
✍️ भागीरथी यादव
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है। शादी का झांसा देकर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती कर बीच मझधार में छोड़ने वाले आरोपी कार्तिक जायसवाल (25 वर्ष) को अदालत ने सख्त सजा सुनाई है। FTSC (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
शादी का झांसा देकर लूटी अस्मत
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। आरोपी कार्तिक जायसवाल पिछले दो साल से नाबालिग को पसंद करने और शादी करने का झांसा दे रहा था। जुलाई 2024 की एक रात उसने बहला-फुसलाकर पीड़िता को अपने पुराने घर बुलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
कोरबा तक किया पीछा, पीड़िता हुई 5 माह की गर्भवती
घटना के बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ कोरबा शिफ्ट हो गई थी, लेकिन आरोपी ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। जब पीड़िता के माता-पिता काम पर बाहर जाते, तब कार्तिक वहां पहुंचकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इसी दौरान नाबालिग 5 माह की गर्भवती हो गई। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने 7 दिसंबर 2024 को खरसिया थाने में मामला दर्ज कराया।
न्यायालय का कड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा से दंडित किया:
सजा: 20 वर्ष का कठोर कारावास।
अर्थदंड: 5 हजार रुपये का जुर्माना।
अतिरिक्त सजा: जुर्माना न भरने पर 4 माह की अतिरिक्त जेल






