बिलासपुर में वर्दी की दबंगई का आरोप, महिला ने SP से लगाई न्याय की गुहार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पुलिस की छवि को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंधी में एक महिला ने पुलिसकर्मी सहित तीन लोगों पर मारपीट, धमकी और जबरन कब्जे का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता बबली शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना उस समय हुई, जब वह अपने घर पर मौजूद थीं। आरोप है कि तारबहार थाने में पदस्थ ASI संजय शर्मा, उनके साथ राजीव शर्मा और आंचल शर्मा उनके कोठार के चारों ओर लगाए गए घेरा तार को काट रहे थे। विरोध करने पर भी तीनों नहीं रुके और जबरन तार काटते रहे। बबली शर्मा के अनुसार, उनके ससुर रमेश शर्मा ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि ASI संजय शर्मा ने पुलिस की वर्दी का रौब दिखाते हुए लोहे की वस्तु और डंडे से रमेश शर्मा के साथ मारपीट की। घटना यहीं नहीं रुकी। बीच-बचाव करने पहुंची बबली शर्मा और उनके पति हितेश शर्मा के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। बबली शर्मा का आरोप है कि संजय शर्मा ने लोहे की वस्तु से उनके माथे पर वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। वहीं राजीव शर्मा पर हितेश शर्मा को लोहे की वस्तु से मारने और आंचल शर्मा पर हाथ-मुक्के व डंडे से पिटाई करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद डरा-सहमा पीड़ित परिवार न्याय की तलाश में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया नेशनल हाईवे जाम
बिलासपुर। जिले के रतनपुर–पाली सीमा क्षेत्र में नेशनल हाईवे 130 पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 6 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान नीलमदास मानिकपुरी, निवासी करतली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नीलमदास सड़क पार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रहे ट्रेलर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर बैठ गए। चक्का जाम के चलते दोपहिया वाहन चालकों समेत बसों और अन्य यात्री वाहनों में सवार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना पर पुलिस प्रशासन एवं तहसीलदार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता राशि प्रदान किए जाने के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल किया गया। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अर्चना झा ने बताया कि पैदल चल रहे व्यक्ति को ट्रेलर ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उत्पन्न चक्का जाम की स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित ट्रेलर चालक के विरुद्ध अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दर्री में दिल दहला देने वाला हादसा: तेज रफ्तार हाइवा ने मां-बेटी को कुचला, मौके पर मौत, आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम
कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। बाजार से खरीदारी कर स्कूटी से घर लौट रही एक महिला और उसकी मासूम बेटी को तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइवा चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। अचानक हुई टक्कर में स्कूटी सड़क पर घिसटती चली गई और मां-बेटी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया। घटना की सूचना फैलते ही इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क पर उतरकर यातायात बाधित कर दिया। लोगों ने हाइवा चालक को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और हालात तनावपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन भीड़ को समझाइश देकर शांत कराने और यातायात को बहाल करने में जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कितनी सख्ती दिखाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
गेवरा खदान में बवाल: दो निजी कंपनियों के कर्मचारियों में भिड़ंत, सुरक्षा कर्मी भी बने शिकार, वीडियो वायरल
कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। यह विवाद केसीपीएल और केके इंटरप्राइजेज कंपनियों के कर्मचारियों के बीच हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर लात-घूंसे बरसाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना उग्र हो गया कि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा, लेकिन हालात बेकाबू होने के कारण वे खुद भी हाथापाई की चपेट में आ गए। कुछ देर तक खदान परिसर रणक्षेत्र बना रहा, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि गेवरा खदान में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि खदान में बढ़ती दबंगई और आपसी टकराव के बावजूद प्रबंधन आंख मूंदे बैठा है। पहले खदान परिसर में सख्त निगरानी व्यवस्था थी—सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाती थी और मारपीट या अनुशासनहीनता पर संबंधित कंपनी के खिलाफ जांच के बाद कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि ब्लैकलिस्टिंग भी की जाती थी। लेकिन अब वह व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जिससे कर्मचारियों में कार्रवाई का भय खत्म होता जा रहा है। कर्मचारियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो खदान परिसर में कभी भी कोई बड़ी और गंभीर घटना घट सकती है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जानकारी एसईसीएल प्रबंधन को दे दी गई है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। इधर, दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गेवरा जैसी देश की प्रमुख कोयला खदान में अनुशासन बहाल करने के लिए प्रबंधन सख्त कदम उठाएगा, या फिर ऐसी घटनाएं यूं ही बढ़ती रहेंगी?
संपत्ति विवाद में खूनखराबे की नौबत: बड़े भाई ने छोटे भाई को तलवार लेकर दौड़ाया, आरोपी जेल भेजा गया
सुशील जायसवाल कोरबी/चोटिया (पसान)। पसान थाना अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलके (तेंदूटिकरा) में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भैंस की लेन-देन और बंटवारे को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की जान लेने की नीयत से उस पर धारदार तलवार लेकर दौड़ा दिया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार 3 जनवरी 2026 की है। प्रार्थी बाबूलाल यादव (27 वर्ष), पिता प्रभु यादव, निवासी ग्राम पंचायत जलके ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई बनवारी लाल यादव लंबे समय से संपत्ति और भैंस की लेन-देन को लेकर उससे झगड़ा करता आ रहा था। शनिवार को इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि भैंस बेचने को लेकर हुए विवाद में बनवारी लाल यादव तैश में आ गया और भारी-भरकम लोहे की धारदार तलवार लेकर अपने छोटे भाई बाबूलाल को मारने की नीयत से दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए बाबूलाल किसी तरह मौके से भागा और गांव के कोटवार के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बनवारी लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में जमानत नहीं मिलने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन मामला निर्णायक मोड़ पर, जाँच रिपोर्ट जल्द आईजी रायपुर रेंज को
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चर्चित डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में सामने आया यह मामला अब 2026 की शुरुआत में निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण की जाँच लगभग पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट रायपुर रेंज के आईजी को सौंपे जाने की संभावना है। जाँच से जुड़े सूत्र बताते हैं कि डीएसपी कल्पना वर्मा अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए लगातार बयान दर्ज करा रही हैं, जबकि दूसरी ओर कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी आय-व्यय और लेन-देन से संबंधित विस्तृत वित्तीय दस्तावेज जाँच एजेंसियों को सौंप दिए हैं। इनमें बैंक खातों, डिजिटल भुगतान, आभूषणों की खरीद-फरोख्त और कारोबारी लिमिट से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि डीएसपी द्वारा लगाए गए 75 लाख रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों को लेकर उनके बयान समय-समय पर बदलते रहे हैं। वहीं, उनके पिता के सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़ी राशि के दावों को लेकर भी जाँच में ठोस प्रमाण नहीं मिल पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि दंतेवाड़ा पुलिस ने डीएसपी की कार्यप्रणाली की अलग से जाँच शुरू की है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। जाँच के दौरान यह भी उजागर हुआ है कि दीपक टंडन ने विभिन्न बैंकों से प्राप्त कारोबारी लिमिट का उपयोग किया था और शहर के कई आभूषण व्यापारियों के खातों में बड़ी राशि का भुगतान दर्ज है। टंडन की ओर से करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपये से जुड़े लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन और आभूषणों का पूरा विवरण पुलिस को सौंपा गया है। इसके अलावा डीएसपी के खाते में एक लाख रुपये से अधिक की डिजिटल ट्रांसफर राशि की जानकारी भी जाँच का हिस्सा है। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे मामले में जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल सबूतों का भार लगभग 30 किलो तक पहुंच गया है। निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए आईजी रायपुर रेंज ने कड़े निर्देश जारी किए हैं और दोनों पक्षों के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि दीपक टंडन और उनकी पत्नी ने पूर्व में पंडरी और खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी लगे थे। मामला मीडिया में आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जाँच रायपुर पुलिस को सौंपी गई, जो बीते चार महीनों से लगातार जारी है। दीपक टंडन ने बयान में कहा है कि उन्होंने जाँच एजेंसियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं और अब निष्पक्ष निर्णय पुलिस एवं वरिष्ठ अधिकारियों पर निर्भर करता है। वहीं, पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि इस प्रकरण से जुड़े अन्य शिकायतकर्ता भविष्य में सामने आ सकते हैं। डीएसपी कल्पना वर्मा बनाम दीपक टंडन का यह मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित न रहकर पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की बड़ी परीक्षा बन गया है। जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह प्रकरण किस दिशा में आगे बढ़ता है।
छेरछेरा पर्व पर मारवाड़ी युवा मंच का सेवाभावी आयोजन, प्रतीक अग्रवाल की सक्रिय भूमिका रही सराहनीय
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक पर्व छेरछेरा के पावन अवसर पर मारवाड़ी युवा मंच दर्री–जामनीपाली–जेलगांव द्वारा शुक्रवार, 3 जनवरी 2026 को प्रातःकाल कोरबा शनि देव मंदिर परिसर में एक सराहनीय सेवाभावी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य पर्व की मूल भावना के अनुरूप सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को समाज में सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को गर्म चाय एवं बिस्किट वितरित किए गए। साथ ही क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को नए एवं पुराने वस्त्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड में राहत मिल सके। बच्चों के लिए चिप्स एवं कुरकुरे वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ नजर आया। सेवा कार्य से श्रद्धालु, जरूरतमंद एवं बच्चे अत्यंत प्रसन्न और भावविभोर दिखे। इस सेवाभावी आयोजन को सफल बनाने में मारवाड़ी युवा मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रतीक अग्रवाल की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। उन्होंने पूरे आयोजन में समर्पण भाव से सहभागिता निभाते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेवा के प्रति उनकी तत्परता और सामाजिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की उपस्थित जनों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। कार्यक्रम में मंच के पूर्व अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक श्री दिनेश अग्रवाल, प्रांतीय संयोजक श्री विकास अग्रवाल, श्री अरुण केड़िया, पूर्व कोषाध्यक्ष श्री विनय केड़िया, श्री अभिषेक शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई और आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि छेरछेरा पर्व दान, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और मारवाड़ी युवा मंच सदैव समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहयोग पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। भविष्य में भी मंच द्वारा इसी प्रकार के सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
संपत्ति विवाद ने लिया हिंसक रूप
बड़े भाई ने तलवार लेकर छोटे भाई को दौड़ाया, आरोपी जेल भेजा गया सुशील जायसवाल कोरबी/चोटिया (पसान): पसान थाना अंतर्गत कोरबी चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलके (तेंदूटिकरा) में संपत्ति विवाद उस वक्त हिंसक रूप ले बैठा, जब बड़े भाई ने छोटे भाई की हत्या की नीयत से धारदार लोहे की तलवार लेकर उसे दौड़ा लिया। घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी बाबूलाल यादव (27 वर्ष) पिता प्रभु यादव, निवासी ग्राम जलके, का अपने बड़े भाई बनवारी लाल यादव से लंबे समय से भैंसों की लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आए दिन हो रहे झगड़े ने शनिवार 3 जनवरी 2026 को खतरनाक मोड़ ले लिया। बताया गया कि भाई-बंटवारे में शामिल दो नग भैंस को बेचने की बात को लेकर बनवारी लाल यादव आपा खो बैठा और गुस्से में आकर धारदार तलवार लेकर बाबूलाल पर हमला करने दौड़ पड़ा। जान बचाने के लिए बाबूलाल किसी तरह मौके से भागा और गांव के कोटवार के साथ स्थानीय पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बनवारी लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 296, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां जमानत नहीं मिलने पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है।
दूरस्थ वनांचल पसान में कलेक्टर कुणाल दुदावत का सघन दौरा
जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश सुशील जायसवाल कोरबी (पसान)। कोरबा जिले के नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र एवं पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पसान का सघन एकदिवसीय दौरा किया। इस दौरान क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता और जनसंपर्क की नई झलक देखने को मिली। कलेक्टर दुदावत का आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह पसान में अल्प विश्राम एवं भोजन पश्चात कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सीधी भेंट-मुलाकात कर छेरछेरा पर्व एवं नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर मांग पत्र सौंपा गया, जिसे कलेक्टर ने गंभीरता से स्वीकार करते हुए शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। दौरे के दौरान कलेक्टर दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं शासकीय हाई स्कूल पसान का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाई गई कमियों पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के स्पष्ट निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस सघन दौरे में कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ नाग, पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज बंजारे, पसान नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं जनप्रतिनिधियों में जनपद उपाध्यक्ष पोड़ी उपरोड़ा प्रकाश चंद्र जाखड़, जुनैद खान, आरिफ खान, हरप्रसाद शास्त्री, सरपंच सुरेंद्र तिग्गा, उपसरपंच, पंचगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पत्रकार प्रताप चंद साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कलेक्टर कुणाल दुदावत के इस दौरे से क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उम्मीदें मजबूत हुई हैं, वहीं वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर सकारात्मक संदेश भी गया है।
युवाओं की रचनात्मक पहल से तिमेड पुल बना आकर्षण का केंद्र
✍️ भागीरथी यादव LED रोशनी ने बदली पहचान, रात में पेश करता है मनमोहक दृश्य बीजापुर। बीजापुर–भोपालपटनम मार्ग पर स्थित तिमेड पुल अब केवल आवागमन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं की सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रहा है। क्षेत्र के जागरूक युवाओं ने अपनी पहल पर आपस में धनराशि एकत्र कर पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों में LED स्ट्रिप लाइट लगवाने का कार्य प्रारंभ किया है। LED रोशनी से सजे खंभों ने पुल के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले यह पुल एक साधारण संरचना के रूप में देखा जाता था, वहीं अब रात्रि के समय यह एक आकर्षक और मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। चमकती रोशनियों से सजा पुल राहगीरों को स्वतः ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और क्षेत्र को एक नई पहचान दे रहा है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यह कार्य बिना किसी सरकारी या औपचारिक व्यवस्था के, केवल युवाओं के आपसी सहयोग, संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से संभव हुआ है। युवाओं की यह पहल यह दर्शाती है कि जब सोच सकारात्मक हो और दृष्टिकोण रचनात्मक, तो छोटे प्रयास भी बड़े और स्थायी बदलाव ला सकते हैं। तिमेड पुल पर हो रहा यह सौंदर्यीकरण न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी संदेश दे रहा है कि आज का युवा वर्ग अपने आसपास की सार्वजनिक संपत्तियों को संवारने और समाज के लिए कुछ करने को तत्पर है। यह पहल अन्य क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनती जा रही है।
















