छत्तीसगढ़ में राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन शुरू, अदम्य साहस दिखाने वाले बच्चों को मिलेगा सम्मान
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 06 दिसंबर 2025 छत्तीसगढ़ शासन ने अदम्य साहस, शौर्य और संकट की घड़ी में दिखाई गई बुद्धिमत्ता का सम्मान करने के लिए प्रतिष्ठित “राज्य वीरता पुरस्कार 2025” हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सम्मान उन बालक-बालिकाओं को दिया जाता है जिन्होंने किसी विशेष घटना में निस्वार्थ होकर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने या बड़े नुकसान को टालने में असाधारण बहादुरी दिखाई हो। सरकार द्वारा जारी दिशा–निर्देशों के अनुसार पुरस्कार के लिए वही बच्चे पात्र होंगे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है और जिनका साहसिक कार्य 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न हुआ हो। चयनित बाल वीरों को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, सम्मानित मेडल, और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 20 दिसंबर 2025 तक अपने जिले के महिला एवं बाल विकास कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर सकते हैं। पात्रता मापदंड, आवेदन की प्रक्रिया और अन्य विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे पुरस्कार न केवल साहसिक बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज को भी मानवता और वीरता के मूल्यों से जोड़ते हैं। अब प्रदेश भर के लोग यह देखने को उत्सुक हैं कि इस वर्ष किन नन्हें वीरों की बहादुरी पूरे राज्य का गौरव बढ़ाएगी।
ग्राम पंचायत डोड़की के सचिव पर मनमानी के आरोप तेज, सरपंच और ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की विशेष रिपोर्ट कोरबा। ग्राम पंचायत डोड़की में सचिव जुगुल श्रीवास के खिलाफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश चरम पर है। सचिव की कथित मनमानी, अनियमितता और लापरवाही से परेशान होकर सरपंच समेत ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक विस्तृत शिकायत आवेदन सौंपते हुए उनके तत्काल स्थानांतरण और अन्य कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सचिव जुगुल श्रीवास पंचायत कार्यालय में शायद ही नियमित रूप से दिखाई देते हैं। बताया गया है कि वे अधिकतर दिनों में अपने घर से ही कामकाज निपटाते हैं और केवल ग्राम सभा या विशेष बैठकों के दौरान ही कार्यालय पहुंचते हैं। इस वजह से जाति–निवास प्रमाणपत्र, पात्रता–अर्हता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आने वाले लोगों को कई-कई दिनों तक भटकना पड़ता है। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि सचिव न तो फोन पर सही जानकारी देते हैं और न ही ग्रामीणों से शालीन व्यवहार रखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की कार्यशैली के कारण शासन की योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिलती, जिससे लाभार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि कार्यालय में किसी कार्य को बोलने पर उनसे पैसे मांगने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। सरपंच प्रतिमा पैकरा भी नाराज़ पहली बार निर्वाचित सरपंच श्रीमती प्रतिमा पैकरा ने भी सचिव पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सचिव का गैर-जिम्मेदाराना रवैया पंचायत के विकास कार्यों को सीधा प्रभावित कर रहा है। “सचिव न दिशा दिखाते हैं, न मार्गदर्शन देते हैं। कई योजनाएं रुकी पड़ी हैं और ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं,” सरपंच ने कहा। ग्रामीणों की कलेक्टर से दोटूक मांग ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की लापरवाही ने पंचायत के सुचारू संचालन पर असर डाला है। इसलिए कलेक्टर से स्पष्ट मांग की गई है कि वर्तमान सचिव को तत्काल हटाकर उनकी जगह किसी जिम्मेदार, सक्रिय और संवेदनशील अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि गांव की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो सके। ग्राम पंचायत डोड़की के लोग अब कलेक्टर कार्यालय की कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं, ताकि पंचायत के कार्यों में फिर से पारदर्शिता और गति आ सके।
रायपुर में ड्रग्स का बड़ा खेल बेनकाब
✍️ भागीरथी यादव साइंस कॉलेज मैदान के पास कार में बैठे दो तस्कर गिरफ्तार, 26.22 ग्राम हेरोइन बरामद करीब 23 लाख का सामान जब्त, पुलिस कर रही सप्लाई नेटवर्क की जांच रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ड्रग तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26.22 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत 2.60 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। तस्करों के पास से 20 लाख की कार, 7 मोबाइल सहित कुल 23 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। ● कार में बैठकर कर रहे थे ड्रग डील की तैयारी घटना 5 दिसंबर की रात की है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साइंस कॉलेज मैदान के पास, डीडीयू ऑडिटोरियम रोड पर एक काली कार में दो युवक हेरोइन बेचने की फिराक में ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों युवकों को दबोच लिया। ● गिरफ्तार तस्कर आयुष दुबे उर्फ मयंक, निवासी पंचशील नगर, रायपुर मृत्युंजय दुबे उर्फ एमडी, निवासी पचपेड़ी नाका, रायपुर तलाशी के दौरान कार से चिट्टा, 7 मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान मिला। ● बरामदगी ✔ 26.22 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 2,60,100 रुपए) ✔ हुंडई कार CG 04 NT 3892 (कीमत करीब 20 लाख रुपए) ✔ 7 मोबाइल फोन (कीमत लगभग 74,000 रुपए) ✔ कुल जब्ती—करीब 23 लाख रुपए ● सप्लाई चेन की जांच शुरू सरस्वती नगर पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तस्कर यह चिट्टा कहां से लाए थे? किसे सप्लाई करने वाले थे? क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस ड्रग रैकेट का पूरा खुलासा किया जाएगा।
रांची से बड़ी खबर: खुटी के मुरहू में हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की नृशंस हत्या, सिर–धड़ अलग-अलग स्थानों से बरामद
✍️ भागीरथी यादव डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस ने खोला हत्या का पूरा राज रांची/खुटी। खुटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की बर्बर तरीके से हत्या कर शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर दफनाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से शव के सिर और धड़ को दो अलग-अलग जगहों से बरामद किया। ● पुरानी रंजिश पर शक, कानू मुंडा हत्याकांड से जुड़ रही कड़ियां प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। सीनू पूर्ति वर्ष 2022 में हुए कानू मुंडा हत्याकांड का आरोपी था और इसी मामले में लंबे समय तक जेल में बंद रहा। कुछ ही दिन पहले वह जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद वह अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिवार ने मुरहू थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ● खेत से मिली क्षत-विक्षत लाश 3 दिसंबर को पुलिस को मुरहू क्षेत्र के एक खेत में मानव शरीर के कटे हिस्से दफन होने की सूचना मिली। खुदाई कर जब पुलिस ने पहले धड़ और फिर दूसरे स्थान से सिर बरामद किया, तब पहचान सीनू पूर्ति के रूप में हुई। ● हत्या का तरीका भी कानू मुंडा केस जैसा पुलिस का मानना है कि जिस तरह वर्ष 2022 में कानू मुंडा की निर्दयतापूर्वक हत्या की गई थी, उसी पैटर्न पर सीनू की भी हत्या की गई है — पहले धारदार हथियार से वार, फिर शरीर के टुकड़े कर अलग-अलग जगह दफनाना। ● पुलिस ने बनाई विशेष टीम, आरोपियों की तलाश तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ✔ विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है ✔ डॉग स्क्वॉड व फॉरेंसिक विभाग की तकनीकी सहायता ली जा रही है ✔ इलाके में छापेमारी जारी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है पुलिस का कहना है कि जल्द ही हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
रांची से बड़ी खबर: खुटी के मुरहू में हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की नृशंस हत्या, सिर–धड़ अलग-अलग स्थानों से बरामद
डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस ने खोला हत्या का पूरा राज रांची/खुटी। खुटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की बर्बर तरीके से हत्या कर शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर दफनाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से शव के सिर और धड़ को दो अलग-अलग जगहों से बरामद किया। ● पुरानी रंजिश पर शक, कानू मुंडा हत्याकांड से जुड़ रही कड़ियां प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। सीनू पूर्ति वर्ष 2022 में हुए कानू मुंडा हत्याकांड का आरोपी था और इसी मामले में लंबे समय तक जेल में बंद रहा। कुछ ही दिन पहले वह जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद वह अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिवार ने मुरहू थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ● खेत से मिली क्षत-विक्षत लाश 3 दिसंबर को पुलिस को मुरहू क्षेत्र के एक खेत में मानव शरीर के कटे हिस्से दफन होने की सूचना मिली। खुदाई कर जब पुलिस ने पहले धड़ और फिर दूसरे स्थान से सिर बरामद किया, तब पहचान सीनू पूर्ति के रूप में हुई। ● हत्या का तरीका भी कानू मुंडा केस जैसा पुलिस का मानना है कि जिस तरह वर्ष 2022 में कानू मुंडा की निर्दयतापूर्वक हत्या की गई थी, उसी पैटर्न पर सीनू की भी हत्या की गई है — पहले धारदार हथियार से वार, फिर शरीर के टुकड़े कर अलग-अलग जगह दफनाना। ● पुलिस ने बनाई विशेष टीम, आरोपियों की तलाश तेज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ✔ विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है ✔ डॉग स्क्वॉड व फॉरेंसिक विभाग की तकनीकी सहायता ली जा रही है ✔ इलाके में छापेमारी जारी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है पुलिस का कहना है कि जल्द ही हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बस्तर से दिल दहला देने वाली कहानी:
✍️ भागीरथी यादव 8 साल की उम्र में कमरे में बंद की गई लड़की 20 साल बाद रेस्क्यू, रोशनी और पहचान दोनों खो चुकी… परिवार ने दिया हैरान कर देने वाला तर्क बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बच्ची को उसके पालन-पोषण करने वाले परिवार ने पूरे 20 साल तक एक कमरे में कैद करके रखा। जब उसे बंद किया गया था तब वह मात्र 8 साल की थी, और अब लगभग 28 साल की उम्र में अधिकारियों ने उसे रेस्क्यू किया है। रेस्क्यू के समय लड़की न अपना नाम बता पा रही थी न किसी पहचान पर प्रतिक्रिया दे पा रही थी। लंबे समय तक अंधेरे कमरे में बंद रहने की वजह से उसकी आंखों की रोशनी लगभग खत्म हो चुकी है। सामाजिक संपर्क न होने के कारण मानसिक रूप से भी वह गहरे आघात में है। उसके आसपास की दुनिया उसके लिए एकदम अपरिचित हो चुकी है। बस्तर कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग इस पूरे मामले को जबरन कैद, आपराधिक लापरवाही और मानवाधिकार उल्लंघन के तौर पर जांच रहा है। यह जांच उन सवालों को भी खंगालेगी कि आखिर किस आधार पर एक बच्ची को दो दशकों तक कमरे में कैद रखा गया। परिवार का तर्क चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि बच्ची को पड़ोस के एक व्यक्ति से खतरा था, जो कथित तौर पर उसका पीछा करता था और यौन उत्पीड़न की कोशिश करता था। परिवार का दावा है कि भय व सुरक्षा के नाम पर उन्होंने उसे घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया। लेकिन यह सवाल जस का तस खड़ा है—क्या सुरक्षा के नाम पर किसी बच्चे को 20 साल तक कैद रखना सही था? रेस्क्यू के बाद चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि उसकी आंखों की पूरी दृष्टि वापस आना लगभग असंभव है। वहीं सिस्टर क्लेयरलिट ने उम्मीद की एक किरण दिखाते हुए कहा है कि लड़की धीरे-धीरे वातावरण को समझने लगी है, प्रतिक्रिया दे रही है और सहारे से चलना भी सीख रही है। यह मामला न सिर्फ मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल उठाता है, बल्कि इस बात पर भी कि समाज और सिस्टम की नजरों से इतने साल तक ऐसी एक बच्ची कैसे ओझल रही। बस्तर की यह कहानी एक बार फिर याद दिलाती है कि डर, अज्ञानता और सामाजिक उपेक्षा मिलकर किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है। अब पूरा जिला इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि जांच में क्या सामने आता है और लड़की को आगे किस तरह से सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन दिया जाएगा।
होटल के कमरे में युवती की संदिग्ध मौत, बॉयफ्रेंड फरार… पुलिस हत्या के एंगल से कर रही जांच
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। शहर के चंदेला होटल में शनिवार दोपहर एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक 20 वर्षीय युवती की लाश कमरे से बरामद हुई, जबकि उसके साथ रुका युवक मौके से फरार मिला। घटना के बाद होटल प्रबंधन से लेकर पुलिस विभाग तक हड़कंप मच गया है। एडिशनल एसपी नीतीश ठाकुर फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतका संध्या दास, निवासी मरकीडीह (जांजगीर-चांपा), शुक्रवार को अपने बॉयफ्रेंड राकेश कुमार मानिकपुरी (निवासी जांजगीर) के साथ चंदेला होटल में कमरा नंबर 207 में ठहरी थी। दोनों ने होटल कर्मचारियों को बताया था कि वे शादी में शामिल होने कोरबा आए हैं। रातभर दोनों साथ रहे। शनिवार दोपहर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, न ही दरवाजा खोला गया, तब होटल कर्मचारियों को शक हुआ। कई बार आवाज लगाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह बढ़ने पर मास्टर-की से दरवाजा खोला गया। अंदर का मंजर देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए—कमरे में युवती का शव पड़ा था और युवक गायब। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और युवती के परिजनों को सूचना दी। फरार युवक राकेश मानिकपुरी की पुलिस तलाश कर रही है। प्रारंभिक जांच में कई अहम सुराग मिले हैं, जिन्हें पुलिस सभी एंगलों से सत्यापित कर रही है—हत्या, विवाद, आत्महत्या या अन्य किसी साजिश की आशंका को भी नकारा नहीं जा रहा। कोरबा में हुई इस घटना ने होटल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने की बात कह रही है।
रायगढ़ से शर्मनाक वारदात: तीन दिनों तक बंधक बनाकर चाकू की नोक पर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़। जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शादीशुदा महिला को चाकू की नोक पर तीन दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी भगवानपुर निवासी दीपक दास मानिकपुरी (29) ने 26 वर्षीय पीड़िता को 28 नवंबर की शाम तब रास्ते में रोक लिया, जब वह काम से घर लौट रही थी। आरोपी पहले से उसे फोन पर परेशान करता था। जब महिला ने बात करना बंद कर दिया, तो उसने दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अचानक आया, चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट कर उसे ज़बरदस्ती साथ ले गया। पहले स्कूल के बाथरूम के पीछे झाड़ी में मुंह पर कपड़ा बांधकर दुष्कर्म किया, फिर अपने किराए के मकान में ले जाकर लगातार तीन दिनों तक उसकी अस्मिता से खेलता रहा। आरोपी बार-बार धमकी देता रहा कि अगर उसने किसी को बताया तो जान से मार देगा। डरी-सहमी पीड़िता ने किसी तरह मौका पाकर तब जान बचाई, जब आरोपी खाना लेने बाहर गया। वह वहां से भागकर घर पहुंची और पूरी घटना पति को बताई। इसके बाद दोनों महिला थाने पहुंचे और 1 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्याय दिलाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। यह घटना समाज की सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दर्री वेस्ट कॉलोनी में ठेकेदार की मनमानी चरम पर—शादी समारोह के बीच रेखड़ भरी हाइवा दौड़ी, बड़ा हादसा टलते-टलते बचा
✍️ भागीरथी यादव अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल, स्थानीय निवासी भास्कर यादव ने की कड़ी निंदा दर्री वेस्ट। दर्री वेस्ट की एक कॉलोनी में आयोजित शादी समारोह के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई, जब भारी रेखड़ (Rakhad) से भरी हाइवा को रात में कॉलोनी के बीचों-बीच तेज रफ्तार में दौड़ाया गया। विवाह स्थल के पास महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की लगातार आवाजाही के बीच इस भारी वाहन की मौजूदगी से बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार की दबंगई और कुछ अधिकारियों की मिलीजुली अनदेखी के कारण कॉलोनी में बेधड़क भारी वाहन चलाए जा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया— “अगर यही शादी किसी अधिकारी या ठेकेदार के घर में होती, तो क्या वे ऐसी लापरवाही और भारी वाहनों को अंदर आने देते?” शादी के दिन हुए इस खतरेनाक मंजर ने कॉलोनीवासियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। सभी का कहना है कि विवाह जैसे शुभ अवसर पर इस तरह की मनमानी न सिर्फ असंवेदनशीलता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ भी। स्थानीय निवासी भास्कर यादव ने कहा: “शादी-ब्याह के दिन कॉलोनी में ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त के बाहर है। ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारी तुरंत संज्ञान लें, नहीं तो किसी दिन बड़ा हादसा हो जाएगा। हम बार-बार शिकायत करते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रशासन को अभी कदम उठाना चाहिए।” शादी स्थल के ठीक पास स्थित CSEB West क्षेत्र में आम लोगों की लगातार आवाजाही रहती है, जिससे इस लापरवाही की गंभीरता और बढ़ जाती है। निवासियों ने मांग की है कि— कॉलोनी में भारी वाहनों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाई जाए, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो, और भविष्य में ऐसे शादी-विवाह के आयोजनों के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
खैरागढ़ में कबाड़ियों की गुंडागर्दी! मजदूरों को बीच सड़क पर लोहे की रॉड से पीटा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव खैरागढ़। गंडई थाना क्षेत्र में रविवार को कबाड़ी कारोबार से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। काम छोड़कर दूसरे कबाड़ी के पास चले गए पांच मजदूरों को दो आरोपियों ने बीच सड़क पर लोहे की रॉड से बेरहमी से पीट दिया। घटना का वीडियो सामने आते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई और शबाब मेमन सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हमले में एक मजदूर का हाथ टूट गया, जबकि अन्य को गंभीर चोटें आईं। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी शबाब मेमन की जेब से 320 अवैध नशीली गोलियां भी बरामद कीं। पुलिस ने मारपीट के साथ NDPS एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने कहा— “सड़क पर गुंडागर्दी और नशे का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”













