सिरगिटटी में अधजली लाश का रहस्य सुलझा — तकनीकी साक्ष्यों ने खोला हत्या का पूरा राज़, दो आरोपी गिरफ्तार

  ✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर – सिरगिटटी थाना क्षेत्र में एक माह पहले मिली अधजली लाश के रहस्य से आखिरकार पर्दा उठ गया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सुरागों और गहन पूछताछ के आधार पर मृतक की पहचान के साथ-साथ हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   7 नवंबर को तिफरा इलाके स्थित होटल ग्रैंड लोटस के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का अधजला शव बरामद हुआ था। पहचान न होने पर पुलिस ने पूरे प्रदेश में इश्तहार जारी किए और गुम इंसान रिपोर्टों से शव का मिलान कराया। इस बीच, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मिले मोबाइल टावर डंप का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर मृतक के परिजनों तक पहुंचने में सफलता मिली।   मृतक की पहचान गोपाल कोल (26 वर्ष), निवासी सेमिया नेवारी, थाना जुगैल जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पहचान होते ही पुलिस ने घटना की परतें खोलने के लिए विशेष टीमें गठित कीं। CCTV फुटेज, मुखबिरों की जानकारी और तकनीकी तथ्यों के आधार पर दो संदिग्ध— अरुण दास मानिकपुरी (30) और धनेश लोधी उर्फ राजू (34) — को हिरासत में लिया गया।   पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। घटना की रात गोपाल तिफरा सब्जी मंडी रोड के पास शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपी भी वहां पहुंचे। शराब के नशे में आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि अरुण और धनेश ने मिलकर गोपाल की बेरहमी से पिटाई की और सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। अपराध को छिपाने के लिए दोनों ने शव व कपड़ों को आग के हवाले कर फरार हो गए।   सिरगिटटी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। यह खुलासा न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है बल्कि तकनीकी जांच और पुलिस की त्वरित कार्रवाई का मजबूत उदाहरण भी पेश करता है।

दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार महिंद्रा XUV700 ने तोड़े बैरिकेड और मकान, नाबालिग समेत 3 महिलाएं घायल

सिमगा ग्राम के पौंसरी में देर रात भीषण सड़क हादसा, तीन घरों में घुसा बेकाबू महिंद्रा XUV700   तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल, एक नाबालिग के दोनों पैर फ्रैक्चर   तिल्दा-नेवरा / सिमगा ग्राम (पौंसरी) — सिमगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पौंसरी में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। तेज रफ्तार महिंद्रा XUV700 (क्रमांक CG04 NW 5088) पुलिस बैरिकेड को तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गई और रिहायशी क्षेत्र में घुसते हुए लगातार तीन घरों से टकरा गई, जिससे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा और मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन अत्यंत तेज गति में था और चालक का वाहन पर नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका था। पहले बैरिकेड से टकराने के बाद वाहन सीधे मोहल्ले की गलियों में घुस गया और रास्ते में आए तीन घरों को तोड़ते हुए आगे बढ़ गया। हादसे की आवाज सुनते ही लोग नींद से जाग उठे और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।   इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। घायलों की पहचान इस प्रकार की गई है— रानी गीत लहरे (28 वर्ष) को सिर व पैर में गंभीर चोट, हेमपुष्पा (26 वर्ष) के हाथ व पैर में गंभीर चोट, जबकि गंगा मारकंडे (17 वर्ष) के दोनों पैर फ्रैक्चर हुए हैं।   घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु तिल्दा-नेवरा स्थित ओम हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार एक घायल की हालत चिंताजनक बनी हुई है।   घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिमगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी कर शांत कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है तथा वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं आम जनता की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।   पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।   ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के रिहायशी इलाकों में गति नियंत्रण के कठोर उपाय किए जाएं, बैरिकेड व्यवस्था मजबूत की जाए और रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

बेगूसराय में जदयू नेता की टार्गेट किलिंग: 9 हथियारबंद बदमाशों ने दी दहशत की खौफनाक दास्तान, कई राउंड फायरिंग से मौत

✍️ भागीरथी यादव      बेगूसराय: छौड़ाही थाना क्षेत्र सोमवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा, जब पीरनगर वार्ड नंबर-10 में जदयू नेता और पूर्व पंचायत अध्यक्ष नीलेश कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह हमला किसी आम आपराधिक वारदात जैसा नहीं था—हमलावरों की चाल, उनकी संख्या और फायरिंग का पैटर्न साफ बताता है कि यह सोची-समझी टार्गेट किलिंग थी।   जानकारी के अनुसार, नीलेश रोज की तरह भोजन के बाद मवेशी बथान में सोने गए थे। देर रात अचानक करीब 9 हथियारबंद बदमाशों ने घात लगाकर धावा बोला। हमलावरों ने नीलेश पर छाती, गर्दन और आंख के पास ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गोलीबारी की गूंज से पूरा गांव सहम उठा, लेकिन परिवार और ग्रामीण जब तक बाहर निकलते—हमलावर अंधेरे में हथियार लहराते हुए फरार हो चुके थे। घटना के बाद एरिया में भारी दहशत है। पुलिस को जानकारी मिलते ही मंझौल डीएसपी सहित छौड़ाही थाना की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने खोखे, पैरों के निशान और गनशॉट पैटर्न सहित कई अहम एविडेंस जुटाए हैं। एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।   मृतक के पिता रामबली महतो ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वारदात के तुरंत बाद गांव के ही बृजेश कुमार, जयप्रकाश महतो सहित कुछ लोगों को हथियारों के साथ भागते देखा। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में कोई खुला विवाद नहीं था, लेकिन कुछ साल पहले जमीन को लेकर गंभीर तनाव हुआ था। पुलिस इसी पुराने विवाद की दिशा में भी जांच आगे बढ़ा रही है।   इलाके में तनाव कायम है और पुलिस पूरे मामले को प्रोफेशनल गैंगस्टर-स्टाइल एग्जीक्यूशन मानकर कई एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।   इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे बेगूसराय को हिलाकर रख दिया है।

रायपुर में मजदूर युवक का अपहरण कर यौन शोषण, आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सूरत जाने के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे युवक का अपहरण कर उसके साथ यौन शोषण किया गया। आरोपी ने युवक की पिटाई की, वीडियो बनाकर परिजनों से डेढ़ लाख रुपए की फिरौती भी मांगी। मौका मिलते ही पीड़ित वहां से भाग निकला और परिजनों को घटना बताई।   शिकायत के बाद पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला विधानसभा थाना रायपुर भेजा। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी गोविंद उर्फ गोविंदा धृतलहरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ अपहरण, बंधक बनाना, मारपीट, अप्राकृतिक कृत्य, धमकी और IT एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।   पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है।      

गूगल ने भारत में लॉन्च किया ‘Google AI Plus’, सिर्फ ₹199 से मिलेगा एडवांस्ड एआई का फायदा

✍️ भागीरथी यादव    अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने भारत में अपना नया सब्सक्रिप्शन प्लान Google AI Plus लॉन्च किया है। इस प्लान के साथ यूज़र्स को Gemini 3 Pro, Nano Banana Pro, Flow जैसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स और मल्टीमीडिया जनरेशन टूल्स की विस्तारित पहुंच मिलेगी।   यह प्लान यूज़र्स को Gmail, Google Docs, NotebookLM जैसी सेवाओं में सीधे एआई सहायता प्रदान करेगा। साथ ही Photos, Drive और Gmail में 200 GB क्लाउड स्टोरेज और फैमिली शेयरिंग की सुविधा भी शामिल है।   कीमत ₹399 प्रति माह नए यूज़र्स के लिए पहले 6 महीने सिर्फ ₹199 प्रति माह एआई सुरक्षा पर फोकस करते हुए कंपनी ने Pixel फोनों के लिए ‘Scam Detection’ फीचर भी घोषित किया है, जो रियल-टाइम में कॉल्स का विश्लेषण कर संभावित घोटालों को पहचानने में मदद करेगा। गूगल का कहना है कि यह प्लान भारत में यूज़र्स को किफायती दाम पर शक्तिशाली एआई अनुभव प्रदान करेगा।

दिल्ली हाईकोर्ट इंडिगो संकट पर सख्त, कहा– “हवाई यात्रा अर्थव्यवस्था की रीढ़, अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं”

✍️ भागीरथी यादव      दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइन में जारी संकट पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसे न सिर्फ यात्रियों की परेशानी, बल्कि पूरे देश की आर्थिक गतिविधियों पर गहरा आघात बताया है। अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि लाखों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे, जो किसी भी आधुनिक और विकसित हो रहे देश की हवाई परिवहन व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।   सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने केंद्र सरकार और डीजीसीए से सख्त लहजे में पूछा कि जब उड़ानों की भारी रद्दीकरण की आशंका पहले से थी, तो समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?   कोर्ट ने पायलटों की ड्यूटी टाइमिंग से जुड़े नए नियम, जिन्हें 1 जून 2024 से लागू होना था, पर भी चिंता जताई। अदालत ने पूछा— “जब नियम पहले से तय थे, तो इंडिगो ने पायलटों की पर्याप्त भर्ती क्यों नहीं की? इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही से आज हजारों यात्रियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है?”   बेंच ने यह भी पूछा कि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को राहत, भोजन, सहायता और जानकारी देने के लिए क्या कदम उठाए गए। साथ ही एयरलाइन स्टाफ के व्यवहार को लेकर भी कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर असंतोष जताया।   सबसे गंभीर टिप्पणी तब आई जब अदालत ने कहा कि संकट के इस समय में अन्य एयरलाइंस “अवसरवाद” दिखा रही हैं। कोर्ट ने बताया कि सामान्यतः 4–5 हजार में मिलने वाले टिकट 30 हजार रुपये तक बेचे जा रहे हैं। कोर्ट ने पूछा— “सरकार ने इस खुले शोषण को रोकने के लिए अब तक क्या किया?”   अधूरी तैयारी के साथ दाखिल की गई याचिका पर अदालत ने नाराजगी जताई, लेकिन जनहित को देखते हुए खुद मामले को गंभीरता से सुनने का फैसला किया।   हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए को सभी सवालों के विस्तृत, तथ्यात्मक और संतोषजनक जवाब जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया है।   मामले की अगली सुनवाई निकट भविष्य में निर्धारित की जाएगी, और अदालत ने संकेत दिए हैं कि इस बार जवाबदेही तय किए बिना वह पीछे नहीं हटेगी।

इंक्रीमेंटल प्रणाली खत्म, मूल्यांकन प्रक्रिया और सरल — पंजीयन में मिली आम जनता को बड़ी राहत

✍️ भागीरथी यादव   राज्य में गाइडलाइन दरों में सुधार को लेकर 20 नवंबर 2025 से मिले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करते हुए केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक 7 दिसंबर को संपन्न हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। सभी प्रावधान 8 दिसंबर से लागू हो चुके हैं।   इंक्रीमेंटल प्रणाली समाप्त, फिर लागू होगी स्लैब व्यवस्था   नगरीय क्षेत्रों में भूमि मूल्यांकन के लिए लागू इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की व्यवस्था को अब समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर पूर्व की तरह स्लैब आधारित प्रणाली लागू रहेगी—   नगर निगम : 50 डिसमिल तक नगर पालिका : 37.5 डिसमिल तक नगर पंचायत : 25 डिसमिल तक इस निर्णय से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी। फ्लैट/दुकान के मूल्यांकन में बड़ा बदलाव   बहुमंजिला इमारतों में संपत्ति अंतरण के समय अब सुपर बिल्ट-अप नहीं, बल्कि बिल्ट-अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन होगा। साथ ही—   बेसमेंट और प्रथम तल पर 10% छूट द्वितीय तल एवं ऊपर के तल पर 20% छूट लागू की गई है। इससे वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा और मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट व दुकानें उपलब्ध होंगी। मुख्य सड़क से दूर संपत्तियों के लिए 25% दर में कमी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूर स्थित संपत्तियों पर भूमि गाइडलाइन दर 25% कम होगी। दूरी का माप कॉम्प्लेक्स के मुख्य सड़क वाले निर्मित हिस्से से लिया जाएगा।   जिला मूल्यांकन समितियों को 31 दिसंबर तक भेजने होंगे संशोधित प्रस्ताव   नई दरों के संबंध में मिले ज्ञापनों और सुझावों की समीक्षा कर जिला समितियाँ 31 दिसंबर तक अपने प्रस्ताव भेजेंगी। इन्हीं के आधार पर आगे की गाइडलाइन संरचना तय की जाएगी। ग्रामीण और नजूल भूमि के लिए बड़े सुधार नजूल, आबादी और परिवर्तित भूमि पर अब हेक्टेयर दर   पहले वर्गमीटर दर लागू होती थी, जिससे जमीन का मूल्य बहुत बढ़ जाता था। अब कृषि भूमि की तरह हेक्टेयर दर लागू की गई है। उदाहरण : रायपुर वार्ड 28 — एक एकड़ भूमि का मूल्य पहले 78 करोड़ रु., अब केवल 2.4 करोड़ रु. ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत परिवर्तित भूमि पर सिंचित भूमि के 2.5 गुना मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त दो फसली भूमि पर 25% अतिरिक्त दर खत्म   ट्यूबवेल, कुएं, वाणिज्यिक फसलें, वृक्षों का मूल्य अब भूमि मूल्य में शामिल नहीं होगा कांकेर उदाहरण: 600 पेड़ों के 78 लाख रु. मूल्य को रजिस्ट्री से बाहर किया गया। खरीदार को 8.58 लाख रु. की प्रत्यक्ष राहत मिली और पेड़ कटाई रोकने में भी मदद मिली।   शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों को राहत 25–37.5 डिसमिल कृषि भूमि का मूल्यांकन अब हेक्टेयर दर पर होगा। बरौदा (रायपुर) उदाहरण: पुराने प्रावधान : 26.75 लाख रु. नए प्रावधान : 6.30 लाख रु. तालाब/मछली टैंक वाली भूमि पर 1.5 गुना दर, बाउंड्री वॉल व प्लिंथ लेवल की दर जोड़ने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है।   निर्मित संपत्तियों की दरें 21 से घटकर मात्र 2 नगरीय निकायों में निर्मित संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए पहले 21 प्रकार की दरें लागू थीं। अब इन्हें घटाकर केवल दो श्रेणियाँ रखी गई हैं, जिससे आम नागरिक के लिए मूल्यांकन बेहद सरल हो गया है।  

खरीदी केंद्रों का अचानक निरीक्षण, मिलर्स को धान उठाव तेज करने के सख्त निर्देश

  बिलासपुर :- धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने राज्य शासन की मंशा के तहत मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला ने आज जिले के प्रमुख खरीदी व संग्रहण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। छतोना केंद्र में उन्होंने तौल मशीन, गुणवत्ता जांच, टोकन व्यवस्था और किसान सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। किसान फेकू लाल से चर्चा में उन्होंने बताया कि 113 क्विंटल धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हुई। इस पर एमडी शुक्ला ने स्टाफ को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को हर हाल में बिना परेशानी खरीदी सुविधा मिलनी चाहिए।   अधिकारियों की बैठक में उन्होंने धान उठाव, परिवहन और स्टॉक प्रबंधन की स्थिति पर गहन समीक्षा की। खाद्य नियंत्रक को मिलर्स द्वारा धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्रों में स्टॉक न बढ़े और किसान समय पर अपना धान बेच सकें।   बिल्हा संग्रहण केंद्र में भी गोदामों की क्षमता, सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था का निरीक्षण किया। सभी चारों संग्रहण केंद्रों को पूर्ण रूप से तैयार रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   निरीक्षण के दौरान खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, डीएमओ अमित चंद्राकर सहित अधिकारी मौजूद रहे।  

भिलाई की मतदाता सूची में पहुँच गया विजय केशरवानी का नाम, निर्वाचन प्रणाली की बड़ी लापरवाही उजागर

  बिलासपुर :- जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और बेलतरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुके विजय केशरवानी का नाम गलत तरीके से भिलाई नगर वार्ड 54 की मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया है। नर्मदा नगर (बिलासपुर) के स्थायी निवासी विजय जब ऑनलाइन स्टेटस जांचने पहुंचे तो पता चला कि उनका नाम मूल सूची से गायब है और भिलाई में दर्ज हो गया है, जबकि उनके परिवार के बाकी सदस्य बिलासपुर की सूची में मौजूद हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी में यह खुलासा हुआ कि भिलाई की बीएलओ द्वारा उनके नाम की पुष्टि कर दी गई है। बड़ा सवाल यह है कि बिलासपुर निवासी के नाम की पुष्टि भिलाई की बीएलओ ने कैसे कर दी? यह एसआईआर प्रणाली में गंभीर गड़बड़ी और निगरानी की कमी को उजागर करता है।   विजय केशरवानी ने बताया कि उन्होंने नर्मदा नगर से संबंधित सभी दस्तावेज जमा किए थे और जल्द ही बिलासपुर कलेक्टर तथा जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपकर अपना नाम सही सूची में दर्ज कराने की मांग करेंगे। इस घटना ने उन हजारों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है जो बीएलओ के भरोसे पर अपडेट प्रक्रिया छोड़ देते हैं।

लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन में उमड़ा जनसैलाब, पत्रकार संगठनों ने दिया समर्थन

  113 परिवारों की बेदखली के खिलाफ शहर में जोरदार विरोध   बिलासपुर :- लिंगियाडीह बचाओ सर्वदलीय अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन 18वें दिन निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया। आज धरना स्थल पर उमड़े अभूतपूर्व जनसैलाब ने साफ कर दिया कि यह संघर्ष अब सिर्फ एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक लड़ाई बन चुका है। नागरिकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, युवाओं और राजनीतिक दलों की बढ़ती भागीदारी ने प्रशासन के खिलाफ जनविरोध को और तीखा कर दिया है। नगर निगम द्वारा जारी बेदखली नोटिस से दुर्गानगर व चौक क्षेत्र के 113 परिवारों में भारी डर और आक्रोश है। तीन पीढ़ियों से बसे परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें राजीव आश्रय योजना में पट्टा देकर कर वसूलने के बाद अब अचानक अवैध घोषित कर दिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। लोगों का कहना है कि निगम ने न तो पारदर्शिता दिखाई और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था। पिछली तोड़फोड़ कार्रवाइयों—रामनगर, श्यामनगर और चिंगराजपारा—के अनुभवों ने शहर भर में असुरक्षा बढ़ा दी है। कई परिवार अभी तक पुनर्वास को तरस रहे हैं, जिससे मोपका, बहतराई, खमतराई और मंगला जैसे क्षेत्रों में भी भय का माहौल है। धरने में महिलाओं की भागीदारी सबसे प्रभावशाली रही। सैकड़ों माताएँ और बेटियाँ “घर नहीं टूटने देंगे”, “बिना पुनर्वास बेदखली नहीं” जैसे नारों के साथ आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। इधर छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ ने भी धरना स्थल पहुँचकर आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा सहित कई पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक बेदखली पर रोक, पट्टा की वैधता और पुनर्वास की गारंटी नहीं मिलती, वह संघर्ष और तेज होगा।

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