
ज्ञान शंकर तिवारी
पाली। पाली विकासखंड के निरधी धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में आ गई है। यहां तौल व्यवस्था को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश और असंतोष देखने को मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा तय मानक के विपरीत उनसे प्रति बोरी तय मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है, जिससे उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि प्रति कट्ठा 40 किलो धान की जगह 40 किलो 850 ग्राम से लेकर 41 किलो तक तौल की जा रही है। एक किसान ने बताया कि 2 क्विंटल धान बेचने पर उससे करीब 900 ग्राम अतिरिक्त धान लिया गया, जबकि दूसरे किसान ने दावा किया कि उससे हर कट्ठा में पूरे 41 किलो धान लिया गया। किसानों का कहना है कि यह खुला नियम उल्लंघन है।

मामले की पड़ताल के दौरान जब मीडिया टीम निरधी उपार्जन केंद्र पहुंची, तो तौल प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने की बात कहने पर हमाल ने अभद्र व्यवहार करते हुए इंकार कर दिया। बाद में एक किसान ने स्वयं तौल कराई, जिसमें वजन 40 किलो 850 ग्राम पाया गया।
किसानों का आरोप है कि यदि कोई किसान तौल को लेकर आपत्ति करता है या शिकायत की कोशिश करता है, तो उसे भविष्य में धान बेचने में परेशान किया जाता है। इसी डर के कारण अधिकांश किसान खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं और मीडिया से बात करने में भी संकोच कर रहे हैं।
निरधी उपार्जन केंद्र में किसान असहाय और मजबूर नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि धान बेचने के लिए वे पूरी तरह इसी केंद्र पर निर्भर हैं, इसलिए कर्मचारियों द्वारा बताए गए वजन को मानने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचता। नियमों के विरुद्ध हो रही तौल से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उपार्जन केंद्र में पारदर्शी और निष्पक्ष तौल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के हक की खुली लूट पर रोक लग






