या ससुराल जाना है,जो पांचों पोशाक लाई है?ससुराल में भी तो कोई जवान साली -सलहज नहीं बैठी हैं,जिसे जाकर दिखाऊं,तब धनिया ने लजाते हुवे कहा..”ऐसे ही बड़े सजीलेजवान हो कि साली -सलाहजें तुम्हें देख कर रीझ जायेंगी।” प्रेमचंद ने लगभग 15उपन्यास,300कहानियां,10अनुवाद,03नाटक लिखा,।प्रेमचंद का गोदान भारतीय कृषक का आइना है।महाजनी सभ्यता तथा सामंती समाज की नंगी हकीकत गोदान में उभर कर आई हैं,”रूढ़ियों के बंधन को तोड़ो,और मनुष्य बनो,देवता बनने का ख्याल छोड़ो,देवता बनकर तुम मनुष्य न रहोगे।” प्रेमचंद ने 3 नाटक भी लिखा,जिसमें “संग्राम”,(1923,),कर्बला(1924),प्रेम की वेदी(1933),संग्राम नाटक में किसान के साथ पशु पक्षी पर संवेदना,कर्बला में ऐतिहासिकता,धार्मिकता,तथा प्रेम की वेदी में सामाजिकता उभर कर आई है। संग्राम नाटक का एक संवाद का दृश्य,दृष्टब्य है..”अब कोई बाधा न पड़े तो अब की उपज अच्छी होगी,।कैसी मोटी मोटी बालें निकल रही हैं।कर्बला नाटक लिखते समय मुंशी प्रेमचन्द हिन्दू मुस्लिम वैमनस्य से बेहद चिंतित थे,धार्मिक सामंजस्य स्थापित करने वे संत कबीर की तरह लिए लुकाठी हाथ खड़े थे,इस तरह प्रेमचंद आज भी प्रासंगिक हैं,उनकी कृतियां मानवीय मूल्यों को तराश ,तलाश रही हैं। कर्बला में 5अंक और 42दृश्य हैं,सभी नाटक मंचीय हैं।प्रगतिशील लेखक प्रेमचंद का गोदान,कर्मभूमि,रंगभूमि,सेवासदन,निर्मला,मानसरोवर बहुत चर्चित है,पठनीय है,सराहनीय है,जिसने उनके नाम पर प्रेमचंद युग की संज्ञा दिलाया।देश -प्रेम ,साहित्यिक अभिरुचि एवं साहित्य सेवा की अदम्य लालसा ने उन्हें काशी से एक साहित्यिक पत्रिका “हंस”निकालने की प्रेरित कर दिया।अपने मित्र जयशंकर प्रसाद को प्रेमचंद ने पत्र लिखा..”काशी से कोई पत्रिका नहीं निकली है,मैं धनी नहीं हूं,मजदूर आदमी हूं,मैने”हंस”निकालने का निश्चय कर लिया है।”दरअसल “हंस”का नामकरण जयशंकर प्रसाद जी ने ही किया था।प्रेमचंद ने अपनी साहित्यिक पत्रिका “हंस”आत्मकथा अंक के पृष्ठ 166पर लिखा है.. “यह 1920की बात है,असहयोग आंदोलन जोरों पर था।जालियां वाला बाग हत्याकांड हो चुका था।उन्हीं दिनों महात्मा गांधी ने गोरखपुर का दौरा किया।गाजिमियां के मैदान में ऊंचा प्लेट फॉर्म तैयार किया गया।दो लाख से कम जमाव नहीं था।ऐसा समारोह मैने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था।महात्मा जी,दर्शकों का यह प्रताप था, कि मुझ जैसा मरा हुआ आदमी चेत उठा।दो ही चार दिन बाद मैने अपनी 20साल की नौकरी से इस्तीफा दे दिया।”हिंदी भाषा के साथ ही साथ स्वतंत्रता की लड़ाई भी लड़ी गई, मैंने गांधी जी का साथ हो लिया। जनचेतना का मासिक पत्रिका आज भी निकल रही है,1930से 1936तक इसके संपादक मुंशी प्रेमचन्द थे,उसके बाद जैनेंद्र और शिव रानी(प्रेमचंद की द्वितीय पत्नी)साहित्य रचना करने वाली ,फिर उसके बाद शिवदान सिंह चौहान,श्री पतराम,बाद में प्रेमचंद के सुपुत्र अमृतराय ,उसके बाद नरोत्तम नागर, संपादन किए,1959में हंस का बृहत संकलन प्रकाशित हुआ।1986से 2013तक हंस पत्रिका का लगातार संपादन राजेंद्र यादव ने दिल्ली से किया। डॉ. फूल दास महंतप्राध्यापक , मोबाइल9109374444

छत्तीसगढ़:- आज 46 डिग्री के पार रहा पारा, रायगढ़ जिला रहा सबसे ज्यादा गर्म,कल गरज-चमक के साथ वज्रपात और अंधड़ की संभावना

रायपुर/ नौतपा में भीषण गर्मी पड़ने से छत्तीसगढ़ खूब तप रहा है. आज प्रदेश में सर्वाधिक तापमान रायगढ़ में 46.7 डिग्री रहा. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान महासमुंद में 26.5 डिग्री दर्ज किया गया है. राजधानी रायपुर का तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने 30 मई को प्रदेश के एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने व अंधड़ चलने की संभावना जताई है.प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने से लोग परेशान हैं. अधिकांश जिलों में आज का पारा 42 से 43 डिग्री रहा. रायगढ़ में 46.7, बलरामपुर में 45.6 डिग्री, रायपुर में 45.5 डिग्री, बिलासपुर में 45.5 डिग्री, सरगुजा में 44.2, महासमुंद में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. मौसम विभाग ने 30 मई के लिए चेतावनी जारी की है. इसके मुताबिक, प्रदेश में बिलासपुर, दुर्ग व रायपुर संभाग के जिलों में एक दो स्थानों पर ग्रीष्म लहर चलने की संभावना है. प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने व अंधड़ चलने की भी संभावना है. रायपुर शहर के अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 45°C और 31°C के आसपास रहने की संभावना है.

छत्तीसगढ़:- राज्य की उर्जाधानी मे विद्युत व्यवस्था चरमराई, धनवारपारा व पुरानी बस्ती मे 40 घंटे से बिजली आपूर्ति बंद

कोरबा/ छत्तीसगढ़ राज्य कभी विद्युत आधिक्य, शून्य पावर कट, आदि के विभूषणो से अलंकृत राज्य रहा हो, किंतु इन दिनों तो विद्युत वितरण विभाग की अकर्मण्यता, अनदेखी की वजह से यहाँ अजीब सा माहौल निर्मित्त हो गया हैं। बार-बार की जाने वाली शिकायते अब बेअसर हो गयी हैं शहर के बीचोबीच वार्ड क्रमांक 5 इस श्रमिक बाहुल्य बस्ती को धनवारपारा के नाम से जाना जाता हैं। इस भीषण गर्मी में पिछले 40 घंटो से पूरी बस्ती में बिजली आपूर्ति बंद हैं। बस्तीवासियों ने बार-बार की गयी शिकायतो के बाद विवश होकर तुलसी नगर जोन कार्यालय के समक्ष धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की नगर का यह एक ऐतिहासीक वार्ड हैं। जहां राजवाड़ा परिवार सहित वरिष्ठ भाजपा आदिवासी नेता प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर, पूर्व महापौर जोगेश लांबा के निवास के साथ-साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेश कुमार सहगल का भी निवास हैं। 40 घंटे से भी अधिक समय से बिजली बंद कोरबा नगर पालिक निगम के धनवार पारा पुरानी बस्ती वार्ड 5 व कुछ हिस्सा वार्ड नं 6 मोहल्ले में 40 घंटे से भी अधिक समय से बिजली बंद हैं। बताया जा रहा हैं की यहां का ट्रांसफार्मर खराब होने पर आवश्यक सुधार रविवार को तड़के करीब 3 बजे जरूर किया गया था। लेकिन 2 घंटे में स्थिति पूर्ववत हो गयी। जिससे वार्डवासी आक्रोशित हो गए और वार्ड पार्षद धनश्री अजय साहू के साथ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित के तुलसी नगर जोन कार्यालय पहुंचकर धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। इन आक्रोशित जनो का यह भी आरोप हैं की यहां पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी फोन भी नहीं उठाते। जोन कार्यालय में एक अटेंडर और लाइनमैन मौजूद है। जिनके बूते का यह काम नहीं लगता, ट्रांसफार्मर बदलने की जरूरत है। लेकिन विभाग के अधिकारी कल से ध्यान नहीं दे रहे हैं। धरना प्रदर्शन जारी रहने तक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जोन कार्यालय ना तो पहुंचे और ना ही फोन उठाया। पार्षद ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने वार्ड में स्थित ट्रांसफार्मर बदलने की बात कही है। यहां यह बात विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं की यह हालत केवल इसी वार्ड के नहीं बल्कि सभी वार्डो की हैं। विद्युत संकट प्रभावित अधिकांश निवासी गाहे-बगाहे अपने उन प्रियजन, स्वजन, रिश्तेदारो के घरो में जहां भी बिजली होती हैं। वहा रात भी रात गाहे बगाहे व्याकुलता के आगोश में समाकर शरण लेने पहुंच जाते हैं। यहां के नागरिको ने यह भी मांग की हैं की यहां पदस्थ अकर्मण्य, जिम्मेदार, लापरवाह, काम की अनदेखी करने वाले अधीकारियों/कर्मचारियो की तैनाती यहां से हटाकर बस्तर क्षेत्र में की जाए जहां की जलवायु ही ऐसी हैं की वहा के निवासी बिजली को बहुत-बहुत जरूरी नहीं मानते।

छत्तीसगढ़:- E-Way Bill लागू,मंत्री ओपी चौधरी बोले- प्रदेश में इंस्पेक्टर राज की वापसी नहीं-चेंबर ने सौंपा ज्ञापन

रायपुर/ छत्तीसगढ़ के जीएसटी विभाग ने सोमवार को टैक्स सुधार में एक बड़ा फैसला लेते हुए एक जिले से दूसरे जिले में माल परिवहन पर ई-वे बिल सिस्टम लागू कर दिया है. इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. अब व्यापारियों को एक जिले से दूसरे जिले में 50 हजार रुपये से अधिक का माल भेजने पर ई-वे बिल जेनरेट करना होगा. वहीं इस अधिसूचना के जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी को ज्ञापन सौंपा है. ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना को यथावत रखने की मांग की है. छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि चेंबर ने पत्र के माध्यम से ईज डूइंग बिजनेस के तहत ई-वे बिल से संबंधित पूर्व अधिसूचना क्रमांक 10–31/2018/वाक/पांच(46) को यथावत रखने निवेदन किया. साथ ही चेंबर प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री ओपी चौधरी से पूर्व में जारी अधिसूचना के अंतर्गत ई–वे बिल से संबंधित वस्तुओं पर मिलने वाली छूट और ई-वे बिल की संख्या एवं अनुपालन से संबंधित जटिलताओं पर विस्तृत रूप से चर्चा करेगा. छोटे व्यापारियों को परेशान नहीं- मंत्री ओपी चौधरी ई-वे बिल पर वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी से ने कहा कि देश में पहले से ई-वे बिल सिस्टम लागू है. भारत सरकार से भी इस बारे में लगातार निर्देश आ रहे थे. इस सवाल पर कि यह इंस्पेक्टर राज की वापसी तो नहीं है, ओपी चौधरी ने कहा कि आईटी के इस युग में अब इंस्पेक्टर राज का सवाल ही पैदा नहीं होता. सब कुछ पारदर्शिता के साथ हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि इससे छोटे व्यापारियों को खामख्वाह परेशान नहीं किया जाएगा. इसका निर्देश उन्होंने अफसरों को दे दिए हैं. जीएसटी विभाग के लोग अगर अकारण किसी व्यापारी को परेशान करेंगे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

छत्तीसगढ़:- ऑनलाइन प्यार, 14 सौ किमी की दूरी तय कर बाइक से पहुंचा प्रेमी,भाग रहा था प्रेमिका को लेकर, गांव वालों ने दौड़ाया तो गिर कर हुआ घायल

कांकेर/ ऑनलाइन गेमिंग खेलते युवती के प्यार में पड़ा युवक घायल होकर अस्पताल पहुंचा गया। बाइक से 14 सौ किमी की दूरी तय कर कांकेर पहुंचे प्रेमी की कहानी पूरी फिल्मी है। प्रेमिका को साथी के साथ बाइक में लेकर भाग रहे प्रेमी को जब गांव वाले व परिजनों ने दौड़ाया तो वह चारामा थाना के लिलेझर में हादसे का शिकार हो गए। प्रेमिका को परिजन ले गए। बताया जा रहा है दोनों युवकों की बेदम पिटाई भी की गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें भी आई। लेकिन दहशत के चलते दोनों इस मारपीट से इंकार कर हादसे में घायल होना बता रहे हैं। गुजरात के सूरत का युवक उमेश भामरे ऑनलाइन गेमिंग खेलते जिले के पोटगांव की एक युवती के संपर्क में आ गया। एक-दूसरे की आईडी लेकर इंस्टाग्राम के माध्यम से दोनों के बीच चैटिंग से शुरू हुई दोस्ती वाट्सअप में वीडियो कालिंग जरिए प्यार में तब्दील हो गई। 11 महीनों से वीडियो काल में ही दोनों एक-दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाने लगे। वहीं 22 मई को जब प्रेमिका के बुलावे पर प्रेमी बाइक से अपने साथी कृष्णा भीसे के साथ 14 सौ किमी दूर कांकेर के पोटगांव के लिए निकल पड़ा। घर वाले उसे मार देंगे, मैं लेकर जाऊंगा अस्पताल के बेड में घायल पड़े प्रेमी उमेश ने कहा उसकी प्रेमिका को उसके परिवार वाले काफी प्रताड़ित करते हैं। इसलिए मैं उसे लेने आया था। अगर मैं उसे नहीं ले गया तो वे उसे मार देंगे। बाइक पर बैठे ​थे तीन लोग प्रेमी उज्जैन होते हुए 24 मई को पोटगांव पहुंचा। जहां उसे प्रेमिका मिली और वह उसे बाइक पर बैठा कर भागने लगे। इसकी भनक परिजनों व गांव वालों को लगी तो वे पीछा करने लगे। प्रेमी के अनुसार चारामा के लिलेझर के निकट उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई और तीनों गिर गए। सिर पर चोट आने से प्रेमी बेहोश हो गया। दोस्त का पैर दो जगह से फ्रैक्चर हो गया। लड़की घायल होने पर भी प्रेमी को उठाने की कोशिश करती रही, लेकिन उसके परिजन साथ ले गए। परिजन उलझन में, लड़की लेकर जाएं या छोड़ें हादसे की खबर लगते ही उमेश के पिता सुरेश व मां किरण भी कांकेर पहुंचे। बेटे अपनी प्रेमिका को ले जाने की जिद कर रहा है। जिसके सामने पिता ने हां तो कर दी, लेकिन वे उलझन में है कि लड़की को लेकर जाएं या यहीं छोड़ दें। पिता ने कहा उन्हें इसे लेकर कुछ समझ नहीं आ रहा है। फोन व बाइक थाना में अस्पताल से हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस प्रेमी का मोबाइल व बाइक भी थाना ले आई। दोस्त के मोबाइल में अन्य युवतियों की फोटो व नंबर है। जो इस मामले में काफी संदेहास्पद है। पुलिस युवकों के परिजनों को थाना में बुलाया लेकिन बाद में उन्हें जाने दिया।

छत्तीसगढ़:-आज रविवार को साढ़े 11 हजार लीटर शराब भरे बोतलों पर चली बुलडोजर

रायपुर/ बलौदाबाजार- भाटापारा पुलिस ने जप्त अवैध शराब को नष्ट किया। जिले के थानों- चौकी में दर्ज 1001 प्रकरणों में कुल 11587. 768 लीटर जब्त शराब की बोतलों को बुलडोजर चलाकर कुचला गया। इन मामलों में जप्त वाहनों को भी राजसात किया जा रहा है। रविवार दोपहर पुलिस कैंप लाहोद में यह कार्रवाई की गई ।

छत्तीसगढ़:- अंतिम संस्कार के दौरान शव छोड़कर भागे लोग, जब मधुमक्खियों ने किया हमला

दुर्ग/ भाठापारा निकुम (दुर्ग) में एक वृध्द महिला की मौत होने के बाद अंतिम यात्रा को लेकर परिवारजन व सैकड़ों ग्रामीणजन शाम को 4 बजे श्मशान घाट दाह संस्कार करने पहुंचे ग्रामीणों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. इससे अफरा तफरी मच गई, वहीं कई लोगों को कई डंक लगने से ग्रामीणजन दहशत के चलते शव को छोड़ कर भागे, फिर घायल मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम इलाज कराने पहुंचे, तो डॉक्टर ही नहीं थे. दर्द से कराह रहे मरीज मजबूरी में निजी क्लीनिक में इलाज करवाये. वहीं ग्राम निकुम के मधुक्खी के डंक से घायल राजकुमार साहू ने कहा कि निकुम में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है. समय पर डॉक्टर नहीं मिलते स्टाफ भी नहीं रहता है। गौर हो कि बीते कुछ दिन पहले ही दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया फिर भी यहां की व्यवस्था बदहाल है। विधानसभा चुनाव के बाद से आज तक जीवनदीप समिति की बैठक भी नहीं हुई. समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचते है जिसके कारण निजी डॉक्टरों के पास जाना मजबूरी बन गई. ग्राम पंचायत निकुम के पंच धमेन्द्र साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत निकुम समय रहते उस मधुमक्खी के छत्ते को हटाये, ताकि निकट भविष्य में ऐसी घटना न हो. सरपंच को सूचना दे दी गई. मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी दुर्ग डॉ. जेपी मेश्राम ने कहा कि समय पर स्टाप अस्पाताल पहुंचे, लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले.

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