गोरखपुर में शादीशुदा प्रेमिका की गला रेतकर हत्या—वीडियो फुटेज और कॉल डिटेल्स ने खोला क़त्ल का राज

✍️ भागीरथी यादव   गोरखपुर। जिले में 23 नवंबर को सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने सभी को हैरान कर दिया। जंगल रसूलपुर गांव में अपनी चचेरी बहन की शादी में आई शादीशुदा युवती शिवानी का शव उसके मायके के बाथरूम में मिला था। गले पर गहरे कटाव और संघर्ष के निशान साफ़ बता रहे थे कि मौत बेहद दर्दनाक रही होगी।   अब पुलिस ने इस क्रूरतम हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रेमी विनय निशाद उर्फ दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया सच बेहद चौंकाने वाला है—विनय ने स्वीकार किया कि शिवानी उसके साथ रहने की जिद कर रही थी, इसी डर और दबाव में उसने उसकी हत्या कर दी। — कैसे परत-दर-परत खुला मर्डर का राज 1. शादी के वीडियो में पहला सुराग तफ्तीश के दौरान पुलिस ने शादी की रिकॉर्डिंग दोबारा देखी। रात लगभग 10 बजे जयमाला के समय फुटेज में विनय, शिवानी के पास दिखाई देता है। इसके बाद दोनों अचानक शादी की भीड़ से गायब हो जाते हैं। यहीं से पुलिस को पहला शक हुआ। 2. कॉल डिटेल ने खोली चैटिंग की रात कॉल रिकॉर्ड चेक किए गए तो पता चला कि विनय और शिवानी देर रात तक लगातार बात कर रहे थे। यह बात पुलिस की आशंका को और मजबूत कर गई। 3. डॉग स्क्वॉड सीधे आरोपी के घर तक पहुंचा डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस घटनास्थल से निकला सुराग पकड़ते हुए सीधे विनय के घर तक पहुंच गई। इससे जांच टीम का शक लगभग पुख्ता हो गया। 4. हत्या का हथियार—हंसिया बरामद कड़ाई से पूछताछ पर विनय टूट गया और कबूल किया कि उसने शिवानी का गला हंसिया से काटा। बाद में पुलिस ने वह हंसिया भी आरोपी के बताए स्थान से बरामद कर लिया। — आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा पहले विनय ने भावनात्मक कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की— “मैं शिवानी से बेइंतहा प्यार करता हूँ, उसे नुकसान पहुंचाने का सवाल ही नहीं उठता।” लेकिन जब जांच टीम ने सबूतों के साथ उसे घेरा तो वह ढह गया। उसने बताया— “वह शादी के बाद भी मेरे साथ रहने की जिद कर रही थी… इसी दबाव में मैंने उसे मार डाला।” रात करीब 2 बजे, लगातार बातचीत के बाद, उसने बाथरूम में शिवानी का गला रेतकर हत्या कर दी। — जांच जारी, और सुरागों की तलाश पुलिस अब शादी स्थल, फोन लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्डिंग और घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि चार्जशीट में कई और तकनीकी साक्ष्य शामिल किए जाएंगे। — गोरखपुर का यह मामला न सिर्फ प्रेम संबंधों में टूटन और आपसी तनाव का भयावह रूप दिखाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अपराध कितना भी चालाकी से किया जाए—सच आख़िरकार सामने आ ही जाता है।

रायपुर कमिश्नर ने सिमगा में लिया एसआईआर कार्य का आकस्मिक निरीक्षण — डाटा डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश

✍️ भागीरथी यादव   सिमगा। रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे मंगलवार देर शाम अचानक सिमगा पहुंचे और एसआईआर (SIR) कार्य की प्रगति का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सिमगा में बनाए गए डाटा एंट्री एवं डिजिटाइजेशन सेंटर का विस्तृत अवलोकन किया। यहाँ गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन और अपलोडिंग की गति को देखते हुए कमिश्नर ने संबंधित बीएलओ और ऑपरेटरों को कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।   रियल टाइम परफॉर्मेंस की खुद ली परीक्षा   निरीक्षण के दौरान कमिश्नर कावरे ने ऑपरेटरों के कार्य की वास्तविक गति और सटीकता का आकलन करने के लिए टाइमर लगाकर अपने समक्ष ही गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन करवाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक गणना पत्रक में पूरी और सही जानकारी दर्ज की जाए, अपलोडिंग कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या देरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटाइजेशन के साथ-साथ गणना पत्रकों का संकलन भी समानांतर रूप से किया जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कार्य सुचारू रूप से पूर्ण किया जा सके।   अधिकारियों की उपस्थिति में हुई विस्तृत समीक्षा   निरीक्षण के दौरान एसडीएम अतुल शेट्टे, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर कार्य में पारदर्शिता और गति दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कमिश्नर कावरे के इस औचक निरीक्षण ने क्षेत्र में चल रहे एसआईआर कार्य को नई गति और दिशा प्रदान की है।

महाराष्ट्र बॉर्डर से आए मरीज की जान बचाकर बिलासपुर के डॉक्टरों ने किया कमाल—हार्ट के अंदर धँसी गोली निकाल रचा इतिहास

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट ने एक अत्यंत जोखिमपूर्ण और दुर्लभ ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में नई उपलब्धि दर्ज की है। हार्ट सर्जरी विभाग के डॉ. कृष्णकांत साहू और उनकी टीम ने 40 वर्षीय मरीज के हृदय के अंदर धँसी गोली निकालकर उसकी जान बचाई। यह केस इतना जटिल था कि ऑपरेशन टेबल पर मौत की आशंका (D.O.T.) लगभग निश्चित मानी जा रही थी।   पीठ से छाती, फेफड़े चीरते हुए गोली पहुँची दिल तक   महाराष्ट्र बॉर्डर क्षेत्र का रहने वाला घायल युवक गंभीर अवस्था में अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में लाया गया। भर्ती के समय उसका ब्लड प्रेशर मात्र 70/40 mmHg था। सीटी स्कैन में खुलासा हुआ कि गोली पीठ से प्रवेश कर पसलियों और फेफड़ों को चीरते हुए सीधे हार्ट के राइट वेंट्रिकल (Right Ventricle) में धँस गई थी। गोली से हृदय में बने छेद के कारण खून हार्ट के चारों ओर जमा होकर अत्यधिक दबाव पैदा कर रहा था, जिसे कार्डियक टैम्पोनेड कहते हैं। इस स्थिति में कुछ ही मिनटों की देरी मरीज की जान ले सकती थी।   तुरंत ओपन हार्ट सर्जरी का फैसला—परिजनों से हाई रिस्क कन्सेंट   स्थिति का आकलन करते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ओपन हार्ट सर्जरी का निर्णय लिया। हाई रिस्क और “डेथ ऑन टेबल” कन्सेंट लेकर मरीज को कार्डियक ओटी में शिफ्ट किया गया, क्योंकि सीटी स्कैन से स्पष्ट था कि गोली हृदय के चैम्बर के भीतर फंसी हुई है।   हार्ट-लंग मशीन के सहारे रुकी दिल की धड़कन—राइट एट्रियम चीरा टीम ने हार्ट-लंग मशीन की मदद से दिल की धड़कन को अस्थायी रूप से रोका। इसके बाद राइट एट्रियम को चीरा, ट्राइकस्पिड वाल्व को पार किया,   और राइट वेंट्रिकल के भीतर धँसी 8mm x 4mm की गोली को खोजकर बाहर निकाला। गोली का पता लगाना हुआ सबसे बड़ी चुनौती टीईई (Transesophageal Echocardiography) से भी गोली की सही स्थिति नहीं मिल पाई। ऐसे में मूवेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन इस सर्जरी में वरदान साबित हुई। कई बार एक्स-रे लेने के बाद ही हृदय की मांसपेशियों में धँसी गोली को सटीक स्थान पर पहचाना जा सका। डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार यह वायरलेस डिजिटल एक्स-रे सिस्टम ऑपरेशन में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि यह कैमरे की तरह तुरंत स्क्रीन पर तस्वीर उपलब्ध करा देता है। चार घंटे चली जटिल सर्जरी—7 यूनिट ब्लड की जरूरत इस बहुचर्चित ऑपरेशन में लगभग 4 घंटे लगे और 7 यूनिट रक्त का इस्तेमाल किया गया। फेफड़े के छेद, पल्मोनरी आर्टरी और हार्ट की मरम्मत सटीकता से की गई। मरीज की स्थिति स्थिर—जल्द होगा डिस्चार्ज   सर्जरी सफल होने के बाद मरीज की हालत लगातार सुधर रही है और चिकित्सकों के अनुसार उसे एक-दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र को राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का निरीक्षण, दिए विकास और नवाचार को गति देने के निर्देश

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री सोनमणि बोरा ने आज क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का दौरा कर विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में “पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत अमलतास के पौधे का रोपण किया। इस मौके पर विज्ञान केंद्र के प्रबंध महानिदेशक श्री प्रशांत कवीश्वर एवं उप सचिव श्रीमती अंकिता गर्ग ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।   विज्ञान पार्क में सुधार के निर्देश   प्रमुख सचिव ने विज्ञान पार्क का अवलोकन करते हुए रंगाई-पुताई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र को दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए और अधिक सुगम्य बनाने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ संसाधन जोन, अस्थायी प्रदर्शन कक्ष, मापन दीर्घा एवं थ्री-डी थियेटर का अवलोकन किया। साथ ही नाविक को जीपीएस प्रणाली से जोड़ने और गाइडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए।   थ्री-डी में देखी अंतरिक्ष यात्रा   थ्री-डी थियेटर में प्रमुख सचिव ने मनुष्य की अंतरिक्ष यात्रा पर आधारित प्रस्तुति का अवलोकन किया और कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने थ्री-डी ग्लासेस की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा थियेटर को और आकर्षक और उपयोगी बनाने पर बल दिया।   स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर   समीक्षा बैठक में श्री बोरा ने थ्री-डी प्लेनेटोरियम डोम की संख्या बढ़ाने तथा इसे जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से स्कूल-आश्रमों में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र के सभी जोन एवं कार्यक्रमों में गोंडी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी जैसी स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे भी विज्ञान से जुड़ सकें।   सोशल मीडिया के माध्यम से विज्ञान प्रसार का निर्देश   प्रमुख सचिव ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबिनार, टेक टॉक और अन्य डिजिटल कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उन्होंने आगामी वर्षों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। विज्ञान दूत कार्यक्रम को मिलेगी नई गति   राज्य में विज्ञान के प्रसार के लिए 100 से अधिक जिला समन्वयक और 1000 से अधिक स्वयंसेवक विज्ञान दूत तैयार किए जाएंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को विज्ञान दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।   द्वितीय फेज विस्तार और सुरक्षा मानकों पर फोकस   प्रमुख सचिव ने विज्ञान केंद्र के द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। केंद्र की पुनर्व्यवस्था, फायर सेफ्टी ऑडिट, विद्युत उपकरणों की जांच और किसी भी खराब उपकरण की 24 घंटे के अंदर मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सैटेलाइट डेटा के माध्यम से भूमि अनुप्रयोग जांच कार्य को गति शक्ति योजना से जोड़कर आंकलन करने के निर्देश भी दिए।   बैठक में वैज्ञानिक डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, डॉ. अमित राम सहित विज्ञान केंद्र के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिले में अवैध धान पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई 5 ठिकानों पर छापेमारी, 7.44 लाख का धान जब्त – प्रशासन का सख्त संदेश

बिलासपुर। जिले में अवैध धान संग्रहण और तस्करी पर नकेल कसने जिला प्रशासन ने जोरदार कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर मंगलवार को प्रशासनिक अमले ने एक के बाद एक दबिश देकर कुल 240 क्विंटल अवैध धान जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 7.44 लाख रुपये आंकी गई है। यह छापेमारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान हो रही अनियमितताओं को थामने की दिशा में एक प्रभावशाली और निर्णायक कदम मानी जा रही है।   जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की टीम ने मिलकर की, जिसमें जिले के पाँच अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण, बिना अनुमति की खरीद-फरोख्त तथा संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। — जानिए कहाँ से कितना अवैध धान मिला   बिल्हा – रूपचंद किराना स्टोर्स: 113 बोरी (लगभग 45 क्विंटल) ग्राम बरतोरी – ओम ट्रेडर्स: 188 बोरी (लगभग 75 क्विंटल) कोटा – गुप्ता ट्रेडर्स: 110 बोरी (लगभग 44 क्विंटल) रतनपुर – गंगाराम दुकान: 77 बोरी (लगभग 30 क्विंटल) रानीगांव – दुर्गा ट्रेडर्स: 115 बोरी (लगभग 46 क्विंटल) — अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक ऐसे संगठित नेटवर्क पर चोट है, जो किसानों से समर्थन मूल्य से पहले अवैध रूप से धान खरीदकर जमाखोरी कर भारी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहा था। कई स्थानों पर जब्त किए गए स्टॉक के दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अब तक जिले में कुल 20 लाख रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया जा चुका है, जो अभियान की गंभीरता और प्रभावशीलता दोनों को दर्शाता है। जिला प्रशासन का संदेश साफ है— “अवैध धान व्यापार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं… कानून तोड़ने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई।”  

न्यायधानी बिलासपुर में चमकेगी कराते की प्रतिभा स्टेट कराते चैंपियनशिप 2025 के लिए तैयार हुआ मंच, पोस्टर का भव्य अनावरण

  बिलासपुर। खेलों की उभरती नगरी न्यायधानी बिलासपुर एक बार फिर एक बड़े राज्यस्तरीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। स्टेट कराते चैंपियनशिप 2025 का भव्य आयोजन आगामी 27 एवं 28 दिसंबर को डी.पी. विप्र महाविद्यालय के विशाल परिसर में होने जा रहा है। उत्साह और जोश से भरी तैयारियों के बीच मंगलवार को प्रतियोगिता का आधिकारिक पोस्टर अनावरण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई।   पोस्टर अनावरण के अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या अंजू शुक्ला ने आयोजन को बिलासपुर के लिए गौरव का क्षण बताया। इस मौके पर एम.एस. तांबोली, डॉ. अजय यादव, डॉ. निधीश चौबे, डॉ. राम, डॉ. आशीष शर्मा, सृष्टि कांसकर, विकास सिंह, अरुण नथानी, राज वर्मा एवं संजुक्ता दास उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से पोस्टर का विमोचन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।   कराते एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष सुशील चंद्रा एवं महासचिव अविनाश सेठी ने बताया कि राज्यभर—बस्तर, कोरबा, रायगढ़, रायपुर, महासमुंद, जांजगीर और बिलासपुर समेत सभी जिलों से बड़ी संख्या में खिलाड़ी इस आयोजन में भाग लेने पहुंचेंगे। यह चैंपियनशिप युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी रास्ता खोलकर तैयार करेगी।   इस आयोजन को लेकर कराते एसोसिएशन ऑफ बिलासपुर और जिला खेल विभाग पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। खिलाड़ियों के ठहराव, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और मैदान की तैयारियों का निरीक्षण किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, विभिन्न आयु वर्गों में काता और कुमिते के कई रोमांचक मुकाबले आयोजित होंगे।   कराते एसोसिएशन ऑफ बिलासपुर के महासचिव प्रतीक सोनी ने कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों को अवसर देते हैं, बल्कि जिले की खेल संस्कृति को नई पहचान भी दिलाते हैं। उन्होंने बताया कि दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएँ की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के साक्षी बन सकें।   लगातार बैठकों और तैयारियों के बीच आयोजन समिति का दावा है कि यह चैंपियनशिप बिलासपुर के खेल इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ने जा रही है।

गुमशुदा नाबालिग की तलाश में परिजनों की व्याकुल गुहार, 11 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

  बिलासपुर से दर्द भरी अपील…   बिलासपुर। पुराना पावर हाउस चौक में रहने वाले महेश कुमार नायक का परिवार इन दिनों भारी चिंता और बेचैनी में है। उनके 17 वर्षीय पुत्र विनय कुमार नायक के लापता हुए आज 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका कोई अता-पता नहीं चल सका है। हर बीतता दिन परिवार की उम्मीदों को कम और चिंता को बढ़ा रहा है। परिजनों के अनुसार, 15 नवंबर 2025 की सुबह करीब 9:30 बजे विनय घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटा। लगातार खोजबीन, मोहल्लेवासियों से पूछताछ और रिश्तेदारों से संपर्क के बावजूद विनय का कोई सुराग नहीं मिला।   अगले ही दिन 16 नवंबर 2025 को परिजनों ने तोरवा थाना, बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसका एफआईआर नंबर 0518 है। लेकिन शिकायत दर्ज हुए 11 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस हाथ खाली है। परिवार का कहना है कि नाबालिग होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई धीमी है, जिससे उनकी चिंता और भी बढ़ती जा रही है।   विनय के पिता महेश नायक की आवाज में अब थकान के साथ बेबसी भी साफ झलकती है। वह कहते हैं— “हमने हर जगह खोजा… स्कूल, दोस्तों के घर, रिश्तेदारों के यहां… लेकिन कहीं भी हमारा बेटा नहीं मिला। समझ नहीं आ रहा कि वह कहां होगा, कैसी हालत में होगा। बस एक बार उसे सुरक्षित देख लें… यही दुआ है।”   परिजनों को आशंका है कि विनय किसी परेशानी में हो सकता है। इतने दिनों तक कोई संपर्क न होना उन्हें भीतर तक तोड़ रहा है। परिवार ने प्रशासन और पुलिस से विशेष टीम बनाकर तेजी से खोजबीन करने की मांग की है, ताकि उनके बेटे को सुरक्षित वापस लाया जा सके।   साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी विनय के बारे में किसी भी तरह की जानकारी मिलते ही तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या परिवार को सूचित करने की अपील की है। — आवेदक: महेश कुमार नायक पता : पुराना पावर हाउस चौक, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)  

तुलसी ग्राम पंचायत में अवैध कब्जा हटाने व 28 दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव पारित, मंत्री व जनपद से कोई संबंध नहीं

तिल्दा।तिल्दा के समीपस्थ ग्राम पंचायत तुलसी में ग्राम क्षेत्र में बढ़ते अवैध कब्जों को रोकने एवं ग्राम पंचायत की आय के स्थायी साधन विकसित करने को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। सरपंच व पंचों की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तिल्दा-खरोरा मुख्य मार्ग पर स्थित पुराने सिंचाई कॉलोनी के सामने 28 दुकानों के निर्माण का फैसला लिया गया है।ग्राम पंचायत सूत्रों के अनुसार, उक्त स्थान पर लंबे समय से बाहरी लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा था, जिससे पंचायत की जमीन पर अतिक्रमण बढ़ता जा रहा था। इसे रोकने तथा पंचायत के राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया।बताया गया कि तिल्दा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित कुछ व्यापारियों की दुकानें टूटने वाली हैं, जिसके चलते संबंधित व्यापारियों ने ग्राम पंचायत तुलसी में दुकानों के लिए आवेदन प्रस्तुत किए थे। पंचायत ने सभी पहलुओं पर विचार विमर्श के बाद 28 दुकानों के निर्माण का निर्णय लिया।इस पूरे मामले में कुछ लोगों द्वारा जनपद पंचायत एवं मंत्री का नाम जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा था, जिसे सरपंच और ग्राम पंचायत ने सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं है। वहीं जनपद पंचायत ने भी साफ किया कि यह निर्णय पूरी तरह से तुलसी ग्राम पंचायत का है और पंचायत अपने अधिकार क्षेत्र में निर्णय लेने के लिए सक्षम है।इस संबंध में ग्राम पंचायत तुलसी के सरपंच गुलाब आडील ने बताया कि प्रस्तावित स्थल पर पूर्व में 5 से 6 दुकानें संचालित हो रही थीं, जिन्हें नोटिस जारी कर हटाने के निर्देश दिए गए थे, क्योंकि वहां लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा था। इसके बावजूद अतिक्रमण धारी पुनः कब्जा कर रहे हैं।उन्होंने आगे बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना स्तर पर लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से पंचायत को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।सरपंच ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने एवं स्थानीय व्यापार को स्थायित्व देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पंचायत द्वारा यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है और किसी भी बाहरी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप की इसमें कोई भूमिका नहीं है।ग्राम पंचायत प्रशासन का कहना है कि जल्द ही प्रशासनिक सहयोग से अतिक्रमण हटाकर दुकानों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, ताकि पंचायत को नियमित आय प्राप्त हो सके और प्रभावित व्यापारियों को भी राहत मिल सके।

ग़रीब परिवार से आने वाले युवक ने कंपनी पर वेतन हड़पने का लगाया आरोप, क्षेत्रीय अपर आयुक्त से न्याय की गुहार

✍️ भागीरथी यादव    ग़रीब युवक का वेतन हड़पने का गंभीर आरोप, NTPC विभाग से मिला आश्वासन भी बेअसर—ठेकेदार ने अकाउंट से वापस ले लिए 2,36,629 रुपये   बिलासपुर/रायगढ़। कोरबा दर्री – ग़रीब परिवार से आने वाले और बड़ी मुश्किलों से घर का खर्च चलाने वाले युवक निशांत सिंह ने ग्रीनएजर्स एनवायर सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज कंपनी पर वेतन न देने के साथ-साथ भारी आर्थिक शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। लगातार वेतन न मिलने और भुगतान में मनमानी के बाद निशांत सिंह ने क्षेत्रीय अपर आयुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। — काम किया, लेकिन वेतन नहीं मिला — उल्टा पैसे वापस ले लिए गए निशांत सिंह नवंबर 2023 से कंपनी के 150 KLD STP BASED ON MBER TECHNOLOGY AT CISF COLONY, NTPC कोरबा प्रोजेक्ट में साइट ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। निशांत का परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, और वेतन रोक दिए जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। — ठेकेदार ने अकाउंट में आए वेतन से भी पैसे वापस ले लिए — कुल 2,36,629 रुपये की कटौती निशांत ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के ठेकेदार ने उसके बैंक अकाउंट में आए वेतन में से कई बार पैसे वापस ले लिए। इन कटौतियों की कुल राशि ₹2,36,629 है, जो उसके लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है। निशांत के अनुसार—   > “मेहनत करने के बाद भी पूरा वेतन नहीं मिला। उल्टा मेरे खाते से बार-बार पैसे वापस ले लिए गए। यह खुली धोखाधड़ी है।” निशांत ने इसके प्रमाण के तौर पर बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन विवरण भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं। — NTPC के डीजीएम से फोन पर बात — कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद   वेतन न मिलने पर निशांत ने NTPC O&M सिविल विभाग के डीजीएम सुजीत कुमार से फोन पर बात की थी। फोन वार्ता के दौरान डीजीएम ने सहानुभूति जताते हुए कहा था कि— > “अक्टूबर का वेतन दिला दिया जाएगा।” लेकिन अब तक निशांत को एक भी महीने का पूरा वेतन नहीं मिला। निशांत के पास इस बातचीत का कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद है, जिससे उसका दावा और मजबूत होता है। — कंपनी पर लगातार धोखाधड़ी का आरोप निशांत का कहना है कि कंपनी के अधिकारी झूठे बहाने बनाकर भुगतान टालते रहे। उसने UPI रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, चैट और कॉल रिकॉर्ड को प्रमाण के रूप में पेश किया है। —  

भारत-नेपाल सीमा पर हड़कंप: बहराइच में संवेदनशील इलाकों की वीडियो बनाते हुए चीनी नागरिक गिरफ्तार, पाकिस्तान यात्रा का भी खुलासा

✍️ भागीरथी यादव   उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा स्थित रूपैडिहा चेकपोस्ट पर सोमवार को बड़ा सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक 49 वर्षीय चीनी नागरिक को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसकर संवेदनशील इलाकों की वीडियो बना रहा था।   गिरफ्तार शख्स की पहचान चीन के हुनान प्रांत निवासी लियू कुंजिंग के रूप में हुई है। उसके पास भारत में प्रवेश के कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। तलाशी में पाकिस्तान, चीन और नेपाल की मुद्रा, तीन मोबाइल फोन और नेपाल का नक्शा बरामद हुआ। एक फोन में भारतीय सीमा क्षेत्र के कई संवेदनशील स्थलों के वीडियो भी मिले। सीमा पर संदिग्ध हरकतें देख SSB हुई अलर्ट   SSB की 42वीं वाहिनी के सेनानायक गंगा सिंह उदावत के मुताबिक, सीमा पर उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी। वह लगातार भारतीय सीमा के अंदर आते-जाते हुए वीडियो बना रहा था। तुरंत कार्रवाई करते हुए जवानों ने उसे हिरासत में ले लिया। भाषा नहीं, नक्शा अंग्रेजी में – सुरक्षा एजेंसियों की शंका गहरी   पूछताछ में लियू कुंजिंग ने इशारों में बताया कि उसे हिंदी और अंग्रेजी नहीं आती, लेकिन उसके पास से मिला नक्शा पूरी तरह अंग्रेजी में था। इससे उसकी गतिविधियां और संदिग्ध लगने लगीं। दुभाषिए की मदद से पूछताछ, पाकिस्तान यात्रा का खुलासा   सुरक्षा एजेंसियों ने दुभाषिए की सहायता से पूछताछ की, जिसमें बड़ा खुलासा हुआ। कुंजिंग ने स्वीकार किया कि वह पहले पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है, और यह यात्रा उसने वैध वीजा पर की थी। लेकिन भारत में वह बिना किसी दस्तावेज के घुस आया। विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज, जांच तेज   इसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानते हुए पुलिस ने रूपैडिहा थाने में विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां उसके भारत आने के मकसद, पाकिस्तान कनेक्शन और बरामद वीडियो की जांच कर रही हैं। सीमा पर विदेशी नागरिक की इस तरह की संदिग्ध घुसपैठ ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मामले की जांच कई एजेंसियां मिलकर कर रही हैं और कुछ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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