कोरबा पूर्वांचल सर्वसमाज विकास समिति की बैठक में संगठन विस्तार पर बड़ा निर्णय

✍️ भागीरथी यादव   विकास सिंह बने कार्यवाहक अध्यक्ष, प्राण नाथ मिश्रा को मिली पीआरओ की जिम्मेदारी कोरबा। कोरबा पूर्वांचल सर्वसमाज विकास समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज समिति के केन्द्रीय कार्यालय राजेन्द्र प्रसाद भवन, रिकाण्डो रोड, कुआँभट्ठा, कोरबा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में समिति के करीब 50 से अधिक सदस्यों ने सहभागिता की और संगठन की भविष्य की दिशा को लेकर गंभीर मंथन किया गया। बैठक के दौरान संगठनात्मक मजबूती एवं सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से श्री विकास सिंह को समिति का कार्यवाहक अध्यक्ष तथा श्री प्राण नाथ मिश्रा को जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) नियुक्त किया गया। दोनों नियुक्तियों का उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सक्रिय व प्रभावशाली बनेगा। जिला स्तर पर संगठन विस्तार का रोडमैप तय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए जिला कार्यकारिणी, महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ का गठन शीघ्र किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी माह में नववर्ष मिलन समारोह आयोजित कर समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने की योजना पर सहमति बनी। वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति बैठक में समिति अध्यक्ष अवधेश सिंह, संरक्षक राजकिशोर प्रसाद, सचिव अरविंद शर्मा सहित बृज भूषण प्रसाद, विजय यादव, पवन विश्वकर्मा, सुनील सिंह, अमित सिंह, धन्नू यादव, परवेज अंसारी, राजेश यादव, सोनू सिंह, अभय शर्मा, शम्भू सिंह, रमेश सिरका, कौशल साहू, बच्चू सिंह, रामायण साहू, सुनील अग्रवाल, जयंत कुमार, अभिनव कुमार, परशुराम, प्रमोद कुमार, काशीराम सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संगठन को सामाजिक एकता, विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर सक्रिय रखने का संकल्प लिया गया।  

तखतपुर | जमीन विवाद बना खून की वजह: बैंक से अपहरण कर युवक की हत्या, 7 फरार आरोपी गिरफ्तार, कुल 12 जेल में

  मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरेला में हुए बहुचर्चित अपहरण व हत्या कांड में पुलिस को बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। जमीन विवाद के चलते युवक का अपहरण कर बेरहमी से हत्या करने वाले 07 फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस जघन्य हत्याकांड में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बैंक परिसर से उठा ले गए युवक, पीट-पीटकर ले ली जान पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को ग्राम बरेला स्थित पंजाब नेशनल बैंक परिसर से राजकुमार धुरी (21 वर्ष) का सरेआम अपहरण किया गया। आरोपियों ने उसे जबरन वाहन में बैठाकर ठकुरीकापा नर्सरी ले जाकर हाथ-मुक्कों और डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौत हो गई। जमीन विवाद की रंजिश में रची गई थी हत्या की साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू का मृतक के परिवार से पिछले एक वर्ष से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर राजकुमार धुरी की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। एसपी के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में जरहागांव पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ की। राज्य से बाहर तक भागे आरोपी, फिर भी पुलिस ने दबोचा हत्या के बाद आरोपी सबूत छिपाने और पुलिस से बचने के लिए भाठापारा, रायपुर, दुर्ग, नागपुर तक भागते रहे। वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया। बावजूद इसके पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए 30 दिसंबर 2025 को सभी 7 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त वाहन, डंडा और अन्य सामग्री भी विधिवत जब्त की गई है। 30 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार आरोपी प्रदीप उर्फ छोटू साहू पिता संतोष (27) – निवासी बरेला विनीत साहू उर्फ चिन्टु पिता राकेश (20) – निवासी बरेला रवि निर्मलकर पिता स्व. बिहारी लाल (25) – निवासी बरेला राजा धुरी पिता लक्ष्मीप्रसाद (25) – निवासी बरेला प्रदीप धु्रवंशी पिता स्व. पवन (25) – निवासी बरेला मनीष साहू पिता शिव (22) – निवासी बरेला योगेश साहू पिता जितेन्द्र (25) – निवासी खपरी, थाना नांदघाट, जिला बेमेतरा न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 194/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और इस हत्याकांड में संरक्षण या सहायता देने वालों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कानून से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है—कानून से ऊपर कोई नहीं।  

अवैध शराब कारोबार पर पुलिस का करारा प्रहार, 33 लीटर महुआ शराब के साथ महिला तस्कर जेल भेजी गई

✍️ भागीरथी यादव   चिरमिरी। नगर में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चिरमिरी पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और आसूचना संकलन किया जा रहा है। इसी क्रम में 29 दिसंबर 2025 को पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि डोमनहील बाजारपारा निवासी एक महिला नीले रंग के झोले में हाथ भट्टी से बनी अवैध महुआ शराब लेकर डोमनहील बाजार में बिक्री के लिए आ रही है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने डोमनहील बाजार के पास घेराबंदी कर पैदल आ रही महिला को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला के पास से 33 प्लास्टिक पाउच, प्रत्येक में एक-एक लीटर महुआ शराब, कुल 33 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 6 हजार 600 रुपये बताई गई है। पूछताछ में महिला ने अपना नाम प्रेमा सिंह, पति भईयालाल सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी डोमनहील बाजारपारा, चिरमिरी बताया। पुलिस ने मौके पर ही पूरी शराब जब्त कर आरोपी महिला के खिलाफ थाना चिरमिरी में धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक विजय सिंह, प्रधान आरक्षक अशोक एक्का, प्रधान आरक्षक भगत सिंह, महिला प्रधान आरक्षक रुकमणी बंजारे, आरक्षक चन्द्रसेन राजपूत एवं नगर सैनिक लेखा प्रजापति की अहम और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।    

बिलासपुर में डिजिटल अरेस्ट ठगी का पर्दाफाश, 57 लाख की साइबर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार

    बिलासपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करते हुए करीब 57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक स्थानीय निवासी को वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। आरोपी ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में फंसने और डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी। डर के माहौल में आकर पीड़ित ने आरोपी के बताए खातों में अलग-अलग किश्तों में कुल 57 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और बैंक खातों से रची ठगी की साजिश जांच में सामने आया कि ठग गिरोह फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए वारदात को अंजाम देता था। ठगी की रकम निकालने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचारित ‘लेगेसी लोन’ एप का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके माध्यम से आम लोगों को लोन बांटने की आड़ में ठगी का पैसा आहरित किया जाता था। दिल्ली-यूपी में छापेमारी के बाद दबोचा गया आरोपी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों के दिल्ली और उत्तरप्रदेश से जुड़े होने के अहम सुराग मिले। इसके बाद रेंज साइबर थाना की विशेष टीम ने दिल्ली और यूपी में दबिश दी। तीन दिन की कड़ी मशक्कत के बाद शिकारपुर, बुलंदशहर निवासी मनिंदर सिंह (54 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कंपनी के खाते में मंगवाता था ठगी का पैसा पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग पार्सल जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। आरोपी कमीशन के लालच में अपनी कंपनी शिकारपुरिहा रियालिटी प्राइवेट लिमिटेड के करंट अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाता था और बाद में उसे निकाल लेता था। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह और ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।

बस्तर विधायक की पत्नी अस्पताल में भर्ती, शरीर पर चोटों से मचा हड़कंप, पुलिस ने किया आत्मघाती प्रयास का खुलासा

  जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल की पत्नी सुमित्रा बघेल (51 वर्ष) को आज सुबह जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल में भर्ती कराए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। उनके शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद शुरुआत में धारदार हथियार से हमले की आशंका जताई गई, लेकिन कुछ ही देर में पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले पर बड़ा खुलासा किया। चाकू से हमला या आत्मघाती प्रयास? पुलिस ने साफ की स्थिति प्रारंभिक सूचनाओं में सुमित्रा बघेल के शरीर पर चाकू या धारदार हथियार से वार के निशान बताए जा रहे थे, जिससे सनसनी फैल गई। सोशल मीडिया पर नस काटने जैसी अफवाहें भी तेजी से वायरल होने लगीं। हालांकि, पुलिस जांच के बाद स्पष्ट किया गया कि यह कोई हादसा या बाहरी हमला नहीं, बल्कि मानसिक तनाव से प्रेरित आत्मघाती प्रयास का मामला है। मानसिक तनाव में थीं सुमित्रा बघेल पुलिस के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों से पूछताछ की गई। प्रथम दृष्टया सामने आया कि सुमित्रा बघेल अपनी माता के निधन के बाद से मानसिक रूप से काफी तनाव में थीं और कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने मंगलवार सुबह खुद को चोट पहुंचाई। हाथ और धड़ पर गहरी चोटें, हालत स्थिर अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सुमित्रा बघेल को हाथ और धड़ पर गहरी चोटें आई थीं, जिन्हें टांके लगाकर स्टेबलाइज किया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और महारानी अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई औपचारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। परिवार और विधायक की ओर से चुप्पी घटना के बाद विधायक लखेश्वर बघेल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। आदिवासी नेता के परिवार से जुड़ा मामला, सियासी हलचल गौरतलब है कि विधायक लखेश्वर बघेल बस्तर क्षेत्र के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शुमार हैं। उनकी पत्नी से जुड़ी इस घटना ने पूरे बस्तर अंचल में चर्चा और चिंता का माहौल बना दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

ट्रांसपोर्ट नगर नहर में मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

  भिलाई। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र स्थित नहर में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से आज सुबह इलाके में सनसनी फैल गई। नहर किनारे टहल रहे स्थानीय लोगों ने पानी में शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तुरंत खुर्शीपार थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया है। घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। नहर किनारे शराबखोरी, कई सवाल खड़े पुलिस को जांच के दौरान नहर के आसपास शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं। बताया जा रहा है कि यह इलाका कुछ असामाजिक तत्वों का अड्डा माना जाता है, जहां अक्सर बैठकर शराबखोरी होती है। ऐसे में युवक की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं—क्या यह हादसा है या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश? फॉरेंसिक टीम और CCTV से सुराग तलाश मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जो हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं नहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि मृतक की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। शव की पहचान अब तक नहीं फिलहाल मृत युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और गुमशुदगी के मामलों से भी मिलान किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। अज्ञात युवक की रहस्यमयी मौत ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है, वहीं पुलिस हर एंगल से जांच कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।

सेमरिया हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मामूली बात पर भड़की हिंसा, चाकूबाजी में युवक की मौत, 7 आरोपी गिरफ्तार

    बलौदाबाजार। जिले के सेमरिया गांव में 28 दिसंबर की रात हुए जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें परमेश्वर यदू नामक युवक की जान चली गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।   जयंती कार्यक्रम के बाद हुआ खूनी टकराव जानकारी के मुताबिक 28 दिसंबर को सेमरिया गांव में जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद परमेश्वर यदू अपने साथियों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान उसकी गली के पास कुछ युवक आपस में गाली-गलौज करते हुए झगड़ रहे थे। परमेश्वर के एक साथी ने उन्हें ऐसा करने से रोका, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजरी। गली में निकले चाकू, युवक पर जानलेवा हमला विवाद बढ़ते ही आरोपियों ने परमेश्वर यदू और उसके साथियों पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान कुछ आरोपियों ने चाकू निकालकर वार किए। परमेश्वर को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। साथी उसे तत्काल शासकीय अस्पताल भाटापारा लेकर पहुंचे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 24 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने महज 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि इस हत्या में कुल 7 लोग शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी बाहल दास बंजारे (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह धनेश चेलक (20 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह धनराज बघेल (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह छन्नु कोसले (18 वर्ष), निवासी ग्राम बिजराडीह 03 विधि से संघर्षरत बालक सभी आरोपी थाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं। जुर्म कबूल, आवेश में लिया गया खौफनाक फैसला पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि गाली देने से मना करने पर उन्हें गुस्सा आ गया और सभी ने मिलकर हाथ-मुक्कों व चाकू से हमला किया। पुलिस के अनुसार यह घटना आवेश, असंयम और कानून के प्रति लापरवाही का परिणाम है। सभी बालिग आरोपियों को 30 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि नाबालिगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का सख्त संदेश एएसपी अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ पुलिस की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। समाज की शांति भंग करने और हिंसा फैलाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली विवाद कैसे जानलेवा हिंसा में बदल जाते हैं, और संयम की कमी किस तरह पूरे परिवार को उजाड़ देती है।    

रात के अंधेरे में खनन माफिया पर जिला प्रशासन की बड़ी चोट धमतरी में अवैध मुरूम और रेत परिवहन करते 3 हाईवा जब्त, मचा हड़कंप

✍️ भागीरथी यादव   धमतरी। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन धमतरी लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में 28 दिसंबर 2025 की रात करीब 11 बजे जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने ग्राम कलारतराई में औचक कार्रवाई कर खनन माफियाओं पर बड़ी चोट की है। रात के सन्नाटे में की गई इस अचानक जांच के दौरान खनिज मुरूम और रेत के अवैध परिवहन में लिप्त तीन हाईवा वाहनों को मौके पर ही जब्त किया गया। कार्रवाई इतनी त्वरित और सटीक थी कि अवैध परिवहन में संलिप्त लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तीन हाईवा जब्त, अलग-अलग प्रकरण दर्ज जांच में सामने आया कि दो हाईवा वाहन अवैध रूप से मुरूम का परिवहन कर रहे थे एक हाईवा वाहन बिना वैध अनुमति के रेत ले जाते हुए पकड़ा गया तीनों ही मामलों में प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जब्त वाहनों से जुड़े संबंधित व्यक्तियों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। प्रशासन का सख्त संदेश इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन और परिवहन करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसी औचक और सख्त कार्रवाइयां और तेज की जाएंगी। खनन माफियाओं में हड़कंप रात के वक्त हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की यह पहल न सिर्फ राजस्व की सुरक्षा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मजबूत कदम मानी जा रही है। धमतरी प्रशासन का साफ संदेश — कानून से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई तय है, रात हो या दिन, अवैध खनन बर्दाश्त नहीं।

नियम किताबों में, लूट तराजू पर — जनपद सीईओ के निरीक्षण में भी दबा सच

  कैमरे के सामने उजागर हुई पहरिया धान खरीदी केंद्र की कड़वी हकीकत जांजगीर–चांपा। यह किसी आरोप की कहानी नहीं, बल्कि कैमरे में कैद वह है, जो पहरिया धान खरीदी केंद्र पर हर दिन किसानों के साथ हो रही है। यहां धान नहीं तौला जा रहा — किसानों का हक तौला जा रहा है।   शासन-प्रशासन के स्पष्ट नियम कहते हैं कि धान खरीदी में 40 किलो 680 ग्राम (धान + बोरा) की तौल होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। कैमरे के सामने 3–4 बोरों की तौल हुई और एक भी बोरा नियम के अनुसार नहीं निकला। हर बोरे में 900 ग्राम से 1 किलो 110 ग्राम तक की खुली कटौती पाई गई। यह कोई तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक लूट का साफ सबूत है। सुरक्षा राशि, पर सुरक्षा नदारद धान खरीदी केंद्र को ₹2.40 प्रति क्विंटल सुरक्षा राशि दी जाती है, लेकिन केंद्र पर न कोई गार्ड दिखा, न हमाल, न ही बुनियादी व्यवस्था। जब इस पर सवाल किया गया तो धान खरीदी प्रभारी जवाब देने से बचते नजर आए, जबकि उनके सहयोगी पत्रकारों पर ही भड़क उठे। यहां तक कहा गया — “क्या मंडी प्रभारी अपना घर या खेत बेचकर पूर्ति करे?” यानी सवाल किसानों की लूट पर नहीं, सवाल उठाने वालों पर! कागज में नियम, जमीन पर नियमों की कब्र धान की चट्टा व्यवस्था में जहां दो लेयर अनिवार्य हैं, वहां केवल एक लेयर दिखाई दी। बाहर दिखावे की भूसी, अंदर नियमों की धज्जियां। कागजों में सब कुछ सही — लेकिन हकीकत में सब कुछ फेल। किसान नहीं, मजदूर बना दिया गया यहां किसान सिर्फ किसान नहीं रह गया, उसे मजदूर बना दिया गया है। धान पलटना बोरा सिलाई तौल सब काम किसान खुद कर रहा है। एक किसान बताता है — “मजदूर साथ लाना पड़ा, मजदूरी भी खुद देनी पड़ी, तब जाकर तौल हो पाई।” निरीक्षण या दिखावा? धान खरीदी प्रभारी का दावा है कि जनपद सीईओ बलौदा निरीक्षण पर आए थे, लेकिन उन्हें कोई गड़बड़ी नजर नहीं आई। अब सवाल साफ है — निरीक्षण था या सिर्फ औपचारिकता? आंखें बंद थीं या सच्चाई जानबूझकर छुपाई गई? जब प्रभारी जयप्रकाश सिंह से जवाब मांगा गया तो उन्होंने केवल “सूखती के नाम पर 900 ग्राम से 1 किलो 110 ग्राम” कहकर बाकी सवालों से किनारा कर लिया। सवाल सिस्टम से है अगर अब भी इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो मान लेना चाहिए कि किसानों की इस लूट में सिस्टम खुद कटघरे में खड़ा है। कैमरा बोलेगा, सवाल जिंदा रहेंगे। अब सबसे बड़ा सवाल — क्या भोले-भाले किसानों को न्याय मिलेगा? या यूं ही नियमों के खिलाफ धान खरीदी कर उनका शोषण होता रहेगा? क्या जिम्मेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह लूट यूं ही जारी रहेगी? किसानों का सब्र टूट रहा है, अब जवाब चाहिए — सिर्फ आश्वासन नहीं।

छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की आवाज बना ‘सर्व पत्रकार एकता महासंघ’, अधिकार और सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर सक्रिय

  कोरबा | पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और मजबूत मंच के रूप में सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है, बल्कि असहाय, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहारा बनकर सामने आया है। कोरबा जिले में निवासरत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने बताया कि सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ का उद्देश्य पत्रकारों को एकजुट करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और पत्रकार सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास करना है। संगठन राज्यभर में सक्रिय होकर पत्रकारों से जुड़े शोषण, बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहा है। पत्रकारों को जोड़ने और सशक्त करने का संकल्प प्रदेशाध्यक्ष बंजारे ने बताया कि महासंघ पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है, जहां वे अपनी समस्याओं को खुलकर रख सकें और समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास कर सकें। संगठन का फोकस केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचना है जो असहाय और पीड़ित हैं। महासंघ के प्रमुख उद्देश्य पत्रकारों के बीच एकता और संगठनात्मक मजबूती पत्रकारों के शोषण और उत्पीड़न को रोकना बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना असहाय और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने में सहयोग पत्रकारों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ना जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्य सर्व पत्रकार एकता महासंघ द्वारा समय-समय पर सामूहिक बैठकें, पत्रकार सम्मान समारोह और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोरबा जिले में संगठन की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और अब अन्य जिलों से भी पत्रकार इससे जुड़ रहे हैं, जिससे महासंघ को नई ऊर्जा और मजबूती मिल रही है। छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलाव की दिशा में पहल महासंघ का मानना है कि सशक्त और सुरक्षित पत्रकारिता ही लोकतंत्र की मजबूत नींव है। इसी सोच के साथ संगठन छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ आज न सिर्फ पत्रकारों का संगठन है, बल्कि न्याय, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

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कटघोरा–पेंड्रा रोड की जर्जर सड़क से लोग परेशान, दुर्घटना का खतरा बढ़ा
अंधे मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को मारी टक्कर, युवक का पैर बुरी तरह कुचला