
✍️ भागीरथी यादव
मनेन्द्रगढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों तथा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सी) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में आज उप जेल मनेन्द्रगढ़ का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को प्राप्त विधिक अधिकारों एवं मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण दल का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शैलेश कुमार तिवारी ने किया। उनके साथ कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लोकेश कुमार बंजारा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अमृता दिनेश मिश्रा तथा जिला विजिटर बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को निरुद्ध अवधि में मिलने वाली विधिक सहायता, स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवासीय व्यवस्था एवं भोजन की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी बंदियों को समय पर निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का जातिगत या अन्य भेदभाव नहीं किया जा रहा है। निरीक्षण बोर्ड ने बंदियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव भी सुने।
दल द्वारा जेल की अधोसंरचना, बैरकों की स्थिति, शौचालयों की स्वच्छता एवं रख-रखाव का निरीक्षण किया गया। साथ ही बंदियों को प्रदत्त भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई, जो संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में किसी भी प्रकार का भेदभाव सामने नहीं आया।
इसके अतिरिक्त जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां बंदियों को दी जा रही विधिक सहायता, परामर्श एवं सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने क्लीनिक के प्रभावी संचालन पर संतोष व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के 03 अक्टूबर 2024 के निर्णय के निर्देशों के अनुरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विजिटर बोर्ड, एमसीबी द्वारा उप जेल मनेन्द्रगढ़ का प्रत्येक तिमाही निरीक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक बंदी को उसके संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर एवं बिना भेदभाव के उपलब्ध हों।






