
✍️ भागीरथी यादव
शांति भंग की साजिश नाकाम, 4 शातिर बदमाश BNSS की धारा 170 में जेल भेजे गए
बिलासपुर।
आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कोनी थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत क्षेत्र के चार चिन्हित शातिर गुंडा बदमाशों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, भय फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अपराध से पहले कार्रवाई, पुलिस की सक्रिय रणनीति
कोनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष निगरानी टीम लगातार आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि कुछ आदतन अपराधी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य संज्ञेय अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है।
BNSS 170 : अपराधियों के लिए चेतावनी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध से पहले हस्तक्षेप की नीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में शांति और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके।
जिन पर कसी कार्रवाई, उनके नाम
पुलिस द्वारा प्रतिबंधित और जेल भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं—
लक्की भारत (27 वर्ष), पिता: श्रीकांत भारत, निवासी: आवासपारा सेंदरी (काली मंदिर के पास)
भोलू यादव उर्फ राकेश यादव (26 वर्ष), पिता: सरजू यादव, निवासी: गोदामपारा, कोनी
भीमशंकर वर्मा (20 वर्ष), पिता: इतवारी वर्मा, निवासी: घुटकु, कोनी
सुनील यादव (20 वर्ष), पिता: संतोष यादव, निवासी: यादवपारा, कोनी
फिलहाल कोनी थाना क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।








