बिहार में बड़ा रेल हादसा: सीमेंट से लदी मालगाड़ी बेपटरी, हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट ठप, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें डायवर्ट
बिहार। जमुई जिले में रविवार तड़के हावड़ा–पटना–दिल्ली मेन लाइन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। सिमुलतला स्टेशन के पास सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई, जिससे रेलवे नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि कुछ डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे। 42 डिब्बों वाली इस मालगाड़ी के केवल 23 डिब्बे ही पटरी पर रह पाए। प्रमुख रूट प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी हादसे के बाद हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट पर ट्रेनों का परिचालन अस्त-व्यस्त हो गया। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। खासतौर पर रविवार, 28 दिसंबर 2025 को यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। वंदे भारत एक्सप्रेस का बदला मार्ग पटना–हावड़ा के बीच चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस (22348/22347) का रूट भी बदल दिया गया है। सामान्य तौर पर यह ट्रेन बाढ़, मोकामा, किउल, जमुई, झाझा और जसीडीह होकर गुजरती है, लेकिन हादसे के बाद रविवार को इसे पटना–गया रूट से संचालित किया गया। रूट परिवर्तन के कारण कई स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन सेवा नहीं मिल सकी। कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें डायवर्ट रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, हादसे का असर सिर्फ वंदे भारत तक सीमित नहीं है। आज जिन प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं— 18622 हटिया–पटना–पाटलिपुत्र एक्सप्रेस 13029 हावड़ा–मोकामा एक्सप्रेस पटना–धनबाद एक्सप्रेस बक्सर–टाटानगर एक्सप्रेस इसके अलावा दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली कई सुपरफास्ट और लंबी दूरी की ट्रेनों को पटना–गया और किउल–गया रेलखंड से डायवर्ट किया गया है। समय में बदलाव की आशंका गौरतलब है कि हावड़ा जंक्शन से नई दिल्ली के बीच कुल 21 साप्ताहिक और 4 दैनिक ट्रेनें चलती हैं। इनमें सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस (1449 किमी) है। रूट डायवर्जन के चलते इन ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव संभव है। रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेटेड स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। हादसे के बाद राहत और बहाली कार्य तेजी से जारी है।
बालोद में अधिवक्ता के सूने मकान पर धावा, ताले तोड़कर लाखों की चोरी — 8 लाख की रोलेक्स घड़ी भी ले उड़े चोर
✍️ भागीरथी यादव बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में चोरों ने एक बार फिर सुनसान मकान को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। मंगचुवा थाना क्षेत्र के ग्राम अरजपुरी में अधिवक्ता के बंद पड़े मकान से चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और करीब 8 लाख रुपये की महंगी रोलेक्स घड़ी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित परिवार की ओर से यह शिकायत तपसी राम भांडेकर ने मंगचुवा थाना में दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता नितिन भांडेकर रायपुर में रहते हैं। जबकि उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य 9 दिसंबर को गुजरात और राजस्थान यात्रा पर चले गए थे। इसी दौरान मकान कई दिनों तक बंद रहा, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पड़ोसी की सतर्कता से खुला मामला चोरी का खुलासा तब हुआ जब पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने घर का ताला टूटा हुआ देखा और तत्काल परिवार को सूचना दी। परिजनों के लौटने पर पाया गया कि मुख्य गेट सुरक्षित था, लेकिन अंदर के कमरे का ताला तोड़कर चोर घर में घुसे थे। घर के भीतर गोदरेज अलमारी खुली हुई थी और सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था, जिससे साफ था कि चोरों ने इत्मीनान से तलाशी ली। जेवर, नकदी और महंगी घड़ी गायब चोरों ने अलमारी में रखे सोने का मंगलसूत्र (1 तोला), छोटा सोने का लॉकेट, करीब 5 ग्राम सोने के टॉप्स, चांदी की पायल, बिछिया व ऐंठी (लगभग 15 तोला), और 21 हजार रुपये नकद चुरा लिए। चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत करीब 1 लाख 95 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही घर से करीब 8 लाख रुपये की महंगी रोलेक्स घड़ी भी गायब मिली। अधिवक्ता नितिन भांडेकर ने बताया कि यह रोलेक्स घड़ी उन्हें सऊदी अरब के एक क्लाइंट द्वारा उपहार में दी गई थी। सुरक्षा कारणों से उन्होंने इसे गांव स्थित घर में रख दिया था, लेकिन वहीं से घड़ी चोरी हो गई। घड़ी का बिल उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे औपचारिक रूप से एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू मंगचुवा थाना पुलिस ने तपसी राम भांडेकर की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 एवं 331(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश कर रही है और चोरी की इस बड़ी वारदात के खुलासे के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बंद मकानों की निगरानी को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखी जा रही है।
जशपुर में शिक्षक के घर देर रात लूट, चाकू से हमला कर जेवर व मोबाइल ले उड़े नकाबपोश
✍️ भागीरथी यादव जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए हैं। पत्थलगांव थाना क्षेत्र के फुलैता चौक स्थित करमीटीकरा मोहल्ले में देर रात एक शिक्षक के घर सशस्त्र लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। नकाबपोश बदमाशों ने परिवार को आतंकित कर घर में घुसपैठ की और चाकू के बल पर लूट को अंजाम देकर फरार हो गए। घटना 26 दिसंबर 2025 की रात करीब 12.00 से 12.30 बजे के बीच की है। पीड़ित शिक्षक गुलाब सिंह जगत अपने निजी मकान में पत्नी और दो बच्चों के साथ सो रहे थे। इसी दौरान तीन नकाबपोश बदमाशों ने पीछे का दरवाजा तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया। घर में घुसते ही बदमाशों ने लूटपाट शुरू कर दी। जब शिक्षक और उनके परिजनों ने विरोध किया तो आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में शिक्षक सहित परिवार के अन्य सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया। लुटेरे घर से एक मंगलसूत्र, सोने की टॉप्स और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही पत्थलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में इस वारदात में तीन आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल को भी जांच में शामिल कर लिया है। आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, वहीं संभावित भागने के मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस संबंध में एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि करमीटीकरा क्षेत्र में शिक्षक के घर लूट की गंभीर घटना हुई है। पीड़ित की रिपोर्ट पर तत्काल अपराध दर्ज किया गया है। घटना में घायल लोगों का इलाज कराया गया है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
नवा रायपुर छात्र मौत मामला: छत से कूदने को मजबूर हुआ विदेशी छात्र, तीन साथी छात्र गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव नवा रायपुर। थाना मंदिर हसौद क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-16 स्थित 4 मंजिला ईडब्ल्यूएस भवन से गिरकर हुई विदेशी छात्र की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन विदेशी छात्रों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि विवाद और पीछा किए जाने के डर से मृतक ने छत से छलांग लगाई थी। मृतक की पहचान निजी यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत दक्षिण सूडान निवासी सैमपुर जुदे के रूप में हुई है। यह घटना 22 दिसंबर 2025 की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सैमपुर जुदे शाम करीब 7:10 बजे अपने एक मित्र के साथ सेक्टर-16 स्थित ईडब्ल्यूएस भवन के पास खड़ा था। इसी दौरान उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले तीन अन्य विदेशी छात्र—नोउई कुर माजाक, सबरी पालीनो उर्फ टोनी और मोहम्मद खलफल्ला ओमर हसन—वहां पहुंचे और मृतक पर अपने एक साथी की महिला मित्र से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। विवाद ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि तीनों छात्रों ने सैमपुर जुदे के साथ मारपीट करने का प्रयास किया, जिससे वह घबरा गया। जान बचाने के लिए वह अपने किराए के मकान की सीढ़ियों से होते हुए छत की ओर भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए छत तक पहुंच गए। भय और दबाव की स्थिति में आकर सैमपुर जुदे ने छत से नीचे छलांग लगा दी। नीचे कंक्रीट सड़क पर गिरने से उसके सिर, मुंह और दाहिने हाथ में गंभीर चोटें आईं। साथी छात्र उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मंदिर हसौद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 एवं 3(5) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपी अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान के निवासी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद निजी यूनिवर्सिटी और नवा रायपुर क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका, छात्रों के बीच विवाद की पृष्ठभूमि और कैंपस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बीजापुर में नक्सली आतंक: पामेड़ के एर्रापल्ली में युवक की बेरहमी से हत्या, गांव में दहशत
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा एक बार फिर सामने आई है। पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम एर्रापल्ली में बीती रात नक्सलियों ने एक 22 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी। मृतक की पहचान पूनेम बुधरा, पिता जोगा, के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नक्सलियों को उस पर पुलिस मुखबिरी का शक था, इसी संदेह के चलते उसे मौत के घाट उतार दिया गया। घटना 26 दिसंबर की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावर युवक के घर में घुसे, उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस खौफनाक घटना से घर के अन्य सदस्य और ग्रामीण दहशत में आ गए। बताया जा रहा है कि पूनेम बुधरा पहले नक्सली गतिविधियों से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में उसने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता अपनाया था और कुछ समय से अपने गांव में ही रह रहा था। इसी वजह से नक्सलियों को उस पर पुलिस मुखबिरी का संदेह था। हालांकि, इस संबंध में अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हत्या की सूचना मिलते ही पामेड़ थाना पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत गांव के लिए रवाना हुए। घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इलाके में नक्सलियों की तलाश के लिए सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीण सहमे हुए हैं और नक्सली हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद जारी की जाएगी। लगातार बढ़ रही हैं नक्सली वारदातें गौरतलब है कि पामेड़ क्षेत्र में हाल के दिनों में नक्सली घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते 7 दिसंबर को सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार इम्तियाज अली और उनके एक सहयोगी को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। जंगल की ओर ले जाते समय ठेकेदार का साथी किसी तरह भागकर नजदीकी सुरक्षा कैंप पहुंचा और घटना की सूचना दी थी। इसके बाद बीजापुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अगले दिन सुबह जंगल से ठेकेदार इम्तियाज अली का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर पामेड़ एरिया कमेटी की ओर से जारी एक पर्चा भी मिला था, जिसमें सड़क निर्माण कार्य का विरोध दर्ज किया गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से पामेड़ और आसपास के इलाकों में नक्सली दहशत एक बार फिर गहराती नजर आ रही है।
कोरबा में उन्नाव गैंगरेप मामले को लेकर युवा कांग्रेस का आक्रोश, टीपी नगर चौक पर आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता को न्याय दिलाने की माँग को लेकर शनिवार को जिला युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) द्वारा टीपी नगर चौक में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरएसएस-भाजपा का पुतला दहन कर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता एक बार फिर न्याय की गुहार लगाने सड़कों पर उतरने को मजबूर है, जो देश की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जघन्य अपराध का आरोपी भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलना पीड़िता के साथ अन्याय है और सत्ता के संरक्षण को उजागर करता है। युवा कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए और पीड़िता को हर स्तर पर न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस विरोध प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के पवन विश्वकर्मा, सुनील निर्मलकर, विवेक श्रीवास, अमित सिंह, सुजीत बर्मन, नारायण यादव, आशीष गुप्ता, हरीश भारती, लगन चौहान, मिनकेतन गबेल, अरुण यादव, आकाश प्रजापति, संजय महंत, अभिषेक तंबोली, घनश्याम चौहान, सोयल साहू, आशीष खड़िया, अभिषेक ठाकुर, तुषार दुबे, दिनेश जायसवाल, सूरज चौहान, राजेश यादव, अर्जुन सिंह, आकाश कुमार प्रजापति, कमल किशोर चंद्रा, बबलू सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी—संगीता श्रीवास, द्रौपदी तिवारी, माधुरी ध्रुव, सांता मरावी, पिंकी महंत एवं अन्य कार्यकर्ता साथी उपस्थित रहे। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता को जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रायपुर | विधानसभा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा
✍️ भागीरथी यादव विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम छपोरा में प्रेम संबंध के शक में युवक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने युवक के सिर पर लोहे की रॉड और लकड़ी के बत्ते से हमला कर उसकी हत्या की और पहचान छिपाने के इरादे से शव को आंशिक रूप से जला दिया। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान ललित कुमार धीवर (22 वर्ष), निवासी ग्राम कुर्रा (बंगोली), थाना खरोरा, जिला रायपुर के रूप में हुई है। इस हत्याकांड में शामिल आरोपी अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत विधानसभा थाना क्षेत्र का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। खेत में मिला जला हुआ शव, जांच में हुआ खुलासा 23 दिसंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम छपोरा के गोठान के पास खेत में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि शव आंशिक रूप से जला हुआ है और सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने गांव-गांव पूछताछ, मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। तीन दिन तक ग्राम छपोरा में कैंप कर संदिग्धों पर नजर रखी गई। प्रेम संबंध के शक में रची गई हत्या की साजिश जांच के दौरान सामने आया कि मृतक को आखिरी बार ग्राम छपोरा निवासी अर्जुन ध्रुव और अजीत कुमार लहरे के साथ देखा गया था। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि अर्जुन ध्रुव को अपनी बहन और ललित कुमार के बीच प्रेम संबंध होने का शक था। इसी शक और रंजिश के चलते हत्या की योजना बनाई गई। शराब पार्टी के बाद दिया वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार 20 दिसंबर को गुरु घासीदास जयंती मेले के दौरान ललित कुमार छपोरा आया था। 21 दिसंबर को तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसके बाद सुनसान जगह पर विवाद हुआ और आरोपियों ने लोहे की रॉड व लकड़ी के बत्ते से ललित के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए शव पर पैरा डालकर आग लगा दी गई। मृतक की मोटरसाइकिल तालाब में फेंक दी गई, जबकि मोबाइल फोन अलग स्थान पर छिपाया गया। हथियार और सामान बरामद, आरोपी जेल भेजे गए पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, लकड़ी का बत्ता, मृतक की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपी—अर्जुन ध्रुव (19 वर्ष) और अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत (25 वर्ष), निवासी ग्राम छपोरा—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
रायगढ़ | जिंदल कोल ब्लॉक के विरोध में उग्र प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव, महिला टीआई घायल
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक अंतर्गत धौराभाठा गांव में जिंदल उद्योग को आवंटित गारे–पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक में भू-अधिग्रहण और प्रस्तावित उत्खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन उग्र हो गया। सीएचपी चौक पर धरने पर बैठे ग्रामीणों को हटाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान मौके पर खड़ी एक बस में भी तोड़फोड़ की गई। हिंसा में महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति और उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
रायपुर | छत्तीसगढ़ बंद के बाद बढ़ा तनाव: मैग्नेटो मॉल तोड़फोड़ मामले में हिरासत के विरोध में बजरंग दल का चक्काजाम
रायपुर के मैग्नेटो मॉल में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान हुए हंगामे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने तेलीबांधा थाने के सामने चक्काजाम कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को चक्काजाम की पूर्व सूचना नहीं थी। प्रशासन को केवल यह जानकारी थी कि बजरंग दल के कार्यकर्ता गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे। मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बलवा सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। शुक्रवार (26 दिसंबर) देर रात पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया था। इसी कार्रवाई के विरोध में शनिवार को अन्य कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि कांकेर में 800 लोगों ने मिलकर 25 हिंदू युवकों के साथ मारपीट की, लेकिन वहां सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता और ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होती। विजेंद्र वर्मा ने मॉल प्रबंधन पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बंद का आह्वान किया गया था, इसके बावजूद बजरंग दल को चिढ़ाने के उद्देश्य से मॉल में संता की मूर्ति लगाई गई। उन्होंने दावा किया कि इससे किसी की धार्मिक भावना आहत नहीं हुई है और बाइबल में भी संता का उल्लेख नहीं है। बजरंग दल का कहना है कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की और केवल डेकोरेशन को लेकर हुई कार्रवाई को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, सजावट को नुकसान पहुंचाने के आरोप में इतनी बड़ी पुलिस कार्रवाई करना गलत है, इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि आज का चक्काजाम उनके पूर्व नियोजित कार्यक्रम का हिस्सा था और जिस थाने में FIR दर्ज हुई है, उसी थाने का घेराव किया जाएगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा थाने में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और दर्जनभर थाना प्रभारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद है। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर शहर में आने वाले यातायात को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।
जशपुर में दर्दनाक सड़क हादसा
✍️ भागीरथी यादव NH-43 पर दो ट्रकों की भीषण आमने-सामने टक्कर दोनों चालकों की मौके पर ही मौत, केबिन बने मौत का पिंजरा जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नेशनल हाइवे-43 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। काईकछार के पास दो भारी वाहनों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों ट्रक चालकों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि दोनों ट्रकों के केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गए। टक्कर के बाद चालक केबिन में ही बुरी तरह फंस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। गैस कटर से निकाले गए शव घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद गैस कटर की मदद से ट्रकों के केबिन काटे गए, तब जाकर दोनों चालकों के शव बाहर निकाले जा सके। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोयला और मक्का से लदे थे ट्रक जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल एक ट्रक कोयला लेकर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक मक्का से लदा हुआ था। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हादसे की जांच में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
















