
✍️ रिपोर्ट: सुशील जायसवाल
📍 कोरबी-चोटिया (पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक)
पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत घुंचापुर के आश्रित सखोदा मोहल्ला में पिछले 8 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, 26 मार्च को जंगल में भोजन की तलाश कर रहे एक मादा भालू और उसके दो शावक 11 केवी बिजली लाइन के खंभे के अर्थिंग तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में तीनों भालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ही सुरक्षा कारणों के चलते क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जो अब तक बहाल नहीं हो सकी है।
सखोदा मोहल्ला घने जंगलों से घिरा हुआ है और हसदेव डुबान क्षेत्र के किनारे स्थित है। यहां लगभग एक दर्जन आदिवासी परिवार निवास करते हैं, जिनका मुख्य आजीविका स्रोत खेती-किसानी है। गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए करीब 25 किलोमीटर दूर से 11 केवी लाइन बिछाई गई है, जो वर्तमान में बंद पड़ी है।
बिजली गुल रहने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। वहीं, सभी घरों में बिजली मीटर लगे होने के बावजूद आपूर्ति ठप रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इधर, स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे में पढ़ाई करना बेहद कठिन हो गया है।
यह क्षेत्र पहले से ही हाथी प्रभावित है। बिजली नहीं रहने के कारण रात में घना अंधेरा छा जाता है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं और जंगली जानवरों का खतरा और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
