
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर से दंतेवाड़ा तक फैला यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के भरोसे, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है। होटल व्यवसायी दीपक टंडन ने दंतेवाड़ा में पदस्थ DSP कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निजी संबंधों के दौरान उनसे बड़ी रकम ली गई और जब उन्होंने अपनी ही कमाई वापस मांगी, तो उन्हें धमकाया गया, दबाव बनाया गया और कथित तौर पर गुंडों से पिटवाया गया।

दीपक टंडन का कहना है कि उन्होंने भरोसे के आधार पर आर्थिक सहयोग किया था। उस वक्त तक सब ठीक था—लेकिन जैसे ही उन्होंने रकम वापसी की बात की, हालात बदलते चले गए।
उनके शब्दों में, “अपनी ही मेहनत की कमाई मांगना मेरे लिए गुनाह बना दिया गया।”
धमकियों से मारपीट तक
दीपक का आरोप है कि पैसे लौटाने की मांग के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। दबाव बनाने की कोशिशें की गईं और अंततः उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। उनका कहना है कि यह सिर्फ लेन-देन का विवाद नहीं रहा, बल्कि कानून के दुरुपयोग और एक आम आदमी को डराने का मामला बन गया है।

कार को लेकर नया मोड़
मामले में एक और गंभीर दावा सामने आया है। दीपक टंडन के अनुसार, उनकी पत्नी बर्खा टंडन के नाम पर पंजीकृत Toyota Hyryder कार इस समय DSP कल्पना वर्मा के पास है।
दीपक का आरोप है कि कई बार मांग करने के बावजूद कार वापस नहीं की जा रही। उनका कहना है कि अब यह मामला केवल पैसों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी निजी संपत्ति से भी जुड़ गया है।



“कानून से ही इंसाफ चाहता हूं”
दीपक टंडन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मैं एक आम नागरिक हूं। मैंने सिर्फ अपनी रकम और अपनी संपत्ति वापस मांगी है। अगर इसके बदले मुझे डराया जाए और पिटवाया जाए, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।”
प्रदेशभर में चर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग
मामला सामने आते ही प्रदेशभर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दीपक टंडन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आम लोगों का कानून व प्रशासन पर भरोसा बना रहे।
यह कहानी एक सवाल छोड़ जाती है—
जब एक आम नागरिक अपनी ही कमाई और संपत्ति के लिए न्याय मांगता है, तो क्या उसे डर और हिंसा का सामना करना पड़ेगा, या उसे कानून का सहारा मिलेगा?






