- कोरबा। दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत दर्रीघाट स्थित स्टॉप डेम के पास रविवार दोपहर

एक मासूम बच्चे का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने शव को देखकर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्यवाही शुरू की। बच्चे की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल घटना स्थल के आस-पास के क्षेत्रों में छानबीन जारी है और इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने घटना को दुखद बताते हुए शीघ्र जांच पूरी कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दर्रीघाट स्टॉप डेम के पास मिला बच्चे का शव, जांच में जुटी पुलिस
गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं में गिरने से तेंदुए की मौत, वन विभाग जांच में जुटा
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोनहीडबरी में एक तेंदुए की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, गांव से लगे खेत में बने एक खुले कुएं में ग्रामीणों ने तेंदुए को पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ रात के समय शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया होगा और अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या शिकार का पीछा करते हुए खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। गरियाबंद के वन मंडलाधिकारी (DFO) शासिगानंदन स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उनकी निगरानी में ही तेंदुए के शव को सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला गया। वन विभाग ने तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इलाके में शिकारियों द्वारा कोई जाल तो नहीं बिछाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






