
कोरबा | पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नई उम्मीद और मजबूत मंच के रूप में सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यह संगठन न केवल पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है, बल्कि असहाय, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों के लिए भी सहारा बनकर सामने आया है।

कोरबा जिले में निवासरत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने बताया कि सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ का उद्देश्य पत्रकारों को एकजुट करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और पत्रकार सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास करना है। संगठन राज्यभर में सक्रिय होकर पत्रकारों से जुड़े शोषण, बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहा है।
पत्रकारों को जोड़ने और सशक्त करने का संकल्प
प्रदेशाध्यक्ष बंजारे ने बताया कि महासंघ पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराता है, जहां वे अपनी समस्याओं को खुलकर रख सकें और समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास कर सकें। संगठन का फोकस केवल पत्रकारिता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन वर्गों तक भी पहुंचना है जो असहाय और पीड़ित हैं।
महासंघ के प्रमुख उद्देश्य
पत्रकारों के बीच एकता और संगठनात्मक मजबूती
पत्रकारों के शोषण और उत्पीड़न को रोकना
बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना
असहाय और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने में सहयोग
पत्रकारों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ना
जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्य
सर्व पत्रकार एकता महासंघ द्वारा समय-समय पर सामूहिक बैठकें, पत्रकार सम्मान समारोह और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोरबा जिले में संगठन की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और अब अन्य जिलों से भी पत्रकार इससे जुड़ रहे हैं, जिससे महासंघ को नई ऊर्जा और मजबूती मिल रही है।
छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलाव की दिशा में पहल
महासंघ का मानना है कि सशक्त और सुरक्षित पत्रकारिता ही लोकतंत्र की मजबूत नींव है। इसी सोच के साथ संगठन छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ आज न सिर्फ पत्रकारों का संगठन है, बल्कि न्याय, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभर रहा है।






