बिहार में बड़ा रेल हादसा: सीमेंट से लदी मालगाड़ी बेपटरी, हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट ठप, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें डायवर्ट
बिहार। जमुई जिले में रविवार तड़के हावड़ा–पटना–दिल्ली मेन लाइन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। सिमुलतला स्टेशन के पास सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई, जिससे रेलवे नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि कुछ डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे। 42 डिब्बों वाली इस मालगाड़ी के केवल 23 डिब्बे ही पटरी पर रह पाए। प्रमुख रूट प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी हादसे के बाद हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट पर ट्रेनों का परिचालन अस्त-व्यस्त हो गया। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। खासतौर पर रविवार, 28 दिसंबर 2025 को यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। वंदे भारत एक्सप्रेस का बदला मार्ग पटना–हावड़ा के बीच चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस (22348/22347) का रूट भी बदल दिया गया है। सामान्य तौर पर यह ट्रेन बाढ़, मोकामा, किउल, जमुई, झाझा और जसीडीह होकर गुजरती है, लेकिन हादसे के बाद रविवार को इसे पटना–गया रूट से संचालित किया गया। रूट परिवर्तन के कारण कई स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन सेवा नहीं मिल सकी। कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें डायवर्ट रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, हादसे का असर सिर्फ वंदे भारत तक सीमित नहीं है। आज जिन प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं— 18622 हटिया–पटना–पाटलिपुत्र एक्सप्रेस 13029 हावड़ा–मोकामा एक्सप्रेस पटना–धनबाद एक्सप्रेस बक्सर–टाटानगर एक्सप्रेस इसके अलावा दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली कई सुपरफास्ट और लंबी दूरी की ट्रेनों को पटना–गया और किउल–गया रेलखंड से डायवर्ट किया गया है। समय में बदलाव की आशंका गौरतलब है कि हावड़ा जंक्शन से नई दिल्ली के बीच कुल 21 साप्ताहिक और 4 दैनिक ट्रेनें चलती हैं। इनमें सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस (1449 किमी) है। रूट डायवर्जन के चलते इन ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव संभव है। रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेटेड स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। हादसे के बाद राहत और बहाली कार्य तेजी से जारी है।