
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा/हिसार।
हरियाणा की पावन भूमि पर रविवार, 28 दिसंबर 2025 को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण साक्षी बना, जब संत रामपाल जी महाराज को ‘किसान जीवन रक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया। हिसार जिले के डाया गांव में आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान किसानों के हित में उनके निरंतर मार्गदर्शन, समाज सुधारक विचारधारा और मानव कल्याण हेतु किए गए निःस्वार्थ प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

इस सम्मान समारोह की विशेषता यह रही कि हरियाणा के जींद जिले के जुलाना क्षेत्र की किसान एसोसिएशन द्वारा संत रामपाल जी महाराज को यह सम्मान प्रदान किया गया, वहीं इसका सीधा प्रभाव देश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा ब्लॉक अंतर्गत ढेलवाडीह स्थित जागृति क्लब, बगदेवा कॉलोनी में इसी अवसर पर एक दिवसीय जिला स्तरीय सत्संग सेवा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर कबीर साहेब जी एवं उनके अवतार, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की कृपा से शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ हुए सत्संग में कोरबा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सत्संग के दौरान संत रामपाल जी महाराज के अमृतवचनों का सीधा लाइव प्रसारण किया गया, जिसे संगत ने अत्यंत श्रद्धा, शांति और एकाग्रता के साथ सुना। सत्संग में नशामुक्त समाज, सामाजिक कुरीतियों के त्याग, शाकाहारी जीवनशैली, सदाचार और सच्ची भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उनके आध्यात्मिक संदेशों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘किसान जीवन रक्षक सम्मान’ समारोह का भी लाइव प्रसारण जागृति भवन में किया गया। किसानों के हित में प्राकृतिक खेती, अहिंसक जीवनशैली और नशामुक्त समाज के संदेश के लिए संत रामपाल जी महाराज को सम्मानित किए जाने पर संगत ने तालियों और जयघोष के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अवसर पर जिला संयोजक अजय कुर्रे, सुमिरन सिंह, गोपाल केंवट, हरवंस गवेल, गया दास, चेतन दास, संतोष एडवोकेट, बाबू दास, दिलीप बरेठ, शिवनारायण जगत, पंचराम पाटिल एवं उमाशंकर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे सत्संग आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज का आध्यात्मिक ज्ञान आज के दौर में मानव समाज और विशेषकर किसानों के लिए अत्यंत प्रासंगिक और मार्गदर्शक है।
कार्यक्रम के दौरान सेवादारों द्वारा व्यवस्था को पूरी तरह सुव्यवस्थित बनाए रखा गया। संगत ने अनुशासन, समयबद्धता और सेवा भाव का परिचय दिया। अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सेवादारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।






