डोंगरगढ़ में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
✍️ भागीरथी यादव डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करने वाला मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर एक युवक ने युवती के साथ बार-बार दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 2019 से जान-पहचान, भरोसे का उठाया गया गलत फायदा पीड़िता ने 22 दिसंबर 2025 को थाना डोंगरगढ़ पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उसकी पहचान वर्ष 2019 में नीरज देवांगन, निवासी मोतीपुर नवागांव, से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर उसके साथ नजदीकियां बढ़ाईं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने शादी का झांसा देकर अलग-अलग मौकों पर, विशेषकर डोंगरगढ़ स्थित एक लॉज में, जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी ने किया अपराध स्वीकार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी नीरज देवांगन पिता अगनू राम देवांगन (उम्र 25 वर्ष) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया और उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। डोंगरगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
गरियाबंद में सनसनीखेज हत्या का खुलासा: 24 घंटे में 11 आरोपी गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में युवक की पीट-पीटकर हत्या
✍️ भागीरथी यादव राजिम। गरियाबंद जिले के ग्राम देवरी में हुई नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली। पुरानी रंजिश के चलते लाठी-डंडे और पत्थरों से युवक को बेरहमी से पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिससे क्षेत्र में दहशत फैलाने वालों को कड़ा संदेश मिला है। सड़क किनारे मिली थी युवक की लाश, फैली थी सनसनी घटना उस समय सामने आई जब देवरी गांव में सड़क किनारे एक युवक की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान हितेश तारक उर्फ चंदू तारक के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार मृतक आदतन अपराधी था। उसके खिलाफ मारपीट और चोरी के 8 आपराधिक मामले, साथ ही 9 प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयां थाना राजिम में दर्ज थीं। पुरानी रंजिश ने लिया खौफनाक रूप जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच पुरानी दुश्मनी थी। इसी रंजिश के चलते 11 लोगों ने एकजुट होकर युवक पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला किया। मारपीट के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को हादसा दिखाने के इरादे से आरोपियों ने शव को सड़क किनारे फेंक दिया। 24 घंटे में पुलिस की बड़ी सफलता मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और पूछताछ के आधार पर सभी आरोपियों को चिन्हित कर लिया। दबिश देकर सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। इलाके में पुलिस की सख्ती का संदेश पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि अपराध कर बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं। गरियाबंद पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ बड़ी सफलता है, बल्कि अपराधियों के लिए कड़ा चेतावनी संदेश भी है।
दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी: दो थाना क्षेत्रों की चोरी का खुलासा, 4 शातिर आरोपी सलाखों के पीछे
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। जिले में बढ़ती चोरी की वारदातों पर दुर्ग पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई चोरियों का खुलासा कर दिया है। थाना पुरानी भिलाई और जामुल पुलिस की संयुक्त सतर्कता और तेज़ विवेचना के चलते कुल चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वहीं लाखों रुपये की चोरी गई संपत्ति भी बरामद की गई है। मोबाइल दुकान में सेंध: शटर तोड़कर 40 हजार की चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार पहला मामला थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र का है। 5 जुलाई 2025 को ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज स्थित एक मोबाइल दुकान में अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर दुकान से कीपैड मोबाइल, एयर बर्ड, पुराने इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और दराज व गुल्लक में रखी नगदी सहित करीब 40 हजार रुपये लेकर फरार हो गए थे। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खुर्सीपार निवासी कुलदीप कौशिक चोरी के मोबाइल बेचने की फिराक में है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी विराज निर्मलकर के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से 6 कीपैड मोबाइल और 2 एयर बर्ड बरामद किए गए, जबकि नगदी खर्च हो जाना बताया गया। दोनों आरोपियों को 29 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सूने मकान पर हाथ साफ: 1.83 लाख की चोरी का पर्दाफाश दूसरा मामला थाना जामुल क्षेत्र का है। शंकर नगर छावनी स्थित एक सूने मकान में चोरी की वारदात सामने आई थी। प्रार्थी पुरेंद्र कुमार साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पत्नी के इलाज के लिए रायपुर गए थे। वापस लौटने पर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात, चांदी के सिक्के और नगदी गायब मिले। मुखबिर की सूचना और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने खुर्सीपार निवासी कुलदीप सिंह उर्फ बी. कुलदीप और एस. विनय उर्फ बुल्लू को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों के पास से सोने की अंगूठी, टॉप्स, 9 चांदी के सिक्के, चांदी की बिछिया सहित कुल 1,83,500 रुपये की संपत्ति बरामद की गई। दोनों को 29 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। अन्य मामलों में भी बढ़ेगी कार्रवाई दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्ष के शेष बचे मामलों में भी आरोपियों की पतासाजी लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में कड़ियां जुड़ रही हैं, उनमें जल्द गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस वर्ष के अधिकांश पेंडिंग मामले सुलझा लिए गए हैं, और साल के अंतिम दो दिनों में भी अन्य मामलों में बड़ी कार्रवाई संभव है। दुर्ग पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए साफ संदेश है—चोरी और अपराध करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं।
घटिया सीसी रोड निर्माण ने उजागर की पंचायत से प्रशासन तक की कार्यप्रणाली
✍️ भागीरथी यादव विकास के नाम पर भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत का आरोप कोरबा/पाली। विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए विकासखंड पाली के अंतर्गत ग्राम पंचायत मादन से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मुख्य मार्ग से बस्ती की ओर बन रही सीसी रोड ग्रामीणों के लिए सुविधा बनने से पहले ही भ्रष्टाचार और लापरवाही की तस्वीर बनती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के शुरुआती चरण में ही सड़क की हालत देखकर इसके टिकाऊ होने पर संदेह गहराने लगा है। जिस सड़क से बरसात में राहत, सुगम आवागमन और गांव के विकास की उम्मीद थी, वही सड़क अब घटिया निर्माण की मिसाल बनकर पंचायत से लेकर प्रशासन तक की कार्यप्रणाली को उजागर कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। न तो सड़क की मोटाई का ध्यान रखा गया, न ही बेस तैयार करने और क्योरिंग जैसे अनिवार्य नियमों का पालन किया जा रहा है। मिलर मशीन से जल्दबाजी में कंक्रीट डालकर काम निपटाया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मानकों को दरकिनार कर हो रहा निर्माण स्थानीय लोगों के अनुसार सीमेंट, गिट्टी और रेत का अनुपात नियमों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा। ढलाई से पहले न तो मजबूत बेस बनाया गया और न ही बाद में उचित क्योरिंग की व्यवस्था की गई। नतीजा यह है कि सड़क की ऊपरी परत निर्माण के दौरान ही कमजोर दिखाई देने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ता जांच के बिना ही काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई है। मशीनों से काम, ग्रामीणों का रोजगार छीना ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जहां हाथ से काम कराकर स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिल सकता था, वहां मशीनों का इस्तेमाल कर दिया गया। मनरेगा और रोजगारपरक योजनाओं की भावना के विपरीत यह कार्यवाही ग्रामीण मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला है। लोगों का कहना है कि ऐसा विकास, जो रोजगार छीन ले, वह विकास नहीं बल्कि शोषण है। बनी नहीं सड़क, तोड़ने की तैयारी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क पूरी तरह बनने से पहले ही पाइपलाइन बिछाने के नाम पर कोर कटिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। यानी सड़क बनते ही उसे तोड़ने की योजना तैयार है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि योजना निर्माण और क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती गई है या फिर यह सब पहले से तय रणनीति का हिस्सा है। ग्रामीणों को आशंका है कि कुछ ही महीनों में यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाएगी और फिर मरम्मत के नाम पर दोबारा सरकारी राशि खर्च की जाएगी। शिकायतों के बावजूद प्रशासन मौन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में हो रही अनियमितताओं की शिकायतें कई बार संबंधित अधिकारियों से की गईं, लेकिन न तो काम रोका गया और न ही कोई जांच शुरू हुई। अधिकारियों की चुप्पी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला बड़े भ्रष्टाचार का उदाहरण बन जाएगा। ठेकेदार की राजनीतिक पहुंच की चर्चा ग्रामीणों के मुताबिक संबंधित ठेकेदार खुलेआम विधायक और मंत्री तक पहुंच होने की धौंस देता है। शिकायत करने पर ठेकेदार बेखौफ नजर आता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। बताया जा रहा है कि इससे पहले तेंदूपारा क्षेत्र में इसी ठेकेदार द्वारा बनाई गई सीसी रोड के उखड़ने की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सरपंच-सचिव की भूमिका संदेह के घेरे में निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी जिन सरपंच और सचिव पर है, उनके कार्यस्थल पर न पहुंचने के आरोप भी लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गुणवत्ता की बजाय कथित कमीशन को प्राथमिकता दी जा रही है, इसी कारण घटिया सामग्री और अधूरी क्योरिंग खुलेआम हो रही है। स्वतंत्र जांच और कार्रवाई की मांग ग्राम पंचायत मादन के ग्रामीणों ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण मानकों के अनुरूप दोबारा कराया जाए, ताकि आने वाले वर्षों तक गांव को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। ग्रामीणों की यह आवाज अब केवल एक गांव की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह उस व्यवस्था पर सीधा सवाल है, जो विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इस…
खैरागढ़ | मानपुर नाका से सनसनीखेज घटना
✍️ भागीरथी यादव शनिवार सुबह मानपुर नाका क्षेत्र उस समय दहशत में डूब गया, जब एक खेत में रखे पैरा (भूसा) के ढेर से धुआं उठता दिखाई दिया। आग की लपटें देखकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पैरा के भीतर एक वृद्ध का जला हुआ शव नजर आया। यह दृश्य देखते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिसके बाद पैरा के ढेर के बीच से शव निकाला गया। घटनास्थल पर मिली छड़ी और अन्य पहचान संबंधी तथ्यों के आधार पर मृतक की पहचान दुर्जनराम वर्मा (95 वर्ष), पिता स्व. धरसिया वर्मा, निवासी मानपुर नाका क्षेत्र के रूप में की गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्जनराम वर्मा अक्सर उसी खेत के आसपास रहते थे, जहां पैरा का ढेर रखा हुआ था। ऐसे में यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर आग कैसे लगी और वृद्ध पैरा के भीतर कैसे पहुंचे। यह हादसा था, लापरवाही या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश—इन तमाम बिंदुओं ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए हैं और हर संभावित एंगल से जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद मानपुर नाका और आसपास के गांवों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।
एनटीपीसी नहर के तीन नंबर गेट पर एक साल से कम उम्र के मासूम का शव मिलने से हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव कोरबा दर्री – कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र अंतर्गत एनटीपीसी नहर के तीन नंबर गेट के पास उस समय सनसनी फैल गई, जब नहर की सफाई के दौरान एक साल से कम उम्र के मासूम बच्चे का शव पानी में दिखाई दिया। सबसे पहले इस शव को सफाई कर्मी ने देखा, जिसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
एनटीपीसी नहर के तीन नंबर गेट पर एक साल से कम उम्र के मासूम का शव मिलने से हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र अंतर्गत एनटीपीसी नहर के तीन नंबर गेट के पास उस समय सनसनी फैल गई, जब नहर की सफाई के दौरान एक साल से कम उम्र के मासूम बच्चे का शव पानी में दिखाई दिया। सबसे पहले इस शव को सफाई कर्मी ने देखा, जिसके बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
₹200 नहीं देने पर ट्रक ड्राइवर पर चाकू से हमला, टोल प्लाजा पर दहशत — चार आरोपी गिरफ्तार, दो नाबालिग शामिल
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर कानून को खुली चुनौती देते नजर आए। धरसींवा थाना क्षेत्र अंतर्गत तरपोंगी टोल प्लाजा के पास मामूली ₹200 की मांग पूरी नहीं होने पर बदमाशों ने ट्रक ड्राइवर पर धारदार चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। घटना 27-28 दिसंबर की दरम्यानी रात करीब 3.30 बजे की है। टोल प्लाजा पर चाय पी रहे ट्रक चालक लवकुश तिवारी और उनके साथी चालक मनोज कोडावले से बाइक सवार चार युवकों ने जबरन पैसे की मांग की। जब दोनों चालकों ने रुपये देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अचानक धारदार चाकू निकालकर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और टोल क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही धरसींवा पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद विशेष टीम गठित कर सभी आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों में रियाज खान (18) और विकास साहू (18) शामिल हैं, जबकि दो आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोटरसाइकिलें और वारदात में प्रयुक्त एक धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और आम नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दिनदहाड़े अपहरण के बाद युवक की नृशंस हत्या, पांच आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव स्थानीय पार्षद की भूमिका की चर्चा से मामला और संवेदनशील जरहागांव थाना क्षेत्र में दो दिन पहले हुए सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इस जघन्य वारदात का कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। वहीं, घटना में एक आरोपी के स्थानीय पार्षद होने की चर्चाओं ने मामले को और भी गंभीर व संवेदनशील बना दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व दिनदहाड़े युवक का फिल्मी अंदाज में अपहरण किया गया था। चंद घंटों बाद ही उसे उसके घर के बाहर गंभीर रूप से घायल अवस्था में फेंक दिया गया। परिजन आनन-फानन में युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान पाए गए हैं, जिससे उसके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने की पुष्टि होती है। पुलिस ने तत्काल शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मामले की विवेचना शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद ली। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि इस पूरे घटनाक्रम की साजिश पहले से रची गई थी, जिसमें गिरफ्तार आरोपियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और पूरे मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा। वहीं, कुछ अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इधर, मृतक के परिजनों ने दो दिन बाद भी न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
ड्रोन की नजर से टूटा जुए का अड्डा: रायपुर के फार्म हाउस में छापा, 16 जुआरी गिरफ्तार, 31 लाख की संपत्ति जब्त
✍️ भागीरथी यादव रायपुर शहर में अवैध जुआ और पार्टी संस्कृति पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना मुजगहन पुलिस की संयुक्त टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक फार्म हाउस में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और ताशपत्ती सहित करीब 31 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि थाना मुजगहन क्षेत्र अंतर्गत स्थित “हंसी खुशी फार्म हाउस” में अवैध गतिविधियों की आड़ में ताशपत्ती से जुआ खेला जा रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरे से निगरानी की, जिसमें साफ तौर पर फार्म हाउस के भीतर रुपये-पैसे की हार-जीत का दांव लगाते लोग दिखाई दिए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और मुजगहन पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से फार्म हाउस पर दबिश दी। रेड के दौरान मौके से कुल 16 आरोपियों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश साहू, नागेंद्र कुमार वर्मा, गोविंद कुमार, इशू देव वर्मा, देवेंद्र यादव, प्रेमशंकर धीवर, नारायण ढीमर, कैलाश चतुर्वेदी, कृष्णा गेंदरे, राजेंद्र कुमार साहू, सुरेंद्र कुमार, डोमन निषाद, नेतराम साहू, सौरभ राजपूत, गुरुप्रीत सिंह और सूरज साहू शामिल हैं। सभी आरोपी रायपुर और दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2,12,600 नगद, 02 चारपहिया वाहन, 08 दोपहिया वाहन, 17 मोबाइल फोन और ताशपत्ती जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹31 लाख आंकी गई है। इस मामले में थाना मुजगहन में सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। वहीं, जिस फार्म हाउस में जुआ खेला जा रहा था, उसके मालिक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। आउटर इलाकों में स्थित फार्म हाउसों, ढाबों और रिसॉर्ट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।















