देवपुरी स्वास्थ्य केंद्र में कैल्सिड सीरप की बोतल में ‘मांस जैसा पदार्थ’ मिलने से हड़कंप, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर, 8 दिसंबर 2025। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देवपुरी में मरीजों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराए गए कैल्सिड सस्पेंशन की एक बोतल के भीतर मांस जैसा पदार्थ पाए जाने की गंभीर घटना सामने आने के बाद पूरे चिकित्सा तंत्र में हड़कंप मच गया है। यह जानकारी 6 दिसंबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्राप्त होते ही मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।   खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ की संयुक्त जांच टीम ने 07 दिसंबर 2025 को प्रभावित दवा कैल्सिड सस्पेंशन 200 एमएल, बैच नंबर ALGE 4061, M/D 05/2024, E/D 04/2026, निर्माता – एक्टिनोवा प्राइवेट लिमिटेड, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) का विधिवत नमूना संग्रहित किया। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेज दिया गया है।   विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होते ही औषधि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।   स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेशभर में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने कहा कि यह घटना अत्यंत संवेदनशील है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।   विभाग की जन-अपील खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी दवा में संदिग्ध स्थिति अथवा अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत हेल्पलाइन +91-9340597097 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जन-स्वास्थ्य संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

**दीपका में बिजली व्यवस्था संभालने वाले लोकप्रिय सहायक अभियंता का स्थानांतरण

  ✍️ भागीरथी यादव    ग्राम पंचायत से लेकर विधायक तक उठी ज़बरदस्त आपत्ति, विभाग पर बढ़ा दबाव**   भिलाई बाजार/कटघोरा (कोरबा)। दीपका क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को वर्षों से मजबूत और सुचारु बनाए रखने वाले सहायक अभियंता श्री सरेंद्र दिवाकर के स्थानांतरण ने क्षेत्र में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत के बाद अब स्थानीय विधायक प्रेमचंद पटेल भी खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। इससे स्थानांतरण रोकने के लिए विभाग पर भारी दबाव बन गया है।     — ग्राम पंचायत ने मोर्चा खोला, कहा— “यह जनता से छेड़छाड़ जैसा निर्णय”   ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की सरपंच श्रीमती रजनी मरकाम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिवाकर का स्थानांतरण जनहित के प्रतिकूल है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा—   > “दिवाकर की कार्यकुशलता, तत्परता और संवेदनशीलता से दीपका क्षेत्र में बिजली व्यवस्था हमेशा बेहतर रही है। किसी भी समय समस्या बताने पर उनका समाधान तत्काल मिलता है। ऐसे अधिकारी का स्थानांतरण जनता के साथ अन्याय है।”       पंचायत ने यह भी बताया कि दीपका क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 100 से अधिक ग्राम पंचायतें और नगर पालिका क्षेत्र आते हैं। दिवाकर की सेवाओं के कारण बिजली संबंधी शिकायतें वर्षों से नियंत्रित रहीं, इसलिए अचानक स्थानांतरण को अव्यवस्था की आशंका के रूप में देखा जा रहा है।     —   विधायक का सख्त रुख— स्थानांतरण रोकने की अनुशंसा   पंचायत से आवेदन मिलने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर दिवाकर का स्थानांतरण रोकने की दृढ़ अनुशंसा की है।   उन्होंने कहा—   > “जनता का भरोसा जीतने वाले अधिकारी को बिना किसी विशेष कारण हटाना उचित नहीं है। क्षेत्र की मांग को देखते हुए स्थानांतरण तत्काल निरस्त किया जाए।”       विधायक ने अपने पत्र की प्रतिलिपि बिलासपुर और कोरबा के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर मामले की गंभीरता बढ़ा दी है।     —   ग्रामीणों की चेतावनी— ‘फैसला वापस नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा’   दीपका क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थानांतरण आदेश में संशोधन नहीं किया गया तो वे सड़क से कार्यालय तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है—   > “दिवाकर के रहते बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराबी और लाइन फॉल्ट जैसी समस्याएँ लगभग खत्म हो चुकी थीं। उनका तबादला पूरे क्षेत्र के लिए नुकसानदायक होगा।”         —   अब विभाग की परीक्षा— जनता की मांग मानेगा या औपचारिक नीति?   जनप्रतिनिधियों और विधायक के विरोध के बाद अब गेंद ऊर्जा विभाग के पाले में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता देता है या फिर औपचारिक स्थानांतरण नीति को आगे रखता है।   फिलहाल दीपका क्षेत्र में सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही है—   > “दिवाकर को वापस रखो… यही जनता की मांग है।”

गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में संपत्तियों की कीमतों पर व्यापक असर

✍️ भागीरथी यादव    रायपुर, 8 दिसंबर 2025। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 19 नवंबर 2025 को प्रस्तावित गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संपत्तियों के मूल्यांकन संबंधी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। बाजार मूल्य, निर्माण लागत, भूमि उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिए गए इन निर्णयों का प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इन्हें 31 दिसंबर तक पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।   बोर्ड के प्रमुख निर्णय:   1. 1400 वर्ग फीट तक के आवासीय फ्लैटों की कीमतों में राहत   नगर निगम क्षेत्र में फ्लैटों का मूल्यांकन अब 50% तक कम दर पर किया जाएगा। नगर पालिका में यह राहत 37.5% और नगर पंचायत क्षेत्र में 25% तक रहेगी। इससे affordable housing को बढ़ावा मिलेगा और खरीदारों का बोझ कम होगा।   2. व्यावसायिक भवनों का मूल्यांकन अब सुपर बिल्ट-अप एरिया पर   अब दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक इकाइयों का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। इससे बाजार में चल रही विसंगतियों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।   3. रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सेटबैक पर छूट   पहले तल पर 10% और ऊपरी तल पर 20% तक के सेटबैक को अब मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे भवन निर्माताओं और खरीदारों दोनों को आर्थिक राहत मिलेगी।   4. 20 मीटर तक की आंतरिक सड़क वाले कॉम्प्लेक्स को राहत   ऐसे कॉम्प्लेक्स में स्थित भूखंडों का मूल्यांकन 25% कम दर पर किया जाएगा। 20 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में मूल्यांकन मुख्य मार्ग की दरों पर ही होगा।   5. जिला मूल्यांकन समितियों के संशोधनों को मंजूरी   ग्राम क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है। जहां बढ़ोतरी अधिक पाई गई, वहां दरों को संतुलित करते हुए संशोधन किए जाएंगे।   6. नियम तत्काल प्रभाव से लागू   बोर्ड ने सभी संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू करने और 31 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। — जनता और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा प्रभाव   इन नए नियमों से आवासीय संपत्तियाँ सस्ती होने की उम्मीद है, साथ ही डेवलपर्स और निवेशकों को भी राहत मिलेगी। निर्माण कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा का संचार होगा।

बीजापुर में बड़ी वारदात: ठेकेदार का नक्सलियों ने अपहरण कर की हत्या, इलाके में तनाव

  ✍️ भागीरथी यादव    बीजापुर। सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए ठेकेदार इम्तियाज़ अली की हत्या की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। हालांकि सुरक्षा बलों ने अभी तक शव बरामद नहीं किया है, लेकिन मौके से मिले संकेतों और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ठेकेदार की मौत की आशंका प्रबल हो गई है।   शुरुआती जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ठेकेदार को जबरन जंगल की ओर ले गया था। उनके साथ काम करने वाला एक सहयोगी किसी तरह जान बचाकर मेटागुड़म कैंप पहुंचा और घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी।   घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। कई टीमें जंगलों में तलाशी अभियान चला रही हैं, लेकिन अब तक ठेकेदार का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है।   सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहे हैं, और यह घटना एक बार फिर विकास कार्यों को बाधित करने की नक्सली रणनीति की पुष्टि करती है।   सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में नक्सलियों की हलचल पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हुई थी, और सुरक्षा बल इस घटना को उसी गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस को कुछ प्रारंभिक इनपुट मिले हैं, जिनकी तस्दीक जारी है। फिलहाल सुरक्षा बल ठेकेदार का पता लगाने और मामले की पुष्टि के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।

दुर्ग में फर्जी लूटकांड का खुलासा: एटीएम कैश लोडर ही निकला आरोपी, पुलिस की सूझबूझ से खुली पोल

  दुर्ग, 6 दिसंबर। ग्लोबल स्कूल के पास कथित 14.60 लाख की लूट के सनसनीखेज मामले को दुर्ग पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पूरी लूट आशीष राठौर नामक कैश लोडिंग वर्कर द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी थी। पुलिस की तेज कार्रवाई और बारीकी से की गई पूछताछ ने इस मामले की सच्चाई सामने ला दी।   पूरी घटना का सच आया सामने आरोपी आशीष राठौर ने पुलिस को बताया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने हथियार की नोक पर उससे 14.60 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8.60 लाख और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये होने का दावा किया गया था।   लेकिन घटना स्थल पर न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही आशीष या उसकी बाइक पर खरोंच तक दिखाई दी। पुलिस को उसके बयान पर शक गहराता गया।   बयान में मिला बड़ा विरोधाभास आशीष ने बताया था कि घटना के समय उसका भांजा मनीष भी साथ था, जबकि जांच में पता चला कि मनीष मौके पर मौजूद ही नहीं था। लगातार पूछताछ में जब पुलिस ने उसे सबूतों के सामने खड़ा किया तो आशीष टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि लूट की पूरी कहानी उसकी बनाई हुई थी।   एएसपी पद्मश्री तंवर ने दी जानकारी एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया— “हमने घटना स्थल की सूक्ष्म जांच की और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। मामला पूरी तरह फर्जी था। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।”   पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक जांच और प्रभावी पूछताछ की वजह से एक बड़े फर्जी लूटकांड की पोल खुल गई। इससे न सिर्फ सरकार और एजेंसी को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली का भी बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ।   यह मामला इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच पद्धति किसी भी जटिल अपराध को आसानी से बेनकाब कर सकती है।

कोरबा से बड़ी खबर: खेत में काम कर रहीं बुजुर्ग महिला पर जंगली हाथी का हमला, मौके पर दर्दनाक मौत

✍️ भागीरथी यादव    कोरबा। पासान क्षेत्र के गोलाबाहरा गांव में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 80 वर्षीय इंद्रकुंवर की जंगली हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। शांत ग्रामीण इलाके में हुई इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया है।   जानकारी के मुताबिक, इंद्रकुंवर अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत के खनियार में धान साफ कर रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों की तरफ से हाथी के आने की आवाज सुनाई दी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने घर की ओर दौड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उनका पीछा किया और पकड़कर बेरहमी से कुचल दिया। घटना इतनी भयावह थी कि ग्रामीण मौके पर पहुंचकर भी कुछ नहीं कर सके।   सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा सहित आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम ने आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि—   जंगल या खेत की ओर अकेले ना जाएं, हाथियों की आवाज या गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें, रात और सुबह के समय खेतों के आसपास विशेष सावधानी बरतें।   लगातार गांवों के आसपास घूम रहे हाथियों के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने हाथियों की बढ़ती आमद पर कड़ी कार्यवाही और सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाने की मांग की है।

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संपन्न रंगोले में जागी शिक्षा की नई अलख

पाली/नुनेरा – ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट   रंगोले में शिक्षा के प्रति उत्साह और जागरूकता का अनोखा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब प्राथमिक शाला रंगोले में नव साक्षर महा परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रंगोले के सरपंच श्री शिवकुमार मरावी, उपसरपंच श्री संजय कंवर और भूतपूर्व उपसरपंच श्री चंद्रपाल यादव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रेरणादायी बना दिया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित इस साक्षरता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसका परिणाम यह रहा कि गांव के नव साक्षरों ने उत्साह के साथ परीक्षा में हिस्सा लिया। सबसे युवा परीक्षार्थी 27 वर्षीय रामिन बाई और सबसे वरिष्ठ 65 वर्षीय पंचकुंवर ने परीक्षा देकर इस अभियान को नई दिशा दी।   संकुल प्राचार्य श्री आर.पी. लहरे एवं संकुल समन्वयक श्री अशोक भारद्वाज ने पूरे कार्यक्रम का निरीक्षण किया तथा शासन की गाइडलाइन और आवश्यक निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया।   कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व माध्यमिक शाला रंगोले के वरिष्ठ शिक्षक श्री सुबन सिंह पैकरा, केंद्र अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिंह तंवर, अतिथि शिक्षक श्रीमती अनु लता कंवर, श्री विजय देवगन, श्री संत लाल यादव तथा अंशकालिक सफाई कर्मी के योगदान उल्लेखनीय रहे।   नवभारत साक्षरता अभियान के इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा कोई उम्र नहीं देखती—सिर्फ उत्साह, संकल्प और सीखने की इच्छा चाहिए।

कट्टा दिखाकर सराफा व्यापारियों से लूट करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार, जनकपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

एमसीबी। छह महीने पूर्व जनकपुर थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारियों से कट्टा दिखाकर की गई लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया तथा उनके पास से लूट के सोना-चांदी के जेवरात, एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और खाली खोखा बरामद कर लिया है।   कैसे हुई थी वारदात   5 जून 2025 को शाम करीब 7 बजे हरचोका ग्राम के साप्ताहिक बाजार से दुकानदारी कर लौट रहे सराफा व्यापारी ब्रह्मा सोनी और अनिल सोनी को ग्राम माड़ीसरई के पास चार अज्ञात बदमाशों ने रोक लिया। कट्टा अड़ाकर बदमाशों ने सोना-चांदी के जेवरात और नकदी लूट ली। भागते समय आरोपियों ने देशी कट्टा से फायर कर दोनों व्यापारियों को घायल भी कर दिया था। घटना के बाद जनकपुर थाना में अपराध क्रमांक 108/25 दर्ज किया गया तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण कायम किया गया।   शहडोल पुलिस ने खोल दी कड़ी   इसी बीच शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र में खान्नौधी के एक सराफा कारोबारी के साथ ठीक ऐसी ही घटना हुई। गोहपारू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।   जब एमसीबी पुलिस को यह जानकारी मिली, तो जनकपुर थाना टीम ने जेल पहुंचकर पीड़ित व्यापारियों से आरोपियों की शिनाख्त करवाई, जहाँ उन्हें जनकपुर की घटना के आरोपी के रूप में पहचान लिया गया।   पूछताछ में कबूला जुर्म   प्रोटेक्सन रिमांड पर लेने के बाद आरोपियों देशराज कुशवाहा, मोनू कुशवाहा, उमाशंकर शर्मा और रामप्रकाश उर्फ लल्ला—सभी निवासी जिला मुरैना (म.प्र.)—ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूट के जेवरात और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए।   पुलिस टीम की अहम भूमिका   कार्रवाई में थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संदीप बगीश, जय ठाकुर, संजय पांडेय, संजय यादव, आरक्षक शहबाज खान, सूर्यपाल सिंह, देवचरण आरमो, नोहर सिंह और मनोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी ठगी: मोबाइल बेचने गया छात्र, बाइक सवार बदमाशों ने पूरा बॉक्स झपटकर की फरा​री

  रायपुर। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-फरोख्त के बढ़ते चलन के बीच ठगी के नए तरीके भी तेजी से सामने आ रहे हैं। खमतराई इलाके में एम.कॉम के एक छात्र के साथ ऐसी ही वारदात हुई, जहां मोबाइल बेचने गए युवक का फोन, चार्जर और पूरा बॉक्स बाइक सवार दो बदमाश झपटकर फरार हो गए।   ओएलएक्स पर डाला था मोबाइल बेचने का विज्ञापन   खमतराई निवासी 22 वर्षीय रोहित देवांगन ने 5 दिसंबर को अपना मोबाइल फोन बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। विज्ञापन देखने के बाद कुम्हारी के एक नंबर से उससे संपर्क किया गया। खुद को खरीदार बताने वाले युवक ने मोबाइल देखने और खरीदने के लिए रोहित को टाटीबंध पेट्रोल पंप के पास बुलाया।   दो बाइक सवार युवक लेकर गए छात्र को साथ   रोहित अपने दोस्त दीपक साहू के साथ तय स्थान पर पहुँचा। थोड़ी देर बाद एक बाइक पर दो युवक आए और मोबाइल का बॉक्स चेक कर 22 हजार रुपए में सौदा तय किया। नकदी न होने की बात कहकर आरोपियों ने रोहित को पैसे निकालने के बहाने कुम्हारी की ओर साथ चलने को कहा। रोहित भी भरोसा कर उनके पीछे चल पड़ा।   टोल प्लाजा पार करते ही दिया वारदात को अंजाम   अमृततुल्य चाय दुकान के सामने पहुंचते ही बाइक सवार बदमाश अचानक रोहित की स्कूटी के बिल्कुल करीब आए। मौका पाकर पीछे बैठे युवक ने रोहित के हाथ से मोबाइल का बॉक्स झपट लिया और तेज रफ्तार में कुम्हारी की ओर भाग निकले। जब तक रोहित कुछ समझ पाता, आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे।   कई दिनों खोजबीन के बाद दर्ज कराई FIR   वारदात के बाद रोहित ने कुछ दिनों तक अपने स्तर पर मोबाइल की तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसने 6 दिसंबर को कुम्हारी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल नंबर के आधार पर जांच कर रही है।   ऑनलाइन खरीद-फरोख्त में सावधानी जरूरी   इस तरह की वारदातों से एक बार फिर साबित होता है कि ऑनलाइन एड पर मिले खरीदारों या विक्रेताओं पर बिना सोचे-समझे भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर ही लेन-देन करने और संदिग्ध संपर्कों से सावधान रहने की अपील की है।

पिता की साजिश उजागर! मासूम अंश की हत्या कर रचा झूठा ड्रामा

  प्रतापगढ़। यूपी के प्रतापगढ़ में 6 वर्षीय मासूम अंश की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बच्चे की मौत किसी बाहर के व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पिता बाबूराम ने ही अपनी साजिश के तहत की थी। पुलिस जांच के दौरान पिता बार-बार बयान बदलता रहा, जिससे शक गहराया और सच सामने आ गया।   पुलिस पूछताछ में बाबूराम ने कबूल किया कि उसने बेटे को सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से मार डाला। इसके बाद बारात में जाकर उसने बेटे के गायब होने की झूठी कहानी फैला दी। आरोपी ने बताया कि पत्नी के कथित अफेयर से वह मानसिक रूप से टूट चुका था और पत्नी के कथित बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए ही उसने यह घिनौनी वारदात की।   एएसपी के मुताबिक 1 दिसंबर को बच्चा मृत मिला था। जांच में पिता की हरकतें संदिग्ध लगीं और कड़ी पूछताछ में उसका अपराध सामने आ गया। पुलिस ने कातिल पिता को जेल भेज दिया है।

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