अटल जी के नाम पर आयोजन या प्रशासनिक औपचारिकता

✍️ भागीरथी यादव   मनेन्द्रगढ़ में अटल परिसर लोकार्पण बना विवाद की वजह, उपाध्यक्ष ने CMO पर लगाए गंभीर आरोप एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से जुड़े अटल परिसर के वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका प्रशासन विवादों में घिर गया है। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा की गैरमौजूदगी और अव्यवस्थित आयोजन ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र पटवा ने सीधे तौर पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) पर मनमानी, लापरवाही और पारदर्शिता के अभाव के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी जैसे युगद्रष्टा नेता के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में जिस गरिमा, गंभीरता और समन्वय की अपेक्षा थी, वह पूरी तरह नदारद रही। पटवा का आरोप है कि लोकार्पण कार्यक्रम का न तो समुचित प्रचार-प्रसार किया गया और न ही नगर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, पत्रकारों और आम नागरिकों को समय रहते सूचना दी गई। यहां तक कि वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ने के लिए आवश्यक लिंक अथवा कोड भी कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे वे चाहकर भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए कहा कि इस अव्यवस्था से न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान हुआ है, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्व के नाम से जुड़े आयोजन की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अटल परिसर का लोकार्पण कोई सामान्य औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह नगरवासियों की भावनाओं से जुड़ा एक ऐतिहासिक अवसर था। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी, लेकिन समन्वयहीन कार्यप्रणाली के कारण यह अवसर विवाद में तब्दील हो गया। धर्मेन्द्र पटवा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह के महत्वपूर्ण आयोजनों में सभी जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर पारदर्शी और समावेशी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, ताकि ऐसी चूक दोबारा न हो। समाचार लिखे जाने तक इस पूरे मामले पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और भविष्य में ऐसी प्रशासनिक चूकों से बचने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

**‘दृश्यम’ स्टाइल मर्डर का पर्दाफाश

✍️ भागीरथी यादव  पत्नी और तीन साल के बेटे की हत्या का मास्टरमाइंड निकला पति, 28 दिन बाद नदी से मिला शव** कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिरपुर में महिला भगवती सेठिया और उसके तीन साल के मासूम बेटे वात्सल्य की रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला अब एक पूर्व नियोजित दोहरे हत्याकांड में बदल गया है। इस जघन्य वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति रोहित सेठिया ही निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या को छुपाने के लिए आरोपी ने फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर साजिश रची, ताकि शव कभी बरामद न हो सके। हालांकि, अपराधी कितनी भी चालाकी कर ले, कानून से बच नहीं पाया। 28 दिन बाद नदी से मिला शव, मासूम अब भी लापता 22 नवंबर 2025 को भगवती सेठिया अपने बेटे के साथ अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा संपर्क करने पर मोबाइल बंद मिला। लगातार तलाश के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला, तब 6 दिसंबर को मृतिका के भाई आमदेव महावीर ने फरसगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। लगातार 28 दिनों की गहन जांच के बाद 23 दिसंबर को ओडिशा के नवरंगपुर जिले के कुसुमगुड़ा थाना क्षेत्र में इंद्रावती नदी से महिला का शव बरामद किया गया, जिसकी पहचान भगवती सेठिया के रूप में हुई। वहीं, तीन साल के मासूम बेटे का शव अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे मामला और भी संवेदनशील बना हुआ है। प्रेम संबंध बना हत्या की वजह पुलिस के अनुसार, आरोपी रोहित सेठिया का पिछले छह वर्षों से बसंती प्रधान नामक युवती के साथ प्रेम संबंध था। वह उसी से शादी करना चाहता था। प्रेमिका के दबाव में रोहित ने पत्नी और बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची और करीब चार महीने पहले ही हत्या की योजना तैयार कर ली थी। घूमाने के बहाने ले गया, सुनसान जगह पर उतारा मौत फरसगांव एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा किया कि 22 नवंबर को रोहित पत्नी और बच्चे को विशाखापट्टनम घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला। उसके साथ उसके दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे भी थे। ओडिशा पहुंचने के बाद सुनसान इलाके में भगवती की निर्मम हत्या कर शव को पत्थरों से बांधकर इंद्रावती नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद मासूम बेटे की भी हत्या कर उसका शव तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ आरोपी घटना के बाद मुख्य आरोपी रोहित लगातार लोकेशन बदल-बदलकर अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा ने तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया। एडिशनल एसपी कौशलेंद्र देव पटेल और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्य और साइबर इनपुट के आधार पर पुलिस ने पहले 13 दिसंबर को मिथलेश मरकाम को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नरेश पांडे और मुख्य आरोपी रोहित सेठिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया। साजिश में पूरा परिवार और प्रेमिका शामिल पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोहित सेठिया, दोस्त मिथलेश मरकाम और नरेश पांडे, आरोपी के पिता रामचंद सेठिया, मां उर्मिला सेठिया, मामा प्रभु पांडे, और प्रेमिका बसंती प्रधान समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

**छठी कार्यक्रम में जा रही महिला से छेड़खानी, लूट और मारपीट

✍️ भागीरथी यादव रामानुजगंज में सनसनी, तीन आरोपी गिरफ्तार** रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज अंतर्गत थाना सनावल क्षेत्र से महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। छठी कार्यक्रम में शामिल होने जा रही एक महिला और उसके साथियों के साथ छेड़खानी, मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। छठी कार्यक्रम में जा रहे लोगों को रास्ते में रोका पीड़िता ने थाना सनावल में दर्ज शिकायत में बताया कि 23 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने साथियों—रंजू सिंह, शुभम सिंह, सूरज सिंह, रोशनी सिंह, श्यामदेव सिंह, गौरीशंकर सिंह और चालक—के साथ ग्राम त्रिशूली में सत्यनारायण सिंह के यहां आयोजित छठी कार्यक्रम में जा रही थी। इसी दौरान ग्राम मदरू टोला के पास मोटरसाइकिल से आए आरोपियों ने उनके वाहन को रोकने का प्रयास किया। जब वाहन नहीं रुका, तो आरोपियों ने पीछा कर जबरन गाड़ी रुकवाई। चालक से मारपीट, महिला से छेड़खानी और लूट आरोप है कि वाहन रुकते ही आरोपियों ने चालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान रंजू सिंह के गले से सोने की चेन छीन ली गई और पीड़िता के साथ छेड़खानी की गई। राहगीरों को भी नहीं छोड़ा घटना यहीं नहीं रुकी। मौके से गुजर रहे नीरज सिंह और उज्जवल को भी रोककर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और वाहन में तोड़फोड़ की। बाद में मौके पर पहुंचे अशोक सिंह और सूर्यप्रताप सिंह के साथ भी लाठी-डंडे और घूंसे से हमला किया गया। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सभी को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही थाना सनावल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गवाहों के बयान और पूछताछ के आधार पर कृष्णा यादव, रवि यादव और दिनेश यादव को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। हथियार बरामद, चेन झूमाझटकी में गिरने की बात पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बांस का डंडा बरामद किया है। वहीं सोने की चेन को लेकर आरोपियों ने बताया कि झूमाझटकी के दौरान वह गिर गई थी। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी तीनों आरोपी थाना सनावल क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है। 👉 यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सार्वजनिक रास्तों पर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई कितनी जरूरी है।

ठंडी भजिया बनी मौत की वजह! रायपुर में शराब के नशे ने छीनी दोस्त की जान, LIVE VIDEO ने मचाया हड़कंप

  रायपुर। राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र से दोस्ती को कलंकित कर देने वाली एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। मामूली-सी बात पर हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने अपने ही दोस्त की जान ले ली। इस खौफनाक घटना का LIVE VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। घटना 23 और 24 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात की है। कचना स्थित साहू दूध डेयरी में काम करने वाले सनी साहू और दुर्गेश सतनामी आपस में गहरे दोस्त थे और उसी डेयरी परिसर में साथ रहते थे। रात के समय दोनों पहले से शराब के नशे में थे और दोबारा शराब पी रहे थे। लाइव वीडियो इसी दौरान दुर्गेश खाने के लिए भजिया लेकर आया। भजिया ठंडी होने की मामूली बात पर सनी साहू ने विवाद शुरू कर दिया। नशे और गुस्से में बहस इतनी बढ़ गई कि सनी साहू ने पास पड़ी लोहे की रॉड उठाकर दुर्गेश के सिर पर जानलेवा वार कर दिया। गंभीर चोट लगते ही दुर्गेश मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। अस्पताल में टूटा आरोपी, लेकिन तब तक हो चुकी थी मौत घटना के बाद आरोपी खुद घायल दोस्त को लेकर मेकाहारा अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दुर्गेश को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी अस्पताल परिसर में शव के पास बैठकर फूट-फूटकर रोता रहा और अपने किए पर पछतावा जताता रहा। इस पूरी वारदात का LIVE VIDEO सामने आने के बाद मामला और भी सनसनीखेज हो गया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में खम्हारडीह थाना पुलिस और एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सनी साहू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड भी जब्त कर ली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया चल रही है। मृतक-आरोपी का परिचय आरोपी: सनी साहू (22 वर्ष), पिता – राजेश साहू, निवासी – दुर्गा चौक, शनि मंदिर के पास, थाना खम्हारडीह मृतक: दुर्गेश सतनामी (40 वर्ष), पिता – मोहन सतनामी, निवासी – कचना क्षेत्र, थाना खम्हारडीह शराब और गुस्से ने मिटा दी दोस्ती पुलिस के अनुसार दोनों युवक अच्छे दोस्त थे और साथ काम करते थे। लेकिन शराब के नशे और क्षणिक गुस्से ने दोस्ती को खून में बदल दिया। पुलिस अब वायरल LIVE VIDEO की सत्यता और उसके स्रोत की भी गहन जांच कर रही है। 👉 यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि नशा और छोटी-सी बात पर हुआ विवाद कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकता है।

बेमेतरा में दिल दहला देने वाली वारदात

✍️ भागीरथी यादव   पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या की, फिर खेत में कर ली आत्महत्या दो साल पहले हुई थी शादी, गांव में पसरा मातम बेमेतरा जिले से एक खौफनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरबीजा चौकी अंतर्गत सलधा मजगांव में एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी, फिर खुद खेत में जाकर आत्महत्या कर ली। एक ही परिवार में दो-दो मौतों से पूरे इलाके में हड़कंप और मातम का माहौल है। दो शव मिलने से गांव में मची अफरा-तफरी बुधवार सुबह जब ग्रामीणों ने खेत में युवक का शव देखा, तो खबर आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही देवरबीजा पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान गांव के एक मकान से महिला का शव भी बरामद हुआ। इसके बाद मामला दोहरी मौत में बदल गया। मृतक दंपति की पहचान पुलिस ने मृतकों की पहचान सालिक साहू और उसकी पत्नी सावित्री साहू के रूप में की है। दोनों की शादी महज दो वर्ष पूर्व हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति सालिक साहू ने पहले अपनी पत्नी सावित्री की गला दबाकर हत्या की और फिर खेत में जाकर खुदकुशी कर ली। घरेलू विवाद की आशंका पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि यह घटना पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में देवरबीजा चौकी पुलिस परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है। मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। एसडीओपी बेमेतरा कौशल्या साहू ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। गांव में पसरा सन्नाटा इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और शोक का माहौल है। लोग स्तब्ध हैं कि महज दो साल पहले शादी के बंधन में बंधा यह दंपति इस तरह मौत के आगोश में चला गया।

कोटमीसोनार में चाकू लहराने वाला बदमाश गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   रेलवे स्टेशन के पास दहशत, पुलिस ने निकाला जुलूसहत्या के प्रयास का आरोपी निकला आदतन अपराधी जांजगीर-चांपा – जिले के कोटमीसोनार क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर चाकू लहराकर लोगों को डराने-धमकाने वाले एक बदमाश को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कोटमीसोनार रेलवे स्टेशन के पास एक युवक हाथ में लोहे का चाकू लेकर आने-जाने वाले लोगों को धमका रहा था, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान प्रियांशु यादव उर्फ यूडी, निवासी आजाद चौक, अकलतरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लोहे का चाकू बरामद किया है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रियांशु यादव कोई नया नाम नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस अब उसका हिस्ट्रीशीट तैयार कर रही है। अपराधियों को चेतावनी, पुलिस ने निकाला जुलूस गिरफ्तारी के बाद कोटमीसोनार पुलिस ने आरोपी का जुलूस निकालकर इलाके में घुमाया, ताकि असामाजिक तत्वों में साफ संदेश जाए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

छह माह बाद भी नहीं ज्वाइनिंग, 11 शिक्षक रडार पर जेडी का बड़ा एक्शन: डीईओ–बीईओ की जांच टीम गठित, बर्खास्ती तक की तैयारी

    जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण को करीब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन अब भी 11 मिडिल स्कूल शिक्षक नए स्कूलों में पदभार ग्रहण किए बिना बैठे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन शिक्षकों के अभ्यावेदन पहले ही अमान्य घोषित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जानबूझकर ज्वाइनिंग नहीं देने से बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से बाधित हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक (जेडी) आरपी आदित्य ने कड़ा रुख अपनाया है। जेडी ने डीईओ और बीईओ की संयुक्त जांच टीम गठित कर ऐसे शिक्षकों के खिलाफ जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से पदभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। जून में हुआ था युक्तियुक्तकरण, 750 से अधिक शिक्षक प्रभावित शासन के आदेश पर जून माह में जिले में करीब साढ़े सात सौ शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया था। शहर व आसपास के स्कूलों में आवश्यकता से अधिक पदस्थ शिक्षकों को शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में भेजा गया। कई शिक्षक हाईकोर्ट पहुंचे, जहां से कुछ को राहत मिली। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला और संभाग स्तरीय समितियों में भी अभ्यावेदन प्रस्तुत किए गए। हालांकि 11 मिडिल स्कूल शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली और उनके आवेदन अमान्य कर दिए गए। वेतन पहले ही रोका, अब सेवा पर संकट शासन के आदेश पर इन शिक्षकों का वेतन पहले ही रोका जा चुका है, फिर भी वे नए स्कूलों में उपस्थित दर्ज नहीं करा रहे। अब जेडी स्तर से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद नौकरी जाने तक की कार्रवाई संभव है। निलंबन नहीं, सीधे बर्खास्ती की तैयारी दूर-दराज के स्कूलों में जाने से बच रहे शिक्षकों पर अब निलंबन की जगह सीधे बर्खास्ती का रास्ता अपनाया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि निलंबन से शिक्षकों को लाभ मिलता है, इसलिए अब शासन को बर्खास्ती की अनुशंसा या ब्रेक इन सर्विस जैसी कठोर कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। प्राइमरी स्कूल के 9 शिक्षक भी घेरे में मामला यहीं नहीं थमा है। जिले के प्राइमरी स्कूलों के 9 शिक्षक भी नई पोस्टिंग मिलने के बावजूद पदभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी डीईओ को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसे लेकर संयुक्त संचालक ने डीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं। संकेत हैं कि इन शिक्षकों के खिलाफ भी जल्द जांच दल गठित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं प्रशासन का साफ संदेश है—शासन के आदेशों की अवहेलना और बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद जिले में अब तक की सबसे सख्त शिक्षक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

विदेश दौरे पर तेजस्वी, इधर राजद में बगावत तेज: पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने छोड़ी पार्टी, नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जहां विदेश दौरे पर हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है और एक के बाद एक बड़े चेहरे राजद का साथ छोड़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने राजद को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने प्रदेश राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। अशोक कुमार गुप्ता ने अपना त्यागपत्र प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को भेजा है। “राजद में कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं” इस्तीफे के बाद अशोक कुमार गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजद में कार्यकर्ताओं का कोई मान-सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा, “छोटे कार्यकर्ताओं की बात तो दूर, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करता है। अन्य राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता है, लेकिन राजद में ऐसी कोई संस्कृति नहीं दिखती।” अशोक गुप्ता ने पार्टी के ए-टू-जेड और सामाजिक न्याय के नारों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ये नारे सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं, जबकि टिकट वितरण के समय इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। नई राजनीतिक पारी के संकेत अशोक कुमार गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि वे अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत किस दल से करेंगे, इसका फैसला खरमास के बाद लिया जाएगा। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर तेज हो गया है। पहले भी झटके झेल चुकी है राजद गौरतलब है कि इससे पहले राजद के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण भी पार्टी छोड़ चुके हैं। बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके 74 वर्षीय विजय कृष्ण ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखकर दलगत और सक्रिय राजनीति से अलग होने की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। तेजस्वी विदेश में, पार्टी में संकट एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। लगातार हो रहे इस्तीफे यह संकेत दे रहे हैं कि चुनावी हार के बाद राजद में आंतरिक संकट गहराता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में राजद को और भी बड़े सियासी झटकों का सामना करना पड़ सकता है।

कोरबा में भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, साजिशकर्ता समेत सभी आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा, 24 दिसंबर। कोरबा जिले को झकझोर देने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत बिंझरा के सदस्य अक्षय गर्ग की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए महज 24 घंटे के भीतर साजिशकर्ता से लेकर हत्यारों तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे से न केवल पुलिस की कार्यकुशलता सामने आई है, बल्कि जिले में फैली दहशत पर भी अंकुश लगा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी डॉ. संजीव शुक्ला स्वयं कटघोरा पहुंचे, जबकि पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा थाना अंतर्गत जटगा पुलिस सहायता केंद्र में कैंप लगाकर पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली। कप्तान के नेतृत्व में गठित तकनीकी व विशेष टीमों ने लगातार काम करते हुए कुछ ही घंटों में हत्या की साजिश की परतें खोल दीं। ऐसे रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश एक दिन पहले ही रच ली गई थी, लेकिन मौके के अभाव में अगले दिन वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के दिन गुलशन दास बाइक से आगे-आगे चलकर अक्षय गर्ग की गतिविधियों की रेकी करता रहा। इसके बाद मौके पर पहुंचे मुख्य साजिशकर्ता मुस्ताक अहमद ने चाकू से हमला किया, जबकि विश्वजीत ओग्रे ने कुल्हाड़ी से जानलेवा वार कर अक्षय गर्ग की हत्या कर दी। आरोपी जिस चार पहिया वाहन (अर्बन क्रूज़र, CG 12 BF 4345) से घटनास्थल तक पहुंचे थे, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू, लोहे की टंगिया, खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन और अन्य अहम साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। हत्या की वजह: व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक रंजिश पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की जड़ में व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक रंजिश थी। मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ठेकेदारी के क्षेत्र में काम करना चाहता था, लेकिन अक्षय गर्ग के प्रभाव के कारण उसे क्षेत्र में अवसर नहीं मिल पा रहा था। पूर्व जनपद चुनाव में दोनों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। चुनाव में अक्षय गर्ग की जीत के बाद उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव बढ़ा, जबकि मुस्ताक का दबदबा कमजोर हुआ—यही बात धीरे-धीरे घातक रंजिश में बदल गई। गिरफ्तार आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद (27 वर्ष) – निवासी ग्राम मलदा, मुख्य साजिशकर्ता विश्वजीत ओग्रे (21 वर्ष) – निवासी ग्राम सिंघिया कोरबी गुलशन दास (26 वर्ष) – निवासी ग्राम मलदा एक 15 वर्षीय नाबालिग – विधि से संघर्षरत बालक सभी वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई में लिया गया है। इस पूरे अभियान में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितिश ठाकुर, एसडीओपी, कटघोरा थाना पुलिस और जिला पुलिस टीम की भूमिका को सराहनीय बताया जा रहा है। कोरबा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं और अपराधी कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, वे न्याय से बच नहीं सकते।  

रायगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर से टकराई बोलेरो — 2 की मौके पर मौत, 4 गंभीर

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोड़ातराई रोड पर जूटमिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत खड़े ट्रेलर से बोलेरो की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बोलेरो सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़गांव निवासी सभी लोग किसी काम से रायपुर गए थे और रात करीब साढ़े 9 बजे लौटते समय कोड़ातराई चौक के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बोलेरो पीछे से जा टकराई। टक्कर में बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे में कौशल मालाकार (42) और मनोहर नंदा (55) को सिर व शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उजेता डोंगरे (26), राज एक्का (13), देव अगरिया (13) और अभय सारथी (17) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जूटमिल पुलिस मौके पर पहुंची, शवों का पंचनामा कर घायलों को अस्पताल भेजा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

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